बेगूसराय में बुधवार शाम बरौनी रिफाइनरी विस्तारीकरण परियोजना में काम के दौरान ऊंचाई से गिरकर एक मजदूर की मौत हो गई थी। जिसके बाद रिफाइनरी के गेट नंबर 1 पर करीब 23 घंटे तक आंदोलन हुआ। लाश को रखकर हजारों की संख्या में मजदूर धरने पर बैठ गए थे। मैंनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी की। मजदूरों का कहना है कि हादसा प्रबंधन की लापरवाही से हुई। परिवार और ग्रामीण एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग कर रहे थे। हालांकि लिखित समझौते के तहत तय हुआ कि रिफाइनरी प्रबंधन की ओर से 20 लाख रुपए और संबंधित संवेदक की ओर से 25 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। कुल 45 लाख रुपए का मुआवजा पीड़ित परिवार को आगामी 15 दिनों में भुगतान कर दिया जाएगा। मृतक की पत्नी को नियमानुसार पेंशन का लाभ दिलाया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शन 15 अक्टूब की शाम खत्म हुआ। परिजन लाश को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। मौके से आईं कुछ तस्वीरें… हादसे के बाद रिफाइनरी परिसर में आक्रोश मृतक मुफस्सिल थाना क्षेत्र के किल्ली मोहनपुर गांव के रहने वाले अशोक सिंह के बेटे मुरारी सिंह (35) हैं। मुरारी सिंह बरौनी रिफाइनरी विस्तारीकरण परियोजना में एक संवेदक के यहां ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत थे। बुधवार की शाम जब परियोजना के कार्य में जुटे हुए थे, तभी अचानक ऊंचाई पर काम करने के दौरान वे नीचे गिर गए थे। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मजदूर की मौत की खबर जैसे ही अन्य मजदूरों तक पहुंची, वैसे ही रिफाइनरी परिसर में शोक के साथ-साथ गुस्सा फैल गया। बुधवार की देर शाम से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन बढ़ता गया। गुरुवार की सुबह होते ही आंदोलन तेज हो गया। हजारों मजदूर रिफाइनरी के एक नंबर गेट पर एकजुट हो गए। रिफाइनरी के मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम कर दिया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि रिफाइनरी के अधिकारी भी मुख्य गेट से अंदर प्रवेश नहीं कर सके। अधिकारियों को वैकल्पिक रास्तों से रिफाइनरी के अंदर भेजा गया। जिससे औद्योगिक इकाइयों का दैनिक कार्य बाधित नहीं हो। पत्नी बार-बार हो रही थी बेहोश मृतक की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वो बार-बार बेहोश हो रही थी। जिसे संभालने के लिए आसपास की महिलाएं और ग्रामीण मौजूद थे। मजदूरों का गुस्सा इस बात पर था कि कंपनियां और संवेदक मुनाफा कमाने की होड़ में मजदूरों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विस्तारीकरण परियोजना में काम कराने वाली कंपनियों की ओर से सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं। मटिहानी विधायक बोगो सिंह भी मौके पर पहुंचे। विधायक ने परिजनों को ढांढस बंधाया और आक्रोशित मजदूरों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
रिपोर्ट में फिसलने से हादसा, मजदूरों ने किया विरोध मृतक मुरारी के सहकर्मी दीपक कुमार ने बताया कि हम लोग बीएंडआर कंपनी के तहत एसकेपीएल पेट्री कॉन्ट्रैक्टर के अधीन काम कर रहे थे। घटना के समय मुरारी कैंटीलेवर पर माल लगाने और उठाने के कार्य में लगे हुए थे। उन्होंने पूरी सुरक्षा के साथ सेफ्टी बेल्ट फंसा रखा था, लेकिन बेल्ट कैंटीलेवर वेल्डिंग की कमजोरियों के कारण अचानक टूट गया। जो कैंटीलेवर इस्तेमाल किया जा रहा था, उसमें मजबूत वेल्डिंग नहीं थी, बल्कि उसे सिर्फ स्टेकिंग पर रखा गया था। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन और संवेदक की तरफ से जो जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है, उसमें इस हादसे को मजदूर के फिसलने के रूप में दिखाया जा रहा है। यह पूरी तरह गलत और तथ्यों को छिपाने का प्रयास है। अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की बरौनी रिफाइनरी के अधिकारी मीनाक्षी ठाकुर ने बताया कि घटना बहुत दुखद है। घटना के बाद हम लोग तुरंत मुआवजा देने के लिए तैयार थे, लेकिन कुछ लोग बेवजह उत्पाद मचा रहे थे। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की भी की। फिलहाल लिखित समझौता हो गया है। रिफाइनरी प्रबंधन मृतक के परिजन को 20 लाख रुपए, संबंधित कंपनी और ठेकेदार की ओर से 25 लाख रुपया देंगे। मृतक की पत्नी को अन्य सुविधा का लाभ भी दिलाया जाएगा। बेगूसराय में बुधवार शाम बरौनी रिफाइनरी विस्तारीकरण परियोजना में काम के दौरान ऊंचाई से गिरकर एक मजदूर की मौत हो गई थी। जिसके बाद रिफाइनरी के गेट नंबर 1 पर करीब 23 घंटे तक आंदोलन हुआ। लाश को रखकर हजारों की संख्या में मजदूर धरने पर बैठ गए थे। मैंनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी की। मजदूरों का कहना है कि हादसा प्रबंधन की लापरवाही से हुई। परिवार और ग्रामीण एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग कर रहे थे। हालांकि लिखित समझौते के तहत तय हुआ कि रिफाइनरी प्रबंधन की ओर से 20 लाख रुपए और संबंधित संवेदक की ओर से 25 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। कुल 45 लाख रुपए का मुआवजा पीड़ित परिवार को आगामी 15 दिनों में भुगतान कर दिया जाएगा। मृतक की पत्नी को नियमानुसार पेंशन का लाभ दिलाया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शन 15 अक्टूब की शाम खत्म हुआ। परिजन लाश को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। मौके से आईं कुछ तस्वीरें… हादसे के बाद रिफाइनरी परिसर में आक्रोश मृतक मुफस्सिल थाना क्षेत्र के किल्ली मोहनपुर गांव के रहने वाले अशोक सिंह के बेटे मुरारी सिंह (35) हैं। मुरारी सिंह बरौनी रिफाइनरी विस्तारीकरण परियोजना में एक संवेदक के यहां ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत थे। बुधवार की शाम जब परियोजना के कार्य में जुटे हुए थे, तभी अचानक ऊंचाई पर काम करने के दौरान वे नीचे गिर गए थे। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मजदूर की मौत की खबर जैसे ही अन्य मजदूरों तक पहुंची, वैसे ही रिफाइनरी परिसर में शोक के साथ-साथ गुस्सा फैल गया। बुधवार की देर शाम से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन बढ़ता गया। गुरुवार की सुबह होते ही आंदोलन तेज हो गया। हजारों मजदूर रिफाइनरी के एक नंबर गेट पर एकजुट हो गए। रिफाइनरी के मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम कर दिया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि रिफाइनरी के अधिकारी भी मुख्य गेट से अंदर प्रवेश नहीं कर सके। अधिकारियों को वैकल्पिक रास्तों से रिफाइनरी के अंदर भेजा गया। जिससे औद्योगिक इकाइयों का दैनिक कार्य बाधित नहीं हो। पत्नी बार-बार हो रही थी बेहोश मृतक की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वो बार-बार बेहोश हो रही थी। जिसे संभालने के लिए आसपास की महिलाएं और ग्रामीण मौजूद थे। मजदूरों का गुस्सा इस बात पर था कि कंपनियां और संवेदक मुनाफा कमाने की होड़ में मजदूरों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विस्तारीकरण परियोजना में काम कराने वाली कंपनियों की ओर से सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं। मटिहानी विधायक बोगो सिंह भी मौके पर पहुंचे। विधायक ने परिजनों को ढांढस बंधाया और आक्रोशित मजदूरों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
रिपोर्ट में फिसलने से हादसा, मजदूरों ने किया विरोध मृतक मुरारी के सहकर्मी दीपक कुमार ने बताया कि हम लोग बीएंडआर कंपनी के तहत एसकेपीएल पेट्री कॉन्ट्रैक्टर के अधीन काम कर रहे थे। घटना के समय मुरारी कैंटीलेवर पर माल लगाने और उठाने के कार्य में लगे हुए थे। उन्होंने पूरी सुरक्षा के साथ सेफ्टी बेल्ट फंसा रखा था, लेकिन बेल्ट कैंटीलेवर वेल्डिंग की कमजोरियों के कारण अचानक टूट गया। जो कैंटीलेवर इस्तेमाल किया जा रहा था, उसमें मजबूत वेल्डिंग नहीं थी, बल्कि उसे सिर्फ स्टेकिंग पर रखा गया था। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन और संवेदक की तरफ से जो जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है, उसमें इस हादसे को मजदूर के फिसलने के रूप में दिखाया जा रहा है। यह पूरी तरह गलत और तथ्यों को छिपाने का प्रयास है। अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की बरौनी रिफाइनरी के अधिकारी मीनाक्षी ठाकुर ने बताया कि घटना बहुत दुखद है। घटना के बाद हम लोग तुरंत मुआवजा देने के लिए तैयार थे, लेकिन कुछ लोग बेवजह उत्पाद मचा रहे थे। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की भी की। फिलहाल लिखित समझौता हो गया है। रिफाइनरी प्रबंधन मृतक के परिजन को 20 लाख रुपए, संबंधित कंपनी और ठेकेदार की ओर से 25 लाख रुपया देंगे। मृतक की पत्नी को अन्य सुविधा का लाभ भी दिलाया जाएगा।

