लुधियाना। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मोती नगर पुलिस ने लुधियाना ईस्ट सब-डिवीजन में वर्ष 2013 से 2016 के बीच कथित तौर पर कम कीमत पर रजिस्टर्ड कराए गए 134 जमीन सौदों के मामले में 256 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में पंजाब हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद सब-रजिस्ट्रार ईस्ट कार्यालय में अब तक दर्ज करीब 2.5 लाख जमीन सौदे जांच के दायरे में आने की संभावना है। सब-रजिस्ट्रार ईस्ट की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
पुलिस ने यह मामला सब-रजिस्ट्रार (ईस्ट) की शिकायत पर दर्ज किया है। FIR में विवादित संपत्तियों के खरीदार और विक्रेताओं के नाम शामिल हैं। हालांकि, संपत्तियों का कथित तौर पर कम मूल्यांकन कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के बावजूद अभी तक किसी राजस्व विभाग के अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया गया है। पहले 159 सौदों में 329 लोगों पर केस दर्ज हुआ था
इससे पहले मोती नगर पुलिस ने 18 फरवरी को 159 कथित अंडरवैल्यूड जमीन सौदों के मामले में 329 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जांच और अदालती कार्यवाही के दौरान कुल 296 ऐसे लेनदेन सामने आए, जिनमें संपत्तियों का कथित तौर पर कम मूल्यांकन किया गया था। इससे स्टांप ड्यूटी और अन्य सरकारी राजस्व के बड़े नुकसान की आशंका जताई गई थी। हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में कार्रवाई के दिए थे निर्देश
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्टांप एक्ट की धारा 47-A के तहत शेष 134 मामलों में कम जमा हुई स्टांप ड्यूटी का निर्धारण और वसूली की कार्रवाई चार सप्ताह में पूरी करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करने में करीब छह महीने का समय लिया। करीब 10 साल से मामला उठा रहे हैं सुभाष कुंद्रा
मामले को करीब एक दशक से लुधियाना के सेक्टर-32ए, चंडीगढ़ रोड निवासी व्हिसलब्लोअर सुभाष कुंद्रा उर्फ कैटी उठा रहे हैं। कुंद्रा ने पुलिस, विजिलेंस ब्यूरो और जिला प्रशासन के समक्ष कई बार शिकायतें देकर आरोप लगाया था कि जमीनों की रजिस्ट्री के दौरान जानबूझकर संपत्तियों का मूल्य कम दिखाया गया, जिससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। कुंद्रा का आरोप है कि इस मुद्दे को उठाने के कारण उन्हें धमकियां दी गईं और उनके साथ मारपीट भी हुई। 420 समेत इन धाराओं में केस
जांच अधिकारी ASI साहिब कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 177 (लोक सेवक को गलत सूचना देना) और 120-B (आपराधिक साजिश) के साथ रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 82 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कुंद्रा ने राजस्व अधिकारियों को आरोपी बनाने पर उठाए सवाल
कुंद्रा ने सवाल उठाया कि जिन राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका कथित तौर पर इन सौदों से जुड़ी बताई जा रही है, उन्हें FIR में आरोपी क्यों नहीं बनाया गया। उनका कहना है कि उन्होंने लगातार मांग की थी कि उनके बयान के आधार पर FIR दर्ज की जाए और राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। कुंद्रा ने आरोप लगाया कि मामला करीब 10 वर्षों से अदालत में चल रहा है, लेकिन जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने 18 फरवरी को दर्ज हुई पिछली FIR की जांच पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि उसमें अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

