मधुबनी जिला न्यायालय सहित बेनीपट्टी और झंझारपुर अनुमंडल न्यायालय में दुर्गा पूजा के अवसर पर अवकाश घोषित कर दिया गया है। हालांकि, इस अवधि में आवश्यक मामलों की सुनवाई के लिए वेकेशन कोर्ट का संचालन किया जाएगा। इसके लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पाण्डेय के आदेश पर मधुबनी सिविल कोर्ट, झंझारपुर अनुमंडल न्यायालय और बेनीपट्टी अनुमंडल न्यायालय के लिए अलग-अलग रोस्टर जारी किया गया है। जारी रोस्टर के अनुसार, 16 अक्टूबर तथा 21 से 24 अक्टूबर तक निर्धारित तिथियों में वेकेशन कोर्ट के माध्यम से अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई की जाएगी। इन तिथियों पर निर्धारित रोस्टर के अनुसार न्यायाधीश न्यायिक कार्यों का निष्पादन करेंगे। हालांकि, अवकाश की अवधि में न्यायालयों में नियमित कामकाज नहीं होगा। केवल आवश्यक और अर्जेंट मामलों पर ही सुनवाई की जाएगी, ताकि जरूरी न्यायिक कार्यों के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इस संबंध में गुरुवार देर शाम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार सरकार द्वारा घोषित अवकाश के दिनों में वेकेशन कोर्ट का संचालन नहीं किया जाएगा। सरकारी अवकाश की तिथियों को ध्यान में रखते हुए ही न्यायिक कार्यों का निर्धारण किया गया है। इस व्यवस्था के तहत निर्धारित कार्यदिवसों में ही अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वेकेशन कोर्ट में मुख्य रूप से जमानत से संबंधित मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा, अन्य ऐसे मामलों पर भी विचार किया जा सकता है, जिनमें तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक हो। इसके लिए संबंधित न्यायालयों में जारी रोस्टर के अनुसार न्यायिक पदाधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। दुर्गा पूजा के दौरान न्यायालयों में नियमित कामकाज बंद रहने के बावजूद वेकेशन कोर्ट की व्यवस्था से जरूरी मामलों की सुनवाई का रास्ता खुला रहेगा। इससे जमानत सहित अन्य अत्यावश्यक मामलों में संबंधित पक्षकारों को निर्धारित तिथियों पर न्यायिक राहत प्राप्त करने के लिए सुनवाई का अवसर मिल सकेगा। अधिवक्ताओं और पक्षकारों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित न्यायालय के रोस्टर और अवकाश की तिथियों के अनुसार ही अपने आवश्यक न्यायिक कार्यों की तैयारी करें। मधुबनी जिला न्यायालय सहित बेनीपट्टी और झंझारपुर अनुमंडल न्यायालय में दुर्गा पूजा के अवसर पर अवकाश घोषित कर दिया गया है। हालांकि, इस अवधि में आवश्यक मामलों की सुनवाई के लिए वेकेशन कोर्ट का संचालन किया जाएगा। इसके लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पाण्डेय के आदेश पर मधुबनी सिविल कोर्ट, झंझारपुर अनुमंडल न्यायालय और बेनीपट्टी अनुमंडल न्यायालय के लिए अलग-अलग रोस्टर जारी किया गया है। जारी रोस्टर के अनुसार, 16 अक्टूबर तथा 21 से 24 अक्टूबर तक निर्धारित तिथियों में वेकेशन कोर्ट के माध्यम से अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई की जाएगी। इन तिथियों पर निर्धारित रोस्टर के अनुसार न्यायाधीश न्यायिक कार्यों का निष्पादन करेंगे। हालांकि, अवकाश की अवधि में न्यायालयों में नियमित कामकाज नहीं होगा। केवल आवश्यक और अर्जेंट मामलों पर ही सुनवाई की जाएगी, ताकि जरूरी न्यायिक कार्यों के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इस संबंध में गुरुवार देर शाम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार सरकार द्वारा घोषित अवकाश के दिनों में वेकेशन कोर्ट का संचालन नहीं किया जाएगा। सरकारी अवकाश की तिथियों को ध्यान में रखते हुए ही न्यायिक कार्यों का निर्धारण किया गया है। इस व्यवस्था के तहत निर्धारित कार्यदिवसों में ही अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वेकेशन कोर्ट में मुख्य रूप से जमानत से संबंधित मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा, अन्य ऐसे मामलों पर भी विचार किया जा सकता है, जिनमें तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक हो। इसके लिए संबंधित न्यायालयों में जारी रोस्टर के अनुसार न्यायिक पदाधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। दुर्गा पूजा के दौरान न्यायालयों में नियमित कामकाज बंद रहने के बावजूद वेकेशन कोर्ट की व्यवस्था से जरूरी मामलों की सुनवाई का रास्ता खुला रहेगा। इससे जमानत सहित अन्य अत्यावश्यक मामलों में संबंधित पक्षकारों को निर्धारित तिथियों पर न्यायिक राहत प्राप्त करने के लिए सुनवाई का अवसर मिल सकेगा। अधिवक्ताओं और पक्षकारों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित न्यायालय के रोस्टर और अवकाश की तिथियों के अनुसार ही अपने आवश्यक न्यायिक कार्यों की तैयारी करें।

