लखनऊ के गोमती नगर में SBI फील्ड ऑफिसर मानस बाजपेयी द्वारा बैंक रिलेशनशिप मैनेजर पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन शीबा बाजपेयी हत्या करने के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। मानस और दिव्या का करीब सालभर से लखनऊ के फैमिली कोर्ट में तलाक का मामला चल रहा है। एलिमनी के डेढ़ करोड़ रुपए को लेकर 18 अगस्त की तारीख पर दोनों का विवाद हुआ था। इससे मानस अपसेट हो गया था। उसी दिन मानस ने दिव्या को रास्ते में रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वह कार से निकल गई थी। इसके बाद मानस ने असलहों का इंतजाम किया। दिव्या मानस की बहन यानी अपनी ननद शीबा बाजपेयी को पसंद नहीं करती थी। उसके साथ रहना नहीं चाहती थी। विवाद का एक मुख्य कारण यह भी था। इस संबंध में उसने अपने परिचितों से बातचीत में जिक्र किया था। इस रिपोर्ट में पढ़िए मानस और दिव्या की 9 साल पहले हुई लव मैरिज से लेकर मौत तक की पूरी कहानी… सबसे पहले पढ़िए हत्या की मुख्य वजह… 3 माह बाद लखनऊ लौटा, तो एलिमनी का पता चला मानस के एक साथी ने पुलिस को बताया कि वह करीब तीन महीने से बैंक के ऑडिट के काम से शहर से बाहर था। लौटने के बाद मानस को लखनऊ के फैमिली कोर्ट में 18 अगस्त को पड़ने वाली तारीख के बारे में जानकारी मिली। वह तारीख पर पहुंचा। वहां पर उसे डेढ़ करोड़ की एलिमनी मांगे जाने का पता चला। तभी से तनाव में आ गया। 19 अगस्त को मानस काफी परेशान दिख रहा था। 20 अगस्त को ये घटनाएं हुईं। अब पढ़िए मानस और दिव्या की लव मैरिज से लेकर विवाद तक की कहानी… 2017 में दोनों ने की थी लव मैरिज परिजनों के मुताबिक, मानस और दिव्या ने 2017 में लव मैरिज की थी। शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के बीच सब ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद शुरू हो गया। धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरी बढ़ती गई। दोनों अलग रहने लगे। मानस की मां को कैंसर हुआ तो 2018 में दिव्या फिर उसके साथ रहने लगी। इसी दौरान घर में मानस की बहन को साथ रखने को लेकर भी पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगे। 2019 में मानस की मां की मौत के बाद दिव्या फिर अलग हो गई। हालांकि, कुछ समय बाद में बातचीत हुई तो दोनों ने दोबारा साथ रहने लगे। नवंबर 2025 में दोनों बिल्कुल अलग हो गए परिजनों के मुताबिक, 2025 में दोनों के बीच विवाद ज्यादा बढ़ गया। नवंबर 2025 में दिव्या ने पूरी तरह से मानस का घर छोड़ दिया। इसके बाद से दोनों अलग रहने लगे। मानस ने रिश्ते को बचाने की कोशिश भी की और कई बार दिव्या से बातचीत की। वह उसे मनाने के लिए उसके पास भी गया, लेकिन दोनों के बीच बात नहीं बनी। इसके बाद मामला लखनऊ के फैमिली कोर्ट पहुंच गया। जनवरी 2026 में दिव्या ने फैमिली कोर्ट में मुकदमा दायर किया। इसके बाद तलाक की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। मार्च में मानस ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार साथ रहने की अर्जी दी, लेकिन दिव्या इसके लिए तैयार नहीं हुई। 2 दिन में असलहों का इंतजाम किया पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि 18 अगस्त को कोर्ट की तारीख के बाद मानस ने पत्नी दिव्या और बहन शिबा की हत्या करके खुद सुसाइड करने की योजना बनाई। इसके लिए उसने 2 दिन में असलहों का इंतजाम किया। उसके साथ रहने वाले कुछ लोगों के बीच हुई बातचीत में इसका जिक्र सामने आया है। बताया जा रहा है कि उसने असलहा खरीदने के लिए कई लोगों से संपर्क किया था। हालांकि, उसने पिस्टल कब खरीदी, कहां से खरीदी और किस व्यक्ति ने उसे हथियार उपलब्ध कराया, इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। यह जरूर पता चला है कि मानसिक रूप से बीमार शीबा की देखभाल के लिए वह परेशान रहता था। पुलिस मान रही है कि इसी बात को लेकर उसने शीबा की भी हत्या कर दी। मानस बाजपेई के शव के पास से दो 9 एमएम पिस्टल और एक तमंचा बरामद हुआ है। दोनों पिस्टल लोडेड थीं, जबकि तमंचे में भी कारतूस मिला है। बैंक पहुंचकर दिव्या को इशारे से बुलाकर गोली मार दी दिव्या के ममेरे भाई मयंक दीक्षित के मुताबिक, 20 अगस्त को दिव्या बैंक के काम से बाहर गई थी। काम खत्म करने के बाद दोपहर में जब वह गाड़ी से ऑफिस पहुंची तो मानस वहां पहले से मौजूद था। उसने दिव्या को इशारा करके बुलाया और कहा कि कुछ बात करनी है। दिव्या उसके पास पहुंची तो मानस ने उसकी पिटाई की। गार्ड और अन्य कर्मचारी बचाने के लिए दौड़े तो उसे गोली मार दी। पुलिस अब यह पता कर रही है कि मानस बैंक तक कैसे पहुंचा, दिव्या को बुलाने से पहले उसने किस-किस से संपर्क किया और उसके मोबाइल में घटना से पहले क्या गतिविधियां थीं? पड़ोसी बोले- मानस सामान्य तौर पर अच्छे से मिलता था पड़ोसी अंकुर प्रकाश ने बताया कि मानस बहुत अच्छा व्यक्ति था। वह सभी से अच्छे से मिलता था। उन्होंने जैसे ही मानस का वाट्सऐप स्टेटस देखा, वह दौड़कर उसके घर पहुंचे। घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। अंदर टीवी चल रहा था। इसके बाद दरवाजा जोर लगाकर खोला गया। कमरे में बेड पर मानस और उसकी बहन के शव पड़े थे। उसने बहन की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। अब पढ़िए पुलिस किन सवालों का अब भी जवाब तलाश रही… पुलिस मानस के मोबाइल, वाट्सऐप स्टेटस, कॉल डिटेल, बैंक और कोर्ट से जुड़े दस्तावेजों के साथ परिचितों और पड़ोसियों के बयान से इसकी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है स्टेटस में भरत और प्रज्ञा का नाम लिखा, परिवार ने कहा- उन्हें कुछ पता नहीं था घटना के दौरान मानस ने वॉट्सऐप पर एक स्टेटस लगाया था। इसमें उसने दिव्या की बहन प्रज्ञा और बहनोई भरत का नाम लिया था। मानस ने स्टेटस में कुछ ऐसी बात लिखी थी, जिससे यह संकेत मिलता था कि दोनों किसी बात से परिचित थे। हालांकि, दिव्या के भाई मयंक दीक्षित का कहना है कि प्रज्ञा और भरत को ऐसी किसी बात की कोई जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि मानस का व्यवहार कुछ समय से सामान्य नहीं था। पति-पत्नी के बीच करीब एक साल से कोर्ट में विवाद चल रहा था। पुलिस इस स्टेटस को भी जांच का हिस्सा बना रही है। पुलिस यह पता करेगी कि मानस किस बात का जिक्र कर रहा था और उसने प्रज्ञा-भरत के नाम क्यों लिखे? ———————— ये खबर भी पढ़िए… लखनऊ- SBI अफसर ने बैंक मैनेजर पत्नी की हत्या की : लिखा- धोखा दिया; बहन को मारकर खुदकुशी की, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा बोलीं- जीजा साइको था लखनऊ में SBI के फील्ड ऑफिसर ने बैंक रिलेशनशिप मैनेजर पत्नी और अपनी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर खुद भी गोली मारकर जान दे दी। पूरी वारदात को उसने प्लानिंग करके अंजाम दिया। (पूरी खबर पढ़िए)

