‘शादी के बाद बेटा काफी परेशान रहता था। मैंने उसे सलाह दी थी कि शादी मत करो, लेकिन योगेश ने अपनी पसंद की लड़की गुड़िया कुमारी से लव मैरिज कर ली। लड़की बेटे से ठीक से बात नहीं किया करती थी। मेरा बेटा तो सीधा-साधा था।’ ये बातें भागलपुर में मृतक दारोगा योगेश कुमार शाह (32) की मां उर्वशी देवी ने कही है। उर्वशी देवी ने जो बयान दिया है, वैसा ही बयान नवगछिया के एसपी वैभव शर्मा ने भी दिया है। एसपी भी यही कहते हैं कि शादी के बाद पारिवारिक विवाद के कारण योगेश परेशान रहता था। हालांकि किस बात लेकर वो तनाव में रहता था, ये अभी क्लियर नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ योगेश के जीजा-फूफा ने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि साजिश के तहत योगेश को मारा गया है। अधिकारी उसे टॉर्चर करते थे। दरअसल, शनिवार की सुबह भागलपुर के नवगछिया पुलिस लाइन में पुलिस अवर निरीक्षक (SI) योगेश कुमार का शव पंखे से लटका मिला था। जिसके बाद से पुलिस केस की जांच कर रही है। बांका में योगेश का अंतिम संस्कार हुआ। योगेश के परिवार ने वालों ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए, कब हुई थी शादी, परिवार में कौन-कौन हैं, पिता क्या करते थे, पढ़ें रिपोर्ट… कुछ तस्वीरें… एसपी योगेश को टॉर्चर करते थे योगेश के फूफा हेमंत कुमार साह ने बताया कि चार महीने पहले योगेश का दारोगा पद के लिए प्रमोशन हुआ था, पर एसपी उसे बहुत टॉर्चर करते थे। योगेश ने इस बारे में अपने पिता को बताया भी था। इसी बीच विभाग ने उसे क्राइम ब्रांच भेज दिया। इलेक्शन का टाइम आया तो फिर उसे बुला लिया गया। विभाग ने उसपर बहुत दबाव बनाया था। जब हमलोग घटनास्थल पर पहुंचे थे तो योगेश का पैर चौकी से सट रहा था। ये इस बात का इशारा है कि योगेश ने खुद जान नहीं दी है। उसकी हत्या की गई है। मामले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए।
‘योगेश का पैर हवा में नहीं लटका था’ योगेश के जीजा कुमार मंडल ने कहा कि योगेश का ट्रांसफर हुआ था, फिर भी अधिकारी उसे रिलीज नहीं कर रहे थे। एसपी के दबाव में योगेश काम कर रहा था। जब हमलोग घटनास्थल पर गए तो योगेश का पैर हवा से लटका नहीं था। पंखे से पलंग की हाइट 5 फीट थी, पर योगेश की हाइट साढ़े 6 फीट थी। वो कैसे सुसाइड कर सकता है। उसकी हत्या हुई है।
योगेश की 9 बहनें हैं जीजा कुमार मंडल ने कहा कि योगेश अपने भाई में सबसे बड़ा था। उसकी 9 बहनें भी हैं। सभी बहनें बड़ी हैं। वहीं, 2 भाई अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पिता मील चलाया करते थे। योगेश के कुछ सहकर्मियों के अनुसार, उसका व्यवहार अच्छा था। हालांकि, सामान्य व्यवहार देखकर निजी जिंदगी में तनाव या नौकरी के प्रेशर को कोई समझ नहीं सके।
‘योगेश भागलपुर में रहना चाहता था’ फूजा-जीजा का कहना है कि योगेश अपनी पोस्टिंग को लेकर परेशान था और भागलपुर में रहना चाहता था। योगेश की एक बार पोस्टिंग भागलपुर में हुई भी थी, लेकिन बाद में वे दोबारा नवगछिया पुलिस लाइन में रीडर के रूप में चला गया। योगेश पर नौकरी के दौरान अधिकारियों का दबाव रहता था। हालांकि, दबाव की प्रकृति क्या थी, किन परिस्थितियों में पोस्टिंग बदली ये अभी क्लियर नहीं है। पत्नी पटना सचिवालय में कार्यरत है योगेश मूल रूप से बांका जिले के बौंसी प्रखंड अंतर्गत बाराहाट थाना क्षेत्र के कप्पाडीह गांव का रहने वाला था। नवगछिया एसपी कार्यालय की अपराध शाखा में कार्यरत था। 16 अक्टूबर को जमादार से दारोगा पद पर पदोन्नति मिली थी। इसी साल जुलाई में उसकी शादी भागलपुर के रन्नूचक मदनपुर निवासी गुड़िया कुमारी से हुई थी। पत्नी पटना सचिवालय में कार्यरत हैं।
बचपन में मां को खोया, सौतेली मां ने पाला योगेश जब वह महज तीन साल के थे, तब सांप के काटने से उनकी मां सरस्वती देवी की मौत हो गई थी। बेटे और आठ बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी को देखते हुए उनके पिता रामकृष्ण साह ने उर्वशी देवी से दूसरी शादी की थी। उर्वशी देवी ने योगेश को अपने बच्चों की तरह प्यार और स्नेह दिया। योगेश की मौत के बाद उर्वशी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कहती हैं कि योगेश ने उन्हें कभी सौतेली मां होने का अहसास नहीं होने दिया। वह उन्हें सगी मां से भी बढ़कर सम्मान और स्नेह देता था। उसकी मौत ने उनके जीवन का सहारा छीन लिया है। ‘शादी के बाद बेटा काफी परेशान रहता था। मैंने उसे सलाह दी थी कि शादी मत करो, लेकिन योगेश ने अपनी पसंद की लड़की गुड़िया कुमारी से लव मैरिज कर ली। लड़की बेटे से ठीक से बात नहीं किया करती थी। मेरा बेटा तो सीधा-साधा था।’ ये बातें भागलपुर में मृतक दारोगा योगेश कुमार शाह (32) की मां उर्वशी देवी ने कही है। उर्वशी देवी ने जो बयान दिया है, वैसा ही बयान नवगछिया के एसपी वैभव शर्मा ने भी दिया है। एसपी भी यही कहते हैं कि शादी के बाद पारिवारिक विवाद के कारण योगेश परेशान रहता था। हालांकि किस बात लेकर वो तनाव में रहता था, ये अभी क्लियर नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ योगेश के जीजा-फूफा ने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि साजिश के तहत योगेश को मारा गया है। अधिकारी उसे टॉर्चर करते थे। दरअसल, शनिवार की सुबह भागलपुर के नवगछिया पुलिस लाइन में पुलिस अवर निरीक्षक (SI) योगेश कुमार का शव पंखे से लटका मिला था। जिसके बाद से पुलिस केस की जांच कर रही है। बांका में योगेश का अंतिम संस्कार हुआ। योगेश के परिवार ने वालों ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए, कब हुई थी शादी, परिवार में कौन-कौन हैं, पिता क्या करते थे, पढ़ें रिपोर्ट… कुछ तस्वीरें… एसपी योगेश को टॉर्चर करते थे योगेश के फूफा हेमंत कुमार साह ने बताया कि चार महीने पहले योगेश का दारोगा पद के लिए प्रमोशन हुआ था, पर एसपी उसे बहुत टॉर्चर करते थे। योगेश ने इस बारे में अपने पिता को बताया भी था। इसी बीच विभाग ने उसे क्राइम ब्रांच भेज दिया। इलेक्शन का टाइम आया तो फिर उसे बुला लिया गया। विभाग ने उसपर बहुत दबाव बनाया था। जब हमलोग घटनास्थल पर पहुंचे थे तो योगेश का पैर चौकी से सट रहा था। ये इस बात का इशारा है कि योगेश ने खुद जान नहीं दी है। उसकी हत्या की गई है। मामले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए।
‘योगेश का पैर हवा में नहीं लटका था’ योगेश के जीजा कुमार मंडल ने कहा कि योगेश का ट्रांसफर हुआ था, फिर भी अधिकारी उसे रिलीज नहीं कर रहे थे। एसपी के दबाव में योगेश काम कर रहा था। जब हमलोग घटनास्थल पर गए तो योगेश का पैर हवा से लटका नहीं था। पंखे से पलंग की हाइट 5 फीट थी, पर योगेश की हाइट साढ़े 6 फीट थी। वो कैसे सुसाइड कर सकता है। उसकी हत्या हुई है।
योगेश की 9 बहनें हैं जीजा कुमार मंडल ने कहा कि योगेश अपने भाई में सबसे बड़ा था। उसकी 9 बहनें भी हैं। सभी बहनें बड़ी हैं। वहीं, 2 भाई अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पिता मील चलाया करते थे। योगेश के कुछ सहकर्मियों के अनुसार, उसका व्यवहार अच्छा था। हालांकि, सामान्य व्यवहार देखकर निजी जिंदगी में तनाव या नौकरी के प्रेशर को कोई समझ नहीं सके।
‘योगेश भागलपुर में रहना चाहता था’ फूजा-जीजा का कहना है कि योगेश अपनी पोस्टिंग को लेकर परेशान था और भागलपुर में रहना चाहता था। योगेश की एक बार पोस्टिंग भागलपुर में हुई भी थी, लेकिन बाद में वे दोबारा नवगछिया पुलिस लाइन में रीडर के रूप में चला गया। योगेश पर नौकरी के दौरान अधिकारियों का दबाव रहता था। हालांकि, दबाव की प्रकृति क्या थी, किन परिस्थितियों में पोस्टिंग बदली ये अभी क्लियर नहीं है। पत्नी पटना सचिवालय में कार्यरत है योगेश मूल रूप से बांका जिले के बौंसी प्रखंड अंतर्गत बाराहाट थाना क्षेत्र के कप्पाडीह गांव का रहने वाला था। नवगछिया एसपी कार्यालय की अपराध शाखा में कार्यरत था। 16 अक्टूबर को जमादार से दारोगा पद पर पदोन्नति मिली थी। इसी साल जुलाई में उसकी शादी भागलपुर के रन्नूचक मदनपुर निवासी गुड़िया कुमारी से हुई थी। पत्नी पटना सचिवालय में कार्यरत हैं।
बचपन में मां को खोया, सौतेली मां ने पाला योगेश जब वह महज तीन साल के थे, तब सांप के काटने से उनकी मां सरस्वती देवी की मौत हो गई थी। बेटे और आठ बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी को देखते हुए उनके पिता रामकृष्ण साह ने उर्वशी देवी से दूसरी शादी की थी। उर्वशी देवी ने योगेश को अपने बच्चों की तरह प्यार और स्नेह दिया। योगेश की मौत के बाद उर्वशी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कहती हैं कि योगेश ने उन्हें कभी सौतेली मां होने का अहसास नहीं होने दिया। वह उन्हें सगी मां से भी बढ़कर सम्मान और स्नेह देता था। उसकी मौत ने उनके जीवन का सहारा छीन लिया है।

