दरभंगा- 5 महीने से सैलरी नहीं, सुरक्षा गार्डों का धरना:बकाया भुगतान, हर महीने 10 तारीख तक वेतन की मांग; पावर ग्रिड के सामने बैठकर की नारेबाजी

दरभंगा- 5 महीने से सैलरी नहीं, सुरक्षा गार्डों का धरना:बकाया भुगतान, हर महीने 10 तारीख तक वेतन की मांग; पावर ग्रिड के सामने बैठकर की नारेबाजी

दरभंगा में पांच माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज दर्जनों सुरक्षा कर्मियों का रामनगर पावर ग्रिड, लहेरियासराय के मुख्य गेट के बाहर चल रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। सुरक्षा कर्मियों ने बकाया पांच माह के वेतन का जल्द भुगतान करने और आगे प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक वेतन देने की मांग की है। कर्मियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। सुरक्षा कर्मियों ने विद्युत अधीक्षण अभियंता को दिए आवेदन में बताया है कि वे आईएसआई कंपनी के माध्यम से सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। कर्मियों का आरोप है कि नौकरी पर बहाली के समय कुछ कर्मियों से 15 हजार और कुछ से 30 हजार रुपये लिए गए थे। कर्मियों के अनुसार, अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई थी। उनसे यह कहकर राशि ली गई थी कि यह रजिस्ट्रेशन फीस है। 16 सितंबर को भी दिया था धरना, आश्वासन के बाद खत्म किया था सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि पांच माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। दुकानदारों से राशन का बकाया हो गया है। परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इससे पहले 16 सितंबर को भी कर्मियों ने वेतन भुगतान की मांग को लेकर धरना दिया था। उस समय कार्यपालक अभियंता की ओर से 30 सितंबर तक वेतन भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया था। निर्धारित समय तक भुगतान नहीं होने पर कर्मियों ने एक अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी। पूनम देवी बोलीं- बच्चे के खाने-पीने, जरूरतों के लिए परेशानी हो रही धरना में शामिल सुरक्षा कर्मी पूनम देवी ने बताया कि वह करीब सात वर्षों से नौकरी कर रही हैं, लेकिन पांच माह से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के खाने-पीने और अन्य जरूरतों के लिए भी परेशानी हो रही है। उनकी मांग है कि पांच माह का बकाया वेतन जल्द दिया जाए और आगे हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन मिलने का दावा सुपरवाइजर आदर्श कुमार ने बताया कि उनका भी पांच माह का वेतन बकाया है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को सुरक्षा कर्मियों के धरने पर बैठने की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई थी। अधिकारियों की ओर से एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन मिलने की बात कही गई है। इसी आश्वासन के आधार पर वे धरना दे रहे कर्मियों से बातचीत कर उन्हें एक सप्ताह इंतजार करने के लिए समझाने पहुंचे हैं। 30 सितंबर तक भुगतान का मिला था आश्वासन धरना में शामिल इंद्र कुमार यादव ने कहा कि 16 सितंबर को धरना देने के बाद अधिकारियों ने 30 सितंबर तक वेतन भुगतान का आश्वासन दिया था। उस समय कर्मियों ने स्पष्ट किया था कि निर्धारित तिथि तक भुगतान नहीं होने पर एक अक्टूबर से काम बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांच माह से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। इंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि हड़ताल की घोषणा के बाद कंपनी की ओर से कर्मियों को नौकरी से हटाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पूरे बिहार में करीब 495 सुरक्षा गार्ड कार्यरत हैं और कई कर्मियों का वेतन बकाया है। उनके अनुसार, दरभंगा जिले में करीब 78 सुरक्षा गार्ड कार्यरत हैं, जिनका पांच माह का वेतन लंबित है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मुख्य गेट बंद करने की भी चेतावनी सुरक्षा कर्मियों ने अपने आवेदन में कहा है कि जब तक सभी कर्मियों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, वे काम नहीं करेंगे। आवेदन में रामनगर पावर ग्रिड के मुख्य द्वार सहित अन्य गेट बंद करने की बात भी कही गई है। कर्मियों ने किसी अप्रिय घटना की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी संबंधित पदाधिकारियों पर होने की बात आवेदन में लिखी है। कर्मियों ने आवेदन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, कार्यपालक अभियंता रामनगर पावर ग्रिड, श्रम संसाधन विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को देने की बात कही है। दरभंगा में पांच माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज दर्जनों सुरक्षा कर्मियों का रामनगर पावर ग्रिड, लहेरियासराय के मुख्य गेट के बाहर चल रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। सुरक्षा कर्मियों ने बकाया पांच माह के वेतन का जल्द भुगतान करने और आगे प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक वेतन देने की मांग की है। कर्मियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। सुरक्षा कर्मियों ने विद्युत अधीक्षण अभियंता को दिए आवेदन में बताया है कि वे आईएसआई कंपनी के माध्यम से सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। कर्मियों का आरोप है कि नौकरी पर बहाली के समय कुछ कर्मियों से 15 हजार और कुछ से 30 हजार रुपये लिए गए थे। कर्मियों के अनुसार, अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई थी। उनसे यह कहकर राशि ली गई थी कि यह रजिस्ट्रेशन फीस है। 16 सितंबर को भी दिया था धरना, आश्वासन के बाद खत्म किया था सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि पांच माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। दुकानदारों से राशन का बकाया हो गया है। परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इससे पहले 16 सितंबर को भी कर्मियों ने वेतन भुगतान की मांग को लेकर धरना दिया था। उस समय कार्यपालक अभियंता की ओर से 30 सितंबर तक वेतन भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया था। निर्धारित समय तक भुगतान नहीं होने पर कर्मियों ने एक अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी। पूनम देवी बोलीं- बच्चे के खाने-पीने, जरूरतों के लिए परेशानी हो रही धरना में शामिल सुरक्षा कर्मी पूनम देवी ने बताया कि वह करीब सात वर्षों से नौकरी कर रही हैं, लेकिन पांच माह से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के खाने-पीने और अन्य जरूरतों के लिए भी परेशानी हो रही है। उनकी मांग है कि पांच माह का बकाया वेतन जल्द दिया जाए और आगे हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन मिलने का दावा सुपरवाइजर आदर्श कुमार ने बताया कि उनका भी पांच माह का वेतन बकाया है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को सुरक्षा कर्मियों के धरने पर बैठने की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई थी। अधिकारियों की ओर से एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन मिलने की बात कही गई है। इसी आश्वासन के आधार पर वे धरना दे रहे कर्मियों से बातचीत कर उन्हें एक सप्ताह इंतजार करने के लिए समझाने पहुंचे हैं। 30 सितंबर तक भुगतान का मिला था आश्वासन धरना में शामिल इंद्र कुमार यादव ने कहा कि 16 सितंबर को धरना देने के बाद अधिकारियों ने 30 सितंबर तक वेतन भुगतान का आश्वासन दिया था। उस समय कर्मियों ने स्पष्ट किया था कि निर्धारित तिथि तक भुगतान नहीं होने पर एक अक्टूबर से काम बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांच माह से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। इंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि हड़ताल की घोषणा के बाद कंपनी की ओर से कर्मियों को नौकरी से हटाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पूरे बिहार में करीब 495 सुरक्षा गार्ड कार्यरत हैं और कई कर्मियों का वेतन बकाया है। उनके अनुसार, दरभंगा जिले में करीब 78 सुरक्षा गार्ड कार्यरत हैं, जिनका पांच माह का वेतन लंबित है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मुख्य गेट बंद करने की भी चेतावनी सुरक्षा कर्मियों ने अपने आवेदन में कहा है कि जब तक सभी कर्मियों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, वे काम नहीं करेंगे। आवेदन में रामनगर पावर ग्रिड के मुख्य द्वार सहित अन्य गेट बंद करने की बात भी कही गई है। कर्मियों ने किसी अप्रिय घटना की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी संबंधित पदाधिकारियों पर होने की बात आवेदन में लिखी है। कर्मियों ने आवेदन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, कार्यपालक अभियंता रामनगर पावर ग्रिड, श्रम संसाधन विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को देने की बात कही है।  

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