संभल में भी शुरू हुई महिष्मती नदी की खुदाई:मनोकामना तीर्थ से बुलडोजर के जरिए चला अभियान

संभल में भी शुरू हुई महिष्मती नदी की खुदाई:मनोकामना तीर्थ से बुलडोजर के जरिए चला अभियान

संभल में महिष्मती नदी के जीर्णोद्धार की कवायद अब कस्बा क्षेत्र में भी शुरू हो गई है। शुक्रवार शाम 4 से 7 बजे तक मनोकामना तीर्थ से बुलडोजर के जरिए नदी की खुदाई कराई गई। प्रशासन के मुताबिक, महिष्मती नदी की कुल लंबाई करीब 14 किलोमीटर है। यह ग्राम खगूपुरा से शुरू होकर चंदायन में सोत नदी में मिलती है। ग्रामीण क्षेत्र में करीब 8 किलोमीटर हिस्से की खुदाई पहले ही पूरी की जा चुकी है। सर्वे के बाद शुरू हुआ काम एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि महिष्मती नदी के जीर्णोद्धार का काम करीब दो महीने से चल रहा है। जिलाधिकारी की पहल पर शुरू हुए अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र में करीब 8 किलोमीटर लंबाई में खुदाई पूरी हो चुकी है। संभल कस्बा क्षेत्र में काम शुरू करने से पहले सर्वे कराया गया। इसके बाद शुक्रवार को मनोकामना तीर्थ से नदी की खुदाई शुरू की गई। नदी की जमीन पर अतिक्रमण का सर्वे एसडीएम ने बताया कि नदी की जमीन पर संभावित अतिक्रमण को सर्वे के माध्यम से चिह्नित किया गया है। अधिकांश स्थानों पर अतिक्रमण नहीं मिला। नदी की खुदाई के दौरान खेती करने वाले ग्रामीण भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। अभी तक किसी तरह के विरोध की सूचना नहीं है। पौराणिक महत्व से जुड़ी है नदी मनोकामना तीर्थ के ट्रस्टी अध्यक्ष माधव मिश्रा एडवोकेट ने बताया कि महिष्मती नदी का पौराणिक महत्व है। प्राचीन समय से यहां बहने वाली नदी समय के साथ जल प्रवाह खत्म होने के कारण लगभग विलुप्त हो गई थी। नदी के पुनर्जीवन की योजना को उन्होंने महत्वपूर्ण बताते हुए प्रशासन के प्रयास में सहयोग की बात कही। घाट विकसित करने की भी तैयारी माधव मिश्रा ने बताया कि मनोकामना तीर्थ की दीवार के किनारे से महिष्मती नदी के बहने का उल्लेख लेखपाल के नक्शे में भी है। योजना के तहत नदी में दोबारा जल प्रवाह शुरू करने के साथ घाट विकसित करने की तैयारी है। इससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक गतिविधियों में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर नदी के पुनर्जीवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने में भी सहयोग किया जाएगा।

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