शेखपुरा में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित करने की पहल तेज हो गई है। शनिवार को डीएम शेखर आनंद ने शेखोंपुरसराय प्रखंड के खुड़िया बाजितपुर गांव पहुंचकर इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम के लिए चिन्हित जमीन का जायजा लिया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य खुड़िया बाजितपुर समेत आसपास के महादलित टोलों के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है। एक ही परिसर में मुर्गी, मछली और सब्जी उत्पादन डीएम ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजना को जल्द धरातल पर उतारने और उत्पादन शुरू कराने का निर्देश दिया। योजना के तहत मुर्गी पालन, नए तालाब का निर्माण कर मछली पालन और आधुनिक तकनीक से हरी व मौसमी सब्जियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा। मनरेगा से बनेगी पक्की चहारदीवारी फार्मिंग स्थल की सुरक्षा और व्यवस्थित संचालन के लिए मनरेगा के तहत पक्की चहारदीवारी बनाने का भी निर्देश दिया गया है। इससे फार्मिंग परिसर को सुरक्षित रखने के साथ विभिन्न गतिविधियों को एक ही स्थान पर संचालित करने में मदद मिलेगी। जीविका और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी योजना में जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा। इससे स्थानीय महिलाओं और समूहों को उत्पादन गतिविधियों से जोड़कर आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। सरकारी कॉलेजों और छात्रावासों तक पहुंचेगा उत्पाद डीएम ने बताया कि फार्मिंग सिस्टम से तैयार मुर्गी, मछली और सब्जियों की सप्लाई जिले के सरकारी कॉलेजों और छात्रावासों में की जाएगी। इससे उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा और उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। शेखपुरा में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित करने की पहल तेज हो गई है। शनिवार को डीएम शेखर आनंद ने शेखोंपुरसराय प्रखंड के खुड़िया बाजितपुर गांव पहुंचकर इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम के लिए चिन्हित जमीन का जायजा लिया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य खुड़िया बाजितपुर समेत आसपास के महादलित टोलों के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है। एक ही परिसर में मुर्गी, मछली और सब्जी उत्पादन डीएम ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजना को जल्द धरातल पर उतारने और उत्पादन शुरू कराने का निर्देश दिया। योजना के तहत मुर्गी पालन, नए तालाब का निर्माण कर मछली पालन और आधुनिक तकनीक से हरी व मौसमी सब्जियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा। मनरेगा से बनेगी पक्की चहारदीवारी फार्मिंग स्थल की सुरक्षा और व्यवस्थित संचालन के लिए मनरेगा के तहत पक्की चहारदीवारी बनाने का भी निर्देश दिया गया है। इससे फार्मिंग परिसर को सुरक्षित रखने के साथ विभिन्न गतिविधियों को एक ही स्थान पर संचालित करने में मदद मिलेगी। जीविका और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी योजना में जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा। इससे स्थानीय महिलाओं और समूहों को उत्पादन गतिविधियों से जोड़कर आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। सरकारी कॉलेजों और छात्रावासों तक पहुंचेगा उत्पाद डीएम ने बताया कि फार्मिंग सिस्टम से तैयार मुर्गी, मछली और सब्जियों की सप्लाई जिले के सरकारी कॉलेजों और छात्रावासों में की जाएगी। इससे उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा और उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।

