राहुल गांधी पर FIR का विरोध, कांग्रेस का आक्रोश मार्च:लखीसराय में PM मोदी का पुतला जलाया, केस वापस लेने की मांग

राहुल गांधी पर FIR का विरोध, कांग्रेस का आक्रोश मार्च:लखीसराय में PM मोदी का पुतला जलाया, केस वापस लेने की मांग

लखीसराय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला। उत्तराखंड के हल्द्वानी में राहुल गांधी पर SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी जलाया। यह मार्च कांग्रेस कार्यालय चितरंजन से शुरू हुआ और शहर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए शहीद द्वार पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शहीद द्वार के पास कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। ”कार्रवाई विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश” मार्च में शामिल कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर दलित विरोधी और जातिवादी मानसिकता के साथ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की बात उठा रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ यह कार्रवाई विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता किसी भी दमनकारी कार्रवाई और मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बल रहे तैनात उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार सभी को है। कांग्रेस सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह विपक्षी नेताओं के खिलाफ राजनीतिक कार्रवाई करने के बजाय देश की जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दे। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी तैनात की गई थी। लखीसराय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला। उत्तराखंड के हल्द्वानी में राहुल गांधी पर SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी जलाया। यह मार्च कांग्रेस कार्यालय चितरंजन से शुरू हुआ और शहर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए शहीद द्वार पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शहीद द्वार के पास कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। ”कार्रवाई विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश” मार्च में शामिल कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर दलित विरोधी और जातिवादी मानसिकता के साथ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की बात उठा रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ यह कार्रवाई विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता किसी भी दमनकारी कार्रवाई और मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बल रहे तैनात उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार सभी को है। कांग्रेस सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह विपक्षी नेताओं के खिलाफ राजनीतिक कार्रवाई करने के बजाय देश की जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दे। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी तैनात की गई थी।  

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