लखनऊ के बलरामपुर गार्डन में चल रहे पुस्तक मेले में शनिवार को बड़ी संख्या में युवाओं पहुंचे। उम्रदराज पाठकों के साथ युवा भी किताबें देखते और खरीदते नजर आए। मेले में रेडियो, साहित्य, इतिहास, क्रांति और ai से जुड़ी किताबें आकर्षण का केंद्र रहीं। मुख्य मंच पर नवोन्मेष की ओर से कार्यक्रम किया गया। इसमें उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संतोष वाल्मीकि की किताब रेडियो कल और आज के अंग्रेजी संस्करण रेडियो पास्ट एंड प्रेजेंट का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि रेडियो ऐसा माध्यम रहा है, जिसे अमीर-गरीब, शहर और गांव-देहात हर जगह सुना जाता रहा है। पाठकों के बीच चर्चा हुईं इसके बाद संतोष वाल्मीकि का वृत्तचित्र रेडियो का सफरनामा दिखाया गया। मीडिया: सवाल भरोसे का विषय पर परिचर्चा भी हुई। सेतु प्रकाशन के स्टॉल पर योगेंद्र यादव की गणराज्य का स्वधर्म , कार्ल मार्क्स की जीवन गाथा, मैरी गैब्रियल की प्रेम और पूंजी , ममता कालिया की शेषकथा, राजीव कुमार की जहांआरा पादशाही बेगम और फ्रांज काफ्का की द ट्रायल पाठकों के बीच चर्चा में रहीं। वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर आजाद : कहानी क्रांति के कमांडर की, उपनिवेशवाद का अलौकिक साम्राज्य ,अनागत गांधी, राजाधिराज कृष्णदेवराय और स्वातंत्र्य और संवर्धन किताबें पसंद की गईं। वहीं बोधरस प्रकाशन की अनिमेष त्रिपाठी की एआई आधारित किताब कांशसनेस 2.0 भी आकर्षण का केंद्र रही। गजलों की शाम में रचनाकार सम्मानित साहित्यकार संसद और नमन प्रकाशन की ओर से गजलों की एक शाम रामप्रकाश बेखुद के नाम’ कार्यक्रम किया गया। कृपाशंकर विश्वास, सरलता जमाल, बद्र गोरखपुरी, रचना मिश्रा और नवीन शुक्ल नवीन ने गजलें पेश कीं। युवा रचनाकार मंच के 46वें स्थापना दिवस पर मुकुट बिहारी सरोज सम्मान से रचनाकार राजेंद्र वर्मा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मृदुल शर्मा, डंडा लखनवी, सुनील कुमार बाजपेयी और नवीन आवारा शामिल हुए।

