फरीदाबाद में संपत्ति हासिल करने के लिए ससुर की हत्या की साजिश रचने वाली बहू और उसके प्रेमी को अदालत ने दोषी करार दिया है। बल्लभगढ़ की फ्रेंड्स कॉलोनी में 20 जनवरी 2022 की रात भरत सिंह भाटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में एडिशनल सेशन जज केपी सिंह की अदालत ने गीता और उसके प्रेमी दलीप उर्फ सैंडी उर्फ कालिया को दोषी ठहराया है। दोनों फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। अदालत ने 21 अक्टूबर को सजा सुनाने के लिए दोनों को पेश करने के आदेश दिए हैं। संपत्ति के लिए ससुर से था विवाद भरत सिंह भाटी के नाम संपत्ति थी। उनका विनोद नाम का सौतेला बेटा था, जिसकी पत्नी गीता संपत्ति अपने नाम कराना चाहती थी। इसके लिए वह ससुर पर दबाव बना रही थी, लेकिन भरत सिंह तैयार नहीं थे। इसी विवाद के चलते गीता ने ससुर की हत्या की साजिश रची। इससे पहले भरत सिंह के बेटे सूरज की 20 जनवरी 2021 को ट्रेन से कटने से मौत हो गई थी। सूरज की पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके चली गई थी। प्रेमी को हथियार के लिए दिए चार हजार रुपये गीता की गुरुग्राम निवासी दलीप उर्फ सैंडी उर्फ कालिया से करीब छह-सात साल से जान-पहचान थी। गीता ने हत्या की योजना में उसका साथ लिया। सैंडी पहले जेल में सजा काट चुका था और उसके खिलाफ हत्या के कई मामले दर्ज थे। गीता ने उसकी जमानत कराने में भी मदद की थी। आरोप के मुताबिक, कट्टा खरीदने के लिए गीता ने सैंडी को चार हजार रुपये दिए थे। सैंडी ने उसे कट्टा, दो कारतूस और नींद की गोलियां दीं। पहले खाने में मिलाई गोलियां, फिर मारी गोली 20 जनवरी 2022 की रात गीता ने खाने में नींद की गोलियां मिलाकर भरत सिंह को खिला दीं। इसके बाद उसने सैंडी को घर बुलाया। ससुर के सो जाने पर सैंडी ने उन्हें गोली मार दी। वारदात के बाद दोनों मौके से फरार हो गए और बदरपुर बॉर्डर के पास किराये पर कमरा लेकर रहने लगे। बदरपुर से गिरफ्तार हुए दोनों आरोपी मामले की जांच क्राइम ब्रांच डीएलएफ को सौंपी गई थी। टीम ने बदरपुर से गीता को गिरफ्तार किया और बाद में सैंडी को भी पकड़ लिया। इसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन रहा। अब सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया है। 21 अक्टूबर को सजा पर फैसला सुनाया जाएगा।

