गोमती के बढ़ते जलस्तर से एमआर गोमती-ग्रीन्स में जलभराव:लखनऊ में RWA ने प्रशासन से समीक्षा बैठक की मांग की, बचाव की कार्ययोजना जरूरी

गोमती के बढ़ते जलस्तर से एमआर गोमती-ग्रीन्स में जलभराव:लखनऊ में RWA ने प्रशासन से समीक्षा बैठक की मांग की, बचाव की कार्ययोजना जरूरी

लखनऊ में गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर एमाआर गोमती ग्रीन्स और आसपास की आवासीय सोसाइटियों के लोगों में चिंता बढ़ गई है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति में सोसाइटी के आसपास जलभराव होने के साथ ही विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन और अन्य विद्युत उपकरणों की सुरक्षा को लेकर एमार गोमती ग्रीन्स रेजिडेंट्स एसोसिएशन (RWA) ने प्रशासन से तत्काल एहतियाती कदम उठाने की मांग की है। आरडब्ल्यूए ने जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, नगर निगम और विद्युत विभाग से क्षेत्र का निरीक्षण कर संभावित बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति की समीक्षा करने की मांग की है। देखिए 3 तस्वीरें… राहत-बचाव उपकरण पहले से उपलब्ध कराने का सुझाव एसोसिएशन के मुताबिक, नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के साथ ही सोसाइटी के आसपास जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखना जरूरी है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर पानी निकालने के लिए पंप, जनरेटर और राहत-बचाव उपकरण पहले से उपलब्ध कराए जाने चाहिए। प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय जरूरी आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह की दहशत फैलाना नहीं है, बल्कि संभावित खतरे को देखते हुए समय रहते प्रशासन को सतर्क करना है। यदि रात के समय जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होगा। राहत-बचाव टीमों के संपर्क नंबर सोसाइटी को उपलब्ध कराए एसोसिएशन ने मांग की है कि आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव टीमों के संपर्क नंबर सोसाइटी को उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही किसी संभावित आपात स्थिति में निकासी और बचाव की कार्ययोजना भी पहले से तैयार रखी जाए। विद्युत विभाग से सब-स्टेशन और अन्य विद्युत उपकरणों की सुरक्षा की भी समीक्षा करने को कहा गया है। समय रहते तैयारियां जरूरी, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील आरडब्ल्यूए ने सोसाइटी के निवासियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन तथा अधिकृत एजेंसियों की ओर से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। एसोसिएशन का कहना है कि समय रहते निगरानी और जरूरी तैयारियां पूरी होने से संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।

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