विस्थापन आयोग के गठन समेत कई मांगों को लेकर उठी आवाज, दिखाई एकजुटता

विस्थापन आयोग के गठन समेत कई मांगों को लेकर उठी आवाज, दिखाई एकजुटता

सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो सेक्टर-9 में झारखंड राज्य विस्थापित समन्वय समिति की बैठक संयोजक सुखनाथ लोहरा की अध्यक्षता में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण झारखंड के मजदूर, किसान, महिलाएं, युवा और छात्र परेशान हैं और आंदोलन करने को मजबूर हैं। वहीं, झामुमो, कांग्रेस और राजद के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का कामकाज भी जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को झारखंड की जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री भी इन मुद्दों पर सदन के अंदर और बाहर कई बार घोषणाएं कर चुके हैं। सुखनाथ लोहरा ने कहा कि देश की कुल खनिज संपदा का लगभग 40 प्रतिशत झारखंड में है। विभिन्न औद्योगिक एवं विकास परियोजनाओं के कारण राज्य के लाखों परिवार विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। विस्थापितों के नियोजन, पुनर्वास और मुआवजे से जुड़े मामले अब भी लंबित हैं। इसके कारण स्टील, कोयला, डैम, नहर, सड़क और खनन समेत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आंदोलन हो रहे हैं। बैठक में विस्थापन आयोग का शीघ्र गठन करने, अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा की अनदेखी कर एमडीओ (माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर) के माध्यम से किए जा रहे कोयला खनन पर रोक लगाने और विस्थापन से जुड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा आदिवासियों, अन्य ग्रामीण रैयतों तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के उन परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास, पुनर्स्थापन और नौकरी देने की मांग उठाई गई, जो कई पीढ़ियों से संबंधित क्षेत्रों में बसे हुए हैं। वक्ताओं ने जबरन विस्थापन रोकने और लैंड बैंक नीति को रद्द करने की भी मांग की। जमीन के डिजिटल रिकॉर्ड में सुधार के लिए पंचायत स्तर पर शिविर लगाने, राज्य के सभी जरूरतमंद परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने, राशन कार्ड बनवाने के लिए जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने तथा वनपट्टा के लंबित आवेदनों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग भी रखी गई। बैठक के बाद समिति के सदस्यों ने बोकारो में विस्थापितों की मांगों को लेकर चल रही भूख हड़ताल के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन जताया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 25 अक्टूबर को दुमका में आयोजित विस्थापित कन्वेंशन को सफल बनाया जाएगा। मौके पर भागीरथ शर्मा, राज कुमार गोराईं, संतोष मुर्मू, संतोष सिंह, इश्तियाक अंसारी, विनोद राय, सत्यनारायण महतो, जगमोहन महतो, आरएन सिंह, दीपक रजवार, वीरेंद्र कुमार, प्राण सिंह, महावीर मरांडी, अखिल दास, शांति भारत आदि मौजूद थे। सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो सेक्टर-9 में झारखंड राज्य विस्थापित समन्वय समिति की बैठक संयोजक सुखनाथ लोहरा की अध्यक्षता में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण झारखंड के मजदूर, किसान, महिलाएं, युवा और छात्र परेशान हैं और आंदोलन करने को मजबूर हैं। वहीं, झामुमो, कांग्रेस और राजद के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का कामकाज भी जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को झारखंड की जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री भी इन मुद्दों पर सदन के अंदर और बाहर कई बार घोषणाएं कर चुके हैं। सुखनाथ लोहरा ने कहा कि देश की कुल खनिज संपदा का लगभग 40 प्रतिशत झारखंड में है। विभिन्न औद्योगिक एवं विकास परियोजनाओं के कारण राज्य के लाखों परिवार विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। विस्थापितों के नियोजन, पुनर्वास और मुआवजे से जुड़े मामले अब भी लंबित हैं। इसके कारण स्टील, कोयला, डैम, नहर, सड़क और खनन समेत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आंदोलन हो रहे हैं। बैठक में विस्थापन आयोग का शीघ्र गठन करने, अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा की अनदेखी कर एमडीओ (माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर) के माध्यम से किए जा रहे कोयला खनन पर रोक लगाने और विस्थापन से जुड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा आदिवासियों, अन्य ग्रामीण रैयतों तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के उन परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास, पुनर्स्थापन और नौकरी देने की मांग उठाई गई, जो कई पीढ़ियों से संबंधित क्षेत्रों में बसे हुए हैं। वक्ताओं ने जबरन विस्थापन रोकने और लैंड बैंक नीति को रद्द करने की भी मांग की। जमीन के डिजिटल रिकॉर्ड में सुधार के लिए पंचायत स्तर पर शिविर लगाने, राज्य के सभी जरूरतमंद परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने, राशन कार्ड बनवाने के लिए जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने तथा वनपट्टा के लंबित आवेदनों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग भी रखी गई। बैठक के बाद समिति के सदस्यों ने बोकारो में विस्थापितों की मांगों को लेकर चल रही भूख हड़ताल के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन जताया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 25 अक्टूबर को दुमका में आयोजित विस्थापित कन्वेंशन को सफल बनाया जाएगा। मौके पर भागीरथ शर्मा, राज कुमार गोराईं, संतोष मुर्मू, संतोष सिंह, इश्तियाक अंसारी, विनोद राय, सत्यनारायण महतो, जगमोहन महतो, आरएन सिंह, दीपक रजवार, वीरेंद्र कुमार, प्राण सिंह, महावीर मरांडी, अखिल दास, शांति भारत आदि मौजूद थे।  

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