आरा के चरपोखरी थाना क्षेत्र के गड़हनी नगर स्थित इस्लामगंज मोहल्ले में नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध करना सामाजिक कार्यकर्ता मो. जफी को महंगा पड़ गया। शुक्रवार की देर शाम बदमाशों ने घर में घुसकर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के मामले में मृतक की मां आमना खातून के बयान पर चरपोखरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें मो. आरजू, मो. वारिस, मो. दानिश, मो. सलीम अंसारी उर्फ बबलू, उसकी पत्नी जुलेखा, स्व. हजरत अंसारी की पत्नी संजीदा खातून और अभिषेक कुमार को नामजद आरोपित बनाया गया है। प्राथमिकी में आरोपितों में पिता-पुत्र और मां भी शामिल हैं। मां बोलीं- आंखों के सामने बेटे को मारी गोली प्राथमिकी के अनुसार, शुक्रवार की शाम करीब साढ़े सात बजे मो. जफी अपने घर पर थे। इसी दौरान नामजद आरोपित वहां पहुंचे। मृतक की मां आमना खातून का आरोप है कि उनकी आंखों के सामने ही मो. आरजू ने उनके पुत्र को गोली मार दी। इसके बाद आरजू के हाथ से पिस्तौल लेकर मो. वारिस ने भी जफी को दूसरी गोली मार दी। मां का आरोप है कि मुख्य आरोपित आरजू के पिता मो. सलीम अंसारी उर्फ बबलू ने घटना के दौरान ललकारा। जब वह अपने बेटे को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचीं तो आरोपितों ने उनके बाल पकड़कर उन्हें घर में पटक दिया। 81 लोगों ने पुलिस को दिया था आवेदन, मां का आरोप- नहीं हुई कार्रवाई मृतक की मां ने प्राथमिकी में बताया है कि उनके पुत्र मो. जफी समेत मोहल्ले के 81 लोगों ने 8 सितंबर को चरपोखरी पुलिस को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन दिया था। इसमें मोहल्ले में हेरोइन समेत अन्य मादक पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी। आरोप है कि आवेदन देने के बाद मादक पदार्थों की बिक्री में संलिप्त लोगों ने जफी समेत अन्य शिकायतकर्ताओं को डराना-धमकाना शुरू कर दिया था। मृतक की मां का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच शुक्रवार की शाम उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने पुलिस से सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरा के चरपोखरी थाना क्षेत्र के गड़हनी नगर स्थित इस्लामगंज मोहल्ले में नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध करना सामाजिक कार्यकर्ता मो. जफी को महंगा पड़ गया। शुक्रवार की देर शाम बदमाशों ने घर में घुसकर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के मामले में मृतक की मां आमना खातून के बयान पर चरपोखरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें मो. आरजू, मो. वारिस, मो. दानिश, मो. सलीम अंसारी उर्फ बबलू, उसकी पत्नी जुलेखा, स्व. हजरत अंसारी की पत्नी संजीदा खातून और अभिषेक कुमार को नामजद आरोपित बनाया गया है। प्राथमिकी में आरोपितों में पिता-पुत्र और मां भी शामिल हैं। मां बोलीं- आंखों के सामने बेटे को मारी गोली प्राथमिकी के अनुसार, शुक्रवार की शाम करीब साढ़े सात बजे मो. जफी अपने घर पर थे। इसी दौरान नामजद आरोपित वहां पहुंचे। मृतक की मां आमना खातून का आरोप है कि उनकी आंखों के सामने ही मो. आरजू ने उनके पुत्र को गोली मार दी। इसके बाद आरजू के हाथ से पिस्तौल लेकर मो. वारिस ने भी जफी को दूसरी गोली मार दी। मां का आरोप है कि मुख्य आरोपित आरजू के पिता मो. सलीम अंसारी उर्फ बबलू ने घटना के दौरान ललकारा। जब वह अपने बेटे को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचीं तो आरोपितों ने उनके बाल पकड़कर उन्हें घर में पटक दिया। 81 लोगों ने पुलिस को दिया था आवेदन, मां का आरोप- नहीं हुई कार्रवाई मृतक की मां ने प्राथमिकी में बताया है कि उनके पुत्र मो. जफी समेत मोहल्ले के 81 लोगों ने 8 सितंबर को चरपोखरी पुलिस को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन दिया था। इसमें मोहल्ले में हेरोइन समेत अन्य मादक पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी। आरोप है कि आवेदन देने के बाद मादक पदार्थों की बिक्री में संलिप्त लोगों ने जफी समेत अन्य शिकायतकर्ताओं को डराना-धमकाना शुरू कर दिया था। मृतक की मां का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच शुक्रवार की शाम उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने पुलिस से सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

