श्री चरणी के चार विकेट, पहले महिला ODI में भारत ने जिम्बाब्वे को 197 पर रोका

श्री चरणी के चार विकेट, पहले महिला ODI में भारत ने जिम्बाब्वे को 197 पर रोका

श्री चरणी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार विकेट झटके जिससे भारत ने शुक्रवार को यहां पहले महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जिम्बाब्वे को 197 रन पर समेट दिया। जिम्बाब्वे के लिए बिलव्ड बीजा ने 62 रन की अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन इसके बावजूद टीम 200 रन के अंदर सिमट गई। श्री चरणी ने 10 ओवर में 23 रन देकर चार विकेट झटककर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।उन्होंने अहम मौकों पर विकेट चटकाकर जिम्बाब्वे की पारी को झकझोर दिया। क्रांति गौड़ (42 रन देकर तीन विकेट) ने भी उनका अच्छा साथ निभाया। दोनों ने यहां कोटांबी के बल्लेबाजी के मुफीद विकेट पर जिम्बाब्वे को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिकवा (25) और चिपो मुगेरी टिरिपानो (21) को आउट करके जिम्बाब्वे को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद उन्होंने न्याशा ग्वांजुरा (13) और खतरनाक दिख रही मिशेल मावुंगा को पवेलियन भेजकर भारत का दबदबा बनाए रखा। वहीं क्रांति ने शुरुआती ओवरों में दो कैच छूटने के बावजूद अपना ध्यान नहीं भटकने दिया और तीन विकेट हासिल किए।इनमें बीजा का अहम विकेट भी शामिल था। जिम्बाब्वे की चौथे नंबर की बल्लेबाज बीजा ने सतर्कता और आक्रामकता का अच्छा मिश्रण दिखाया। उन्होंने एक छोर संभालते हुए 92 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 62 रन बनाए।पर दूसरे छोर पर उन्हें साथ नहीं मिला। भारत ने भले ही मैदान पर दबदबा बनाया हो लेकिन एक बार फिर खराब क्षेत्ररक्षण देखने को मिला और टीम ने कुछ आसान कैच टपका दिए। जिम्बाब्वे की सलामी बल्लेबाज मुपाचिकवा और तीसरे नंबर की बल्लेबाज मुगेरी टिरिपानो को जीवनदान मिले।तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर गौड़ की ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर बाएं हाथ की बल्लेबाज मुगेरी टिरिपानो ने ड्राइव खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर पीछे गई। विकेटकीपर ऋचा घोष आसान कैच पकड़ने में नाकाम रहीं। आठवें ओवर में मुपाचिकवा ने गौड़ की वाइड गेंद पर जोरदार शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर दूसरी स्लिप में खड़ी दीप्ति शर्मा (44 रन देकर दो विकेट) के पास चली गई।हालांकि दीप्ति ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से छिटक गई। बाद में जब मावुंगा तेजी से रन बना रही थीं, तब 40वें ओवर में दीप्ति की गेंद पर उन्हें जीवनदान मिला। क्रांति गौड़ के पास डीप मिडविकेट पर उनका जोरदार शॉट लपकने का मौका था, लेकिन वह यह मुश्किल कैच नहीं पकड़ सकीं। 

श्री चरणी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार विकेट झटके जिससे भारत ने शुक्रवार को यहां पहले महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जिम्बाब्वे को 197 रन पर समेट दिया। जिम्बाब्वे के लिए बिलव्ड बीजा ने 62 रन की अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन इसके बावजूद टीम 200 रन के अंदर सिमट गई। श्री चरणी ने 10 ओवर में 23 रन देकर चार विकेट झटककर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

उन्होंने अहम मौकों पर विकेट चटकाकर जिम्बाब्वे की पारी को झकझोर दिया। क्रांति गौड़ (42 रन देकर तीन विकेट) ने भी उनका अच्छा साथ निभाया। दोनों ने यहां कोटांबी के बल्लेबाजी के मुफीद विकेट पर जिम्बाब्वे को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।

बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिकवा (25) और चिपो मुगेरी टिरिपानो (21) को आउट करके जिम्बाब्वे को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद उन्होंने न्याशा ग्वांजुरा (13) और खतरनाक दिख रही मिशेल मावुंगा को पवेलियन भेजकर भारत का दबदबा बनाए रखा। वहीं क्रांति ने शुरुआती ओवरों में दो कैच छूटने के बावजूद अपना ध्यान नहीं भटकने दिया और तीन विकेट हासिल किए।

इनमें बीजा का अहम विकेट भी शामिल था। जिम्बाब्वे की चौथे नंबर की बल्लेबाज बीजा ने सतर्कता और आक्रामकता का अच्छा मिश्रण दिखाया। उन्होंने एक छोर संभालते हुए 92 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 62 रन बनाए।

पर दूसरे छोर पर उन्हें साथ नहीं मिला। भारत ने भले ही मैदान पर दबदबा बनाया हो लेकिन एक बार फिर खराब क्षेत्ररक्षण देखने को मिला और टीम ने कुछ आसान कैच टपका दिए। जिम्बाब्वे की सलामी बल्लेबाज मुपाचिकवा और तीसरे नंबर की बल्लेबाज मुगेरी टिरिपानो को जीवनदान मिले।

तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर गौड़ की ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर बाएं हाथ की बल्लेबाज मुगेरी टिरिपानो ने ड्राइव खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर पीछे गई। विकेटकीपर ऋचा घोष आसान कैच पकड़ने में नाकाम रहीं। आठवें ओवर में मुपाचिकवा ने गौड़ की वाइड गेंद पर जोरदार शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर दूसरी स्लिप में खड़ी दीप्ति शर्मा (44 रन देकर दो विकेट) के पास चली गई।

हालांकि दीप्ति ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से छिटक गई। बाद में जब मावुंगा तेजी से रन बना रही थीं, तब 40वें ओवर में दीप्ति की गेंद पर उन्हें जीवनदान मिला। क्रांति गौड़ के पास डीप मिडविकेट पर उनका जोरदार शॉट लपकने का मौका था, लेकिन वह यह मुश्किल कैच नहीं पकड़ सकीं।

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