अवैध रूप से वन्यजीवों को घरों में रखने के मामलों को लेकर जीएसपीसीए और वन विभाग ने संयुक्त रूप से की कार्रवाई
वडोदरा. शहर में अवैध रूप से वन्यजीवों को घरों में रखने के मामलों को लेकर गुजरात पशु क्रूरता निवारण सोसाइटी (जीएसपीसीए) और वन विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की। सर्च ऑपरेशन के दौरान 9 तोते और 2 कछुए का रेस्क्यू किया गया।
लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर बुधवार को आज शहर के अलग-अलग इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सर्च ऑपरेशन के दौरान छाणी-आजवा रोड और शहर इलाके के अलग-अलग घरों से पिंजरों में कैद 9 तोते बरामद किए गए। वन विभाग की टीम ने सभी तोतों को कब्जे में ले लिया।
वहीं, राजमहल इलाके में प्रतिबंधित कछुए रखे जाने की शिकायत भी जीएसपीसीए को मिली थी। शिकायत के आधार पर वन विभाग के अधिकारियों के साथ जीएसपीसीए के कार्यकर्ता रमेश मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान वहां से 2 कछुए भी बरामद किए गए। इस तरह संयुक्त कार्रवाई में कुल 11 वन्यजीवों को रेस्क्यू किया गया। सभी वन्यजीवों को आगे की देखभाल और उपचार के साथ उनके प्राकृतिक आवास में मुक्त करने की प्रक्रिया के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया।
जीएसपीसीए ने शहरवासियों से अपील की है कि अगर किसी के घर में तोता, कछुआ या अन्य कोई वन्यजीव रखा हुआ है तो उसे जल्द से जल्द स्वेच्छा से एनजीओ या नजदीकी वन विभाग कार्यालय को सौंप दें। संस्था के मुताबिक, वन्यजीवों को अवैध रूप से घर में रखना वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत अपराध है। केवल शौक के लिए वन्यजीवों को पिंजरे में रखना संबंधित व्यक्ति के लिए कानूनी परेशानी खड़ी कर सकता है।
कार्रवाई की चेतावनी
जीएसपीसीए ने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और नियमों का पालन करना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पकड़ते समय सांप के डंसने से रेस्क्यू करने वाले प्रौढ़ की मौत
वडोदरा. जिले की सिनोर तहसील में सांप और वन्यजीवों का रेस्क्यू करने वाले 38 साल के प्रौढ़ अनिल माछी की सांप के डंसने से मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि सिनोर गांव के रोहितवास इलाके में रहने वाला प्रौढ़ वाहन चालक के रूप में काम करता था, इसके साथ ही सांपों तथा अन्य वन्यजीवों के रेस्क्यू का काम भी करता था।
सिनोर गांव में पावभाजी लेने गए प्रौढ़ को सड़क पर सांप दिखाई दिया। आसपास मौजूद लोगों या वहां खेल रहे बच्चों को सांप के डंसने से बचाने के उद्देश्य से उसनेे सांप को रेस्क्यू करने की कोशिश की। इस दौरान सांप ने उसकी उंगली में डंस लिया।
सांप के डंसने के बाद मित्रों ने उसे बाइक पर बैठाकर तत्काल उपचार के लिए मोटा फोफलिया अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद 108 एंबुलेंस के जरिए उसे वडोदरा के एसएसजी अस्पताल लाया गया। हालांकि, एसएसजी अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण एसएसजी अस्पताल पहुंचे। परिजनों और मित्रों ने सरकार तथा वन विभाग से उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।पुलिस को घटना की सूचना देकर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि वन विभाग समेत विभिन्न संस्थाओं की ओर से उन्हें सांप पकड़ने और वन्यजीव रेस्क्यू से संबंधित प्रमाणपत्र भी दिए गए थे।

