विस्फोटक रखने में 7 दोषियों को 10-10 साल की सजा:बांका में कोर्ट ले लगाया 50-50 हजार रुपए का जुर्माना,विस्फोटक अधिनियम में दोषी

विस्फोटक रखने में 7 दोषियों को 10-10 साल की सजा:बांका में कोर्ट ले लगाया 50-50 हजार रुपए का जुर्माना,विस्फोटक अधिनियम में दोषी

बांका कोर्ट ने विस्फोटक पदार्थ रखने और जानलेवा हमले के मामले में सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए अधिकतम 10 साल तक की जेल की सजा सुनाई है। मामला बाराहाट थाना क्षेत्र से जुड़ा है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 व 4 के तहत दोषी पाया। दोषी ठहराए गए आरोपियों में बाराहाट थाना क्षेत्र के बाबूडीह निवासी मो. रियाज, मो. सहम, मो. समीर उद्दीन, मो. सुलफत, मो. साजिद, मो. उल्फत और मो. इकबाल शामिल हैं। धारा 307 में 10 साल की कड़ी जेल कोर्ट ने धारा 307 के तहत सभी सात दोषियों को 10 साल की कड़ी जेल की सजा सुनाई। इसके साथ प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। विस्फोटक अधिनियम की धारा 3 में भी 10 साल विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत भी सभी दोषियों को 10 साल की कड़ी जेल और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली है। वहीं, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 के तहत कोर्ट ने सभी दोषियों को 10 साल की सामान्य जेल और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वैज्ञानिक जांच और गवाहों के बयान बने अहम सबूत मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वैज्ञानिक जांच से जुड़े साक्ष्य, अन्य ठोस सबूत और गवाहों के बयान कोर्ट के सामने रखे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अभियोजन पदाधिकारी राज किशोर प्रसाद सिंह ने मामले की प्रभावी पैरवी की। अभियोजन के साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सातों आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रभावी अभियोजन के कारण मामले में दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली। बांका कोर्ट ने विस्फोटक पदार्थ रखने और जानलेवा हमले के मामले में सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए अधिकतम 10 साल तक की जेल की सजा सुनाई है। मामला बाराहाट थाना क्षेत्र से जुड़ा है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 व 4 के तहत दोषी पाया। दोषी ठहराए गए आरोपियों में बाराहाट थाना क्षेत्र के बाबूडीह निवासी मो. रियाज, मो. सहम, मो. समीर उद्दीन, मो. सुलफत, मो. साजिद, मो. उल्फत और मो. इकबाल शामिल हैं। धारा 307 में 10 साल की कड़ी जेल कोर्ट ने धारा 307 के तहत सभी सात दोषियों को 10 साल की कड़ी जेल की सजा सुनाई। इसके साथ प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। विस्फोटक अधिनियम की धारा 3 में भी 10 साल विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत भी सभी दोषियों को 10 साल की कड़ी जेल और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली है। वहीं, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 के तहत कोर्ट ने सभी दोषियों को 10 साल की सामान्य जेल और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वैज्ञानिक जांच और गवाहों के बयान बने अहम सबूत मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वैज्ञानिक जांच से जुड़े साक्ष्य, अन्य ठोस सबूत और गवाहों के बयान कोर्ट के सामने रखे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अभियोजन पदाधिकारी राज किशोर प्रसाद सिंह ने मामले की प्रभावी पैरवी की। अभियोजन के साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सातों आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रभावी अभियोजन के कारण मामले में दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली।  

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