फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल महिला के एसएनसीयू में मंगलवार शाम एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद उसे देखने के लिए एसएनसीयू में जाने की कोशिश की। गेट पर तैनात गार्ड ने उन्हें करीब 20 मिनट तक अंदर नहीं जाने दिया। इसी दौरान डॉक्टर मौके पर पहुंचे और बच्चे का उपचार शुरू किया, लेकिन शाम करीब 6:30 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। शाहजहांपुर निवासी मोहित भदौरिया की पत्नी तनु का 14 अगस्त को शहर के एक नर्सिंग होम में प्रसव हुआ था। परिजनों के मुताबिक, जन्म के समय नवजात रोया नहीं था और उसे झटके आने लगे थे। 15 अगस्त की रात परिवार बच्चे को लोहिया अस्पताल के एसएनसीयू लेकर पहुंचा, जहां उसे ऑक्सीजन पर रखा गया। ऑक्सीजन हटाते ही नीला पड़ गया था बच्चा मोहित के अनुसार, 17 अगस्त की दोपहर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बच्चे को छुट्टी देने की बात कही थी। ऑक्सीजन हटाते ही बच्चे का शरीर नीला पड़ने लगा, जिसके बाद छुट्टी का निर्णय रद्द कर दिया गया। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे बच्चे को दोबारा झटके आए। इस पर ड्यूटी डॉक्टर ने उसे देखा। परिजनों का आरोप- बच्चे में हलचल नहीं थी परिजनों के अनुसार, डॉक्टर ने शाम करीब 4:30 बजे बच्चे को देखा था और उसकी हालत ठीक बताई थी। मोहित का आरोप है कि 4:30 बजे के बाद परिवार के लोग बच्चे को देखने पहुंचे तो उसमें कोई हलचल नहीं थी। उन्होंने इसकी जानकारी अन्य परिजनों को दी। सभी लोग एसएनसीयू के बाहर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। 20 मिनट बाद डॉक्टर ने शुरू किया उपचार परिजनों का आरोप है कि गार्ड ने करीब 20 मिनट तक उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इसी दौरान डॉक्टर भी मौके पर पहुंच गए और बच्चे का उपचार शुरू किया। काफी प्रयास के बाद भी उसकी हालत नहीं सुधरी और शाम करीब 6:30 बजे चिकित्सक ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। गार्ड पर कार्रवाई की मांग नवजात की मौत के बाद परिवार ने कादरी गेट थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस लोहिया अस्पताल पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली। परिवार का कहना है कि बच्चे को समय पर देखने और अंदर जाने से रोकने वाले गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। डॉक्टर बोले- लगातार निगरानी में था नवजात एसएनसीयू में नवजात की देखभाल कर रहे डॉक्टर शिवाशीष उपाध्याय ने बताया कि जन्म के समय बच्चा नहीं रोया था और उसे झटके आ रहे थे। उसकी लगातार निगरानी की जा रही थी। डॉक्टर के अनुसार, एसएनसीयू में 14 बेड हैं, जबकि मंगलवार को 31 नवजात भर्ती थे। 14 बेड पर 31 बच्चे भर्ती, ऑक्सीजन प्वाइंट भी सीमित डॉक्टर ने बताया कि मंगलवार रात करीब 8 बजे एक महिला अपने नाती को लेकर अस्पताल पहुंची थी। नवजात को भी झटके आ रहे थे। बताया गया कि उस समय ऑक्सीजन का कोई प्वाइंट खाली नहीं था। महिला ने बच्चे को भर्ती करने का अनुरोध किया। बाद में नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कर लिया गया।

