‘वो संत नहीं है, भ्रष्टाचार की गारंटी नहीं दे सकता’: अभिजीत दीपके और CJP नेताओं पर सोनम वांगचुक का बड़ा बयान

‘वो संत नहीं है, भ्रष्टाचार की गारंटी नहीं दे सकता’: अभिजीत दीपके और CJP नेताओं पर सोनम वांगचुक का बड़ा बयान

Sonam Wangchuk CJP Leaders: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़े तीन प्रमुख नेताओं- अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान वांगचुक ने कहा कि इन नेताओं में राजनीतिक महत्वाकांक्षा है और भविष्य में वे भ्रष्ट नहीं होंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना अपने आप में कोई गलत बात नहीं है।

वांगचुक ने एक सवाल पर कहा, इन लोगों का राजनीतिक दल से जुड़ा अतीत रहा है। शुरुआत में कुछ लोग यह सवाल उठाते थे कि ये लोग कहां से आए हैं। उन्होंने बताया कि ये लोग पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े हुए थे। हालांकि, वांगचुक ने कहा कि किसी व्यक्ति के राजनीतिक अतीत को लेकर वह ज्यादा सवाल नहीं उठाते और किसी राजनीतिक दल से जुड़ा होना अपने आप में गलत नहीं है।

‘इनमें राजनीतिक महत्वाकांक्षा है, इसमें कुछ गलत नहीं’

वांगचुक से जब पूछा गया कि क्या इन नेताओं में राजनीतिक महत्वाकांक्षा है, तो उन्होंने हां में जवाब दिया। सोनम वांगचुक ने कहा कि जब उन्होंने इन लोगों को करीब से देखा और समझने की कोशिश की, तो उन्हें उनमें राजनीतिक महत्वाकांक्षा के संकेत दिखाई दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें कोई बुराई नहीं है। वे कोई संत नहीं है, जो सब कुछ त्याग चुके है और उन्हें राजनीति में कुछ हासिल करने की इच्छा ही न हो। राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना स्वाभाविक है और इसमें कुछ गलत नहीं है।

वांगचुक ने कहा, “उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने खुद मुझे इस बारे में कुछ नहीं बताया है, लेकिन अब तक मैंने उन्हें जितना देखा और समझा है, उससे मुझे ऐसा लगता है। वे कोई संत नहीं हैं। उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा है और होनी भी चाहिए। इसमें कोई बुराई नहीं है। देश को युवा नेताओं की जरूरत है।”

हालांकि, वांगचुक ने एक चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि जिस मंच की शुरुआत राजनीतिक दल के तौर पर नहीं हुई है, उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। इससे लोगों को समर्थन मिलता रहेगा।

उन्होंने कहा, “लेकिन आपने जो CJP का मंच बनाया है, उसे एक निष्पक्ष और गैर-राजनीतिक दबाव समूह के रूप में बनाए रखना चाहिए। इसकी पवित्रता और विश्वसनीयता बरकरार रहनी चाहिए। अगर आप इसे तटस्थ रखते हैं, तो आप ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर पाएंगे। ज्यादा लोग आपसे जुड़ेंगे और आप पर भरोसा करेंगे।”

‘मंच को राजनीतिक दबाव समूह के रूप में रखना बेहतर’

सोनम वांगचुक ने सुझाव दिया कि इस (CJP) मंच को किसी राजनीतिक दल का रूप देने के बजाय एक तटस्थ राजनीतिक दबाव समूह के तौर पर बनाए रखना ज्यादा प्रभावी होगा। ऐसा करने से ज्यादा काम हो सकेगा और लोगों का भरोसा भी कायम रहेगा।

उन्होंने कहा, “इस मंच को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। इससे लोगों का विश्वास और आस्था आपके प्रति और मजबूत रहेगी। आगे चलकर आप चाहें तो किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल हो सकते हैं या अपनी नई पार्टी भी बना सकते हैं। लेकिन फिलहाल CJP को एक छात्र आंदोलन के रूप में ही बनाए रखना बेहतर होगा।”

उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर ये लोग चाहें तो किसी राजनीतिक दल में शामिल हो सकते हैं या अपना नया राजनीतिक दल बना सकते हैं। लेकिन मौजूदा मंच को राजनीतिक रंग देने से उसकी मूल भावना और लोगों का विश्वास प्रभावित हो सकता है।

‘ये खुद को BJP, कांग्रेस या AAP का नहीं मानते’

वांगचुक ने कहा कि इस मंच से जुड़े लोग खुद को भाजपा, कांग्रेस या आम आदमी पार्टी से जोड़कर नहीं देखते। वे इसे एक छात्र आंदोलन के तौर पर देखते हैं। इसलिए इस मंच को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा, “इसे किसी राजनीतिक रंग में नहीं रंगना चाहिए। अच्छी बात यह है कि अब तक दीपके और उनकी टीम ने भी इसे इसी तरह गैर-राजनीतिक और छात्र आंदोलन के रूप में बनाए रखा है। मुझे लगता है कि यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसे आगे भी बरकरार रखा जाना चाहिए।”

‘भ्रष्टाचार करेंगे या नहीं, मैं नहीं कह सकता’

भ्रष्टाचार की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर सोनम वांगचुक ने कहा कि वह यह नहीं कह सकते कि संबंधित व्यक्ति भविष्य में भ्रष्टाचार करेगा या नहीं। उन्होंने कहा, “अब तक मैंने उन्हें जितना देखा और समझा है, वे मुझे भ्रष्ट नहीं लगे। हालांकि, लोग समय के साथ बदल सकते हैं और आगे चलकर क्या होगा, इस बारे में मैं कोई दावा नहीं कर सकता। फिलहाल उनमें भ्रष्ट होने जैसा कोई संकेत नहीं दिखाई देता और उम्मीद है कि आगे भी ऐसा नहीं होगा।”

वांगचुक ने आगे कहा, “मैं यह भी दावा नहीं कर सकता कि वे कभी भ्रष्ट नहीं होंगे या राजनीतिक रूप से स्वार्थी तरीके से काम नहीं करेंगे। लेकिन मैंने उन्हें जितना देखा और जाना है, उसके आधार पर वे अच्छे लोग लगते हैं। साथ ही, मैं यह भी नहीं कह रहा कि वे संत हैं और उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है। आगे चलकर वे क्या करेंगे और किस तरह काम करेंगे, इस पर मैं कोई निश्चित दावा नहीं कर सकता। लेकिन अब तक मैंने उन्हें जितना समझा और परखा है, उसके आधार पर वे बहुत अच्छे हैं और ऐसे ही नेताओं की जरूरत है।”

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब संबंधित नेताओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि और भविष्य की भूमिका को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। वांगचुक ने एक तरफ उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को स्वीकार किया, वहीं दूसरी तरफ मंच को राजनीतिक दल में बदलने से बचने की सलाह भी दी है।

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