‘राज्यहित में नीतीश कुमार और संजय झा चाहते हैं पुनर्विचार’:फरक्का जल संधि के नवीनीकरण का जदयू ने किया विरोध, कहा- बिहार का हिस्सा तय हो

‘राज्यहित में नीतीश कुमार और संजय झा चाहते हैं पुनर्विचार’:फरक्का जल संधि के नवीनीकरण का जदयू ने किया विरोध, कहा- बिहार का हिस्सा तय हो

फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के हितों की आवाज बुलंद की है। शुक्रवार को पंडासराय स्थित जदयू कार्यालय में आयोजित पीसी में पार्टी नेताओं ने कहा कि 1996 में हुई फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं रही है। संधि के 30 साल होने के बाद इसके पुराने स्वरूप में नवीनीकरण को जदयू ने अस्वीकार करने की मांग की है। बेनीपुर विधायक सह एनडीए गठबंधन के सचेतक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। पार्टी बिहार के हित में फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार चाहती है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा लगातार बिहार के जल अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। बिहार के हिस्से का पानी तय होना चाहिए
दरभंगा ग्रामीण विधायक सह जदयू जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मंडल उर्फ ईश्वर मंडल ने कहा कि फरक्का बराज और जल संधि के कारण पिछले तीन दशकों में बिहार को गाद जमाव, बाढ़ और कटाव की समस्या का सामना करना पड़ा है। बिहार के 13 करोड़ लोगों के भविष्य और राज्य के जल अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संधि के नवीनीकरण पर नए सिरे से विचार होना चाहिए। जदयू नेताओं ने कहा कि यदि फरक्का जल संधि का नवीनीकरण किया जाता है तो उससे पहले बिहार को मिलने वाले पानी की मात्रा और राज्य की भविष्य की जल जरूरतों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाना चाहिए। बिहार के हिस्से का पानी तय किए बिना किसी भी समझौते को आगे बढ़ाना स्वीकार्य नहीं होगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि आने वाले वर्षों में पानी की मांग लगातार बढ़ने वाली है। ऐसे में बिहार की वर्तमान ही नहीं, बल्कि भविष्य की जल जरूरतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
12 जिलों में चल रहा जनजागरूकता अभियान
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में इस मुद्दे को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संधि के प्रभाव और बिहार के जल अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी अभियान में सक्रिय हैं।
इसी अभियान के तहत शुक्रवार को दरभंगा में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि बिहारवासियों के जल अधिकारों की रक्षा के लिए जदयू सड़क से सदन तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।
7 सितंबर को दरभंगा पहुंचे थे संजय झा
इससे पहले 7 सितंबर को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा दरभंगा पहुंचे थे। जिला अतिथि गृह में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में उन्होंने फरक्का जल संधि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा था कि बिहार के हित तय किए बिना संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार पिछले 30 वर्षों में बिहार के साथ इस मामले में अन्याय हुआ है।
कार्यकर्ता संवाद के दौरान उन्होंने कहा था कि गंगा से बांग्लादेश जाने वाले पानी में बिहार की हिस्सेदारी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और पत्रकारों से भी इस मुद्दे को आम लोगों तक पहुंचाने की अपील की थी। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी, बेनीपुर विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी, दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश कुमार मंडल, कुशेश्वरस्थान विधायक अतिरेक कुमार समेत जदयू के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे थे। संजय झा के स्वागत में कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जेसीबी से फूलों की वर्षा भी की थी। जदयू ने स्पष्ट किया है कि फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर पार्टी का मुख्य जोर बिहार के जल अधिकार और भविष्य की जरूरतों को सुरक्षित करने पर है। फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के हितों की आवाज बुलंद की है। शुक्रवार को पंडासराय स्थित जदयू कार्यालय में आयोजित पीसी में पार्टी नेताओं ने कहा कि 1996 में हुई फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं रही है। संधि के 30 साल होने के बाद इसके पुराने स्वरूप में नवीनीकरण को जदयू ने अस्वीकार करने की मांग की है। बेनीपुर विधायक सह एनडीए गठबंधन के सचेतक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। पार्टी बिहार के हित में फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार चाहती है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा लगातार बिहार के जल अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। बिहार के हिस्से का पानी तय होना चाहिए
दरभंगा ग्रामीण विधायक सह जदयू जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मंडल उर्फ ईश्वर मंडल ने कहा कि फरक्का बराज और जल संधि के कारण पिछले तीन दशकों में बिहार को गाद जमाव, बाढ़ और कटाव की समस्या का सामना करना पड़ा है। बिहार के 13 करोड़ लोगों के भविष्य और राज्य के जल अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संधि के नवीनीकरण पर नए सिरे से विचार होना चाहिए। जदयू नेताओं ने कहा कि यदि फरक्का जल संधि का नवीनीकरण किया जाता है तो उससे पहले बिहार को मिलने वाले पानी की मात्रा और राज्य की भविष्य की जल जरूरतों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाना चाहिए। बिहार के हिस्से का पानी तय किए बिना किसी भी समझौते को आगे बढ़ाना स्वीकार्य नहीं होगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि आने वाले वर्षों में पानी की मांग लगातार बढ़ने वाली है। ऐसे में बिहार की वर्तमान ही नहीं, बल्कि भविष्य की जल जरूरतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
12 जिलों में चल रहा जनजागरूकता अभियान
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में इस मुद्दे को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संधि के प्रभाव और बिहार के जल अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी अभियान में सक्रिय हैं।
इसी अभियान के तहत शुक्रवार को दरभंगा में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि बिहारवासियों के जल अधिकारों की रक्षा के लिए जदयू सड़क से सदन तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।
7 सितंबर को दरभंगा पहुंचे थे संजय झा
इससे पहले 7 सितंबर को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा दरभंगा पहुंचे थे। जिला अतिथि गृह में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में उन्होंने फरक्का जल संधि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा था कि बिहार के हित तय किए बिना संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार पिछले 30 वर्षों में बिहार के साथ इस मामले में अन्याय हुआ है।
कार्यकर्ता संवाद के दौरान उन्होंने कहा था कि गंगा से बांग्लादेश जाने वाले पानी में बिहार की हिस्सेदारी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और पत्रकारों से भी इस मुद्दे को आम लोगों तक पहुंचाने की अपील की थी। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी, बेनीपुर विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी, दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश कुमार मंडल, कुशेश्वरस्थान विधायक अतिरेक कुमार समेत जदयू के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे थे। संजय झा के स्वागत में कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जेसीबी से फूलों की वर्षा भी की थी। जदयू ने स्पष्ट किया है कि फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर पार्टी का मुख्य जोर बिहार के जल अधिकार और भविष्य की जरूरतों को सुरक्षित करने पर है।  

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