पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर पंजाब साझा मुलाजिम मंच के बैनर तले क्लेरिकल स्टाफ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों की अनदेखी से नाराज कर्मचारी आज पंजाब और चंडीगढ़ के सभी सरकारी दफ्तरों में मास लीव पर रहेंगे। इतना ही नहीं, विरोध के इस नए चरण में कर्मचारी चंडीगढ़-मोहाली में मोहनजीत पर हुए हमले के खिलाफ में काले कपड़े पहनकर भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप होने के आसार हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने, डीए की बकाया किश्तें देने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था। लेकिन साढ़े चार साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी सरकार केवल विज्ञापनों तक सीमित है और ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। कोर्ट-कचहरी और तकनीकी पेचों में कर्मचारियों के हकों को उलझाया जा रहा है। इसी वादा खिलाफी से आहत होकर साझा मुलाजिम मंच ने सरकार के खिलाफ 12 सवालों का जवाब मांगा है। साझा मुलाजिम मंच के सरकार से 12 सवाल, जानिए… 1. विधायकों की पेंशन में बढ़ोतरी: विधायकों (MLA) की पेंशन 15% से बढ़ाकर 60% क्यों की? इसके बारे में सरकार जनता को भी जवाब दे। 2. धरनों से सत्ता तक का रुख: सत्ता में आने से पहले आप खुद कर्मचारियों के साथ धरनों पर बैठते थे, अब वही कर्मचारी आपके लिए बुरे कैसे हो गए? 3. विज्ञापनों पर फिजूलखर्ची: साढ़े 4 साल में अपनी झूठी मशहूरी और विज्ञापनों पर कितना पैसा खर्च किया? केवल झूठे विज्ञापन लगाकर लोगों को गुमराह किया गया है। 4. हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती: अगर कर्मचारी आपके परिवार का हिस्सा हैं, तो हाईकोर्ट में हारने के बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट क्यों गई? असली प्रोपेगैंडा सरकार ही फैला रही है। 5. पे-स्केल कर्मचारियों का हक: पे स्केल देकर कोई अहसान नहीं किया जा रहा, यह कर्मचारियों का हक है। पिछली सरकारें कभी इस मुद्दे पर कोर्ट नहीं गईं, आप पंजाब के लोगों से धोखा कर रहे हैं। 6. हक की लड़ाई: क्या कर्मचारी सरकार से कोई भीख मांग रहे हैं? अपने खून-पसीने का बनता हक मांग रहे हैं। 7. पुरानी पेंशन और डीए का वादा: कर्मचारियों का मुद्दा सिर्फ डीए (DA) का नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) का भी है, जिसका वादा करके आप सत्ता में आए थे। क्या सरकार अपना वादा भूल गई? 8. समर्थकों का विरोध: जो कर्मचारी फूलों की वर्षा करके आपको सत्ता में लाए थे, आज वही आपके विरोध में सड़कों पर उतरने को मजबूर क्यों हैं? 9. वेतन में दोहरा रवैया: अगर सरकार को लगता है कि कर्मचारी अधिक वेतन ले रहे हैं, तो क्लास-1 अधिकारियों को 60% DA क्यों मिल रहा है? 10. नौकरियों का सच: विज्ञापनों में 72,000 नौकरियां देने का दावा किया जाता है, लेकिन क्या कभी बताया कि पहले 3 साल कितना कम वेतन मिलता है और बाद में सड़कों पर धक्के खाने पड़ते हैं? 11. हर वर्ग में नाराजगी: अगर आपकी सरकार इतनी ही अच्छी है, तो किसान, मजदूर और कर्मचारी सब काम छोड़कर सड़कों पर क्यों भटक रहे हैं? 12. पंजाब की आर्थिक स्थिति: पंजाब के लोगों को बताएं कि अपने साढ़े 4 साल के कार्यकाल में राज्य की कौन-कौन सी संपत्तियों और संसाधनों को गिरवी रख दिया गया।
बंद को सफल बनाने के लिए यूनियन ने बनाई ये रणनीति, जानिए… मान भत्ता वर्कर्स साझा मोर्चा की मोहाली में रैली मुलाजिम नेता जरमनजीत सिंह ने बताया कि मान भत्ता वर्कर्स साझा मोर्चा की ओर से आशा कार्यकर्ताओं, फैसिलिटेटरों, मिड-डे मील वर्करों और सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करवाने के लिए 8 सितंबर को मोहाली में रैली की जा रही है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन इस रैली को पूरा समर्थन देगा। पंजाब सरकार से इन कर्मचारियों को तुरंत न्यूनतम वेतन के दायरे में लाने की मांग करेगा।

