समस्तीपुर के उजान गांव में प्रसाद खाने से बीमार होने वाले ग्रामीणों की संख्या बढ़कर 65 हो गई है। सभी मरीजों का उपचार बिथान पीएचसी में कराया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार के नेतृत्व में मेडिकल टीम कैंप कर रही है। सभी मरीज खतरे से बाहर हैं और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। प्रारंभिक जांच में मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। जानकारी मिलने के बाद स्थानीय विधायक राजकुमार राय भी मरीजों से मिलने पहुंचे। अस्पताल में एडमिट मरीजों का हाल जाना और डॉक्टरों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पेट दर्द, उल्टी की शिकायत ग्रामीणों के अनुसार, गांव के रामशकल यादव के पोते का मुंडन संस्कार गुरुवार को था। इस अवसर पर सत्यनारायण भगवान की पूजा आयोजित की गई थी। पूरे गांव में प्रसाद का वितरण किया गया। शुक्रवार दोपहर बाद लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई। शुरुआत में ग्रामीणों ने गांव के ही डॉक्टर से इलाज कराया, लेकिन शाम होते-होते बीमार पड़ने वालों की संख्या बढ़ती चली गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी गई। सड़े केले के इस्तेमाल की चर्चा ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि प्रसाद बनाने में सड़ा हुआ केला इस्तेमाल किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से फूड पॉइजनिंग की समस्या हुई। हालांकि, बीमारी के वास्तविक कारण की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। ग्रामीणों के अनुसार, केला बाजार से खरीदकर लाया गया था। ताजा और गर्म भोजन करने की सलाह सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि सभी बीमार ग्रामीणों की स्थिति स्थिर है। पीएचसी में आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मरीज दोबारा बीमार न पड़े, इसके लिए उन्हें ताजा और गर्म भोजन करने की सलाह दी गई है। साथ ही पानी उबालकर पीने को कहा गया है। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में स्लाइन सेट, पानी, दवाएं और ओआरएस उपलब्ध करा दिए गए हैं। मरीजों की निगरानी के लिए मेडिकल टीम फिलहाल तैनात रहेगी। समस्तीपुर के उजान गांव में प्रसाद खाने से बीमार होने वाले ग्रामीणों की संख्या बढ़कर 65 हो गई है। सभी मरीजों का उपचार बिथान पीएचसी में कराया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार के नेतृत्व में मेडिकल टीम कैंप कर रही है। सभी मरीज खतरे से बाहर हैं और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। प्रारंभिक जांच में मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। जानकारी मिलने के बाद स्थानीय विधायक राजकुमार राय भी मरीजों से मिलने पहुंचे। अस्पताल में एडमिट मरीजों का हाल जाना और डॉक्टरों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पेट दर्द, उल्टी की शिकायत ग्रामीणों के अनुसार, गांव के रामशकल यादव के पोते का मुंडन संस्कार गुरुवार को था। इस अवसर पर सत्यनारायण भगवान की पूजा आयोजित की गई थी। पूरे गांव में प्रसाद का वितरण किया गया। शुक्रवार दोपहर बाद लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई। शुरुआत में ग्रामीणों ने गांव के ही डॉक्टर से इलाज कराया, लेकिन शाम होते-होते बीमार पड़ने वालों की संख्या बढ़ती चली गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी गई। सड़े केले के इस्तेमाल की चर्चा ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि प्रसाद बनाने में सड़ा हुआ केला इस्तेमाल किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से फूड पॉइजनिंग की समस्या हुई। हालांकि, बीमारी के वास्तविक कारण की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। ग्रामीणों के अनुसार, केला बाजार से खरीदकर लाया गया था। ताजा और गर्म भोजन करने की सलाह सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि सभी बीमार ग्रामीणों की स्थिति स्थिर है। पीएचसी में आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मरीज दोबारा बीमार न पड़े, इसके लिए उन्हें ताजा और गर्म भोजन करने की सलाह दी गई है। साथ ही पानी उबालकर पीने को कहा गया है। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में स्लाइन सेट, पानी, दवाएं और ओआरएस उपलब्ध करा दिए गए हैं। मरीजों की निगरानी के लिए मेडिकल टीम फिलहाल तैनात रहेगी।

