दरभंगा में 9 अक्टूबर को बुजुर्ग महिला चमेली देवी (50) की हत्या हुई थी। मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक ग्रेटर नोएडा से धराया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू, बाइक और 2 मोबाइल बरामद किए हैं। एक मोबाइल नया खरीदा गया था। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी चोरी के लिए महिला के घर में घुसे थे। इसी दौरान महिला की नींद टूटी और वो विरोध करने लगी। जिसके बाद आरोपियों ने उसका गला रेत दिया था। मर्डर के बाद आरोपियों ने महिला के कान से जेवर और घर में रखे बक्से से अन्य आभूषण लेकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी किए गए जेवरात बाद में बेच दिए। 15 अक्टूबर को एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने पीसी कर मामले की जानकारी दी। घटना बिरौल थाना क्षेत्र के सहसराम गांव की है। कार्रवाई के लिए टीम बनी थी एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में जांच टीम बनी थी। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सहसराम गांव निवासी पुरुषोत्तम चौधरी का बेटा मान बिहारी चौधरी और बहेड़ी थाना क्षेत्र के समधपुरा गांव निवासी संतोष कुमार सिंह का बेटा आशीष रंजन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आशीष रंजन सिंह को स्थानीय पुलिस के सहयोग से ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया गया, जबकि मान बिहारी चौधरी को दरभंगा में गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
चाकू को झाड़ियों में फेंक दिया था एसडीपीओ ने बताया कि वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश भी की गई थी। पुलिस के अनुसार, मान बिहारी चौधरी ने हत्या में इस्तेमाल चाकू को कपड़े में लपेटकर मृतका के घर से कुछ दूरी पर स्थित झाड़ी में फेंक दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चाकू बरामद किया है। एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आशीष रंजन सिंह के विरुद्ध बहेड़ी थाना में पहले से कांड संख्या 84/2024 दर्ज है। वहीं, दूसरे आरोपी मान बिहारी चौधरी के आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है। दरभंगा में 9 अक्टूबर को बुजुर्ग महिला चमेली देवी (50) की हत्या हुई थी। मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक ग्रेटर नोएडा से धराया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू, बाइक और 2 मोबाइल बरामद किए हैं। एक मोबाइल नया खरीदा गया था। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी चोरी के लिए महिला के घर में घुसे थे। इसी दौरान महिला की नींद टूटी और वो विरोध करने लगी। जिसके बाद आरोपियों ने उसका गला रेत दिया था। मर्डर के बाद आरोपियों ने महिला के कान से जेवर और घर में रखे बक्से से अन्य आभूषण लेकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी किए गए जेवरात बाद में बेच दिए। 15 अक्टूबर को एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने पीसी कर मामले की जानकारी दी। घटना बिरौल थाना क्षेत्र के सहसराम गांव की है। कार्रवाई के लिए टीम बनी थी एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में जांच टीम बनी थी। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सहसराम गांव निवासी पुरुषोत्तम चौधरी का बेटा मान बिहारी चौधरी और बहेड़ी थाना क्षेत्र के समधपुरा गांव निवासी संतोष कुमार सिंह का बेटा आशीष रंजन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आशीष रंजन सिंह को स्थानीय पुलिस के सहयोग से ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया गया, जबकि मान बिहारी चौधरी को दरभंगा में गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
चाकू को झाड़ियों में फेंक दिया था एसडीपीओ ने बताया कि वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश भी की गई थी। पुलिस के अनुसार, मान बिहारी चौधरी ने हत्या में इस्तेमाल चाकू को कपड़े में लपेटकर मृतका के घर से कुछ दूरी पर स्थित झाड़ी में फेंक दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चाकू बरामद किया है। एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आशीष रंजन सिंह के विरुद्ध बहेड़ी थाना में पहले से कांड संख्या 84/2024 दर्ज है। वहीं, दूसरे आरोपी मान बिहारी चौधरी के आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है।

