शेखपुरा में एक महीने तक चलने वाले नशा मुक्त बिहार अभियान के तहत उत्पाद विभाग ने जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में नुक्कड़ नाटक हुआ। लोगों ने नशा मुक्ति के सेल्फी पॉइंट पर फोटो भी खिंचवाईं। ऑडियो-वीडियो के जरिए नशे के नुकसान बताए खगड़िया से आए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने शराब के नुकसान बताए और लोगों को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया। कलाकारों ने नशे के खिलाफ गीत भी गाए। जिला उत्पाद अधीक्षक अविनाश प्रकाश ने बताया कि अभियान चार चरणों में चलेगा। पहले चरण में शहरी इलाकों में होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। नुक्कड़ नाटक के साथ एलईडी पर ऑडियो-वीडियो के जरिए नशे के नुकसान बताए जा रहे हैं। विश्व नशा मुक्ति दिवस पर दिए जाएंगे पुरस्कार दूसरे सप्ताह में जीविका दीदियों के साथ गांवों में अभियान चलाया जाएगा। तीसरे सप्ताह छठ के दौरान पर्व और परिवार के साथ नशा मुक्ति का संदेश दिया जाएगा। छठ घाटों पर होर्डिंग, बैनर और माइकिंग के जरिए लोगों को शराब और दूसरे नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। चौथे चरण में जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों के बीच वाद-विवाद, निबंध, चित्र लेखन और रंगोली प्रतियोगिताएं होंगी। विजेताओं को 26 नवंबर को विश्व नशा मुक्ति दिवस पर पुरस्कार दिए जाएंगे। शेखपुरा में एक महीने तक चलने वाले नशा मुक्त बिहार अभियान के तहत उत्पाद विभाग ने जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में नुक्कड़ नाटक हुआ। लोगों ने नशा मुक्ति के सेल्फी पॉइंट पर फोटो भी खिंचवाईं। ऑडियो-वीडियो के जरिए नशे के नुकसान बताए खगड़िया से आए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने शराब के नुकसान बताए और लोगों को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया। कलाकारों ने नशे के खिलाफ गीत भी गाए। जिला उत्पाद अधीक्षक अविनाश प्रकाश ने बताया कि अभियान चार चरणों में चलेगा। पहले चरण में शहरी इलाकों में होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। नुक्कड़ नाटक के साथ एलईडी पर ऑडियो-वीडियो के जरिए नशे के नुकसान बताए जा रहे हैं। विश्व नशा मुक्ति दिवस पर दिए जाएंगे पुरस्कार दूसरे सप्ताह में जीविका दीदियों के साथ गांवों में अभियान चलाया जाएगा। तीसरे सप्ताह छठ के दौरान पर्व और परिवार के साथ नशा मुक्ति का संदेश दिया जाएगा। छठ घाटों पर होर्डिंग, बैनर और माइकिंग के जरिए लोगों को शराब और दूसरे नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। चौथे चरण में जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों के बीच वाद-विवाद, निबंध, चित्र लेखन और रंगोली प्रतियोगिताएं होंगी। विजेताओं को 26 नवंबर को विश्व नशा मुक्ति दिवस पर पुरस्कार दिए जाएंगे।

