यूपी चुनाव जमीन पर कम, मोबाइल पर ज्यादा लड़ा जाएगा:भाजपा-सपा ने बनाई रीच बढ़ाने की रणनीति, मायावती का X पर स्ट्राइक रेट बेहतर

यूपी चुनाव जमीन पर कम, मोबाइल पर ज्यादा लड़ा जाएगा:भाजपा-सपा ने बनाई रीच बढ़ाने की रणनीति, मायावती का X पर स्ट्राइक रेट बेहतर

यूपी में इस बार विधानसभा चुनाव जमीन से ज्यादा मोबाइल पर लड़ा जाएगा। लोग नेताओं के लंबे भाषणों से ज्यादा रील्स, शॉर्ट वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुद्दों को समझ रहे हैं। दिल्ली में 6 जून से 25 जुलाई तक चले जेन-जी प्रोटेस्ट के बाद सोशल मीडिया की राजनीतिक ताकत और ज्यादा दिखाई दे रही है। इसी वजह से भाजपा, सपा और बसपा ने सोशल मीडिया पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसके पीछे की 3 वजह समझिए- अब पार्टी के ऑफिशियल हैंडल्स का हाल जानिए 1. भाजपा (यूपी) : फॉलोअर्स ज्यादा, लेकिन रूटीन पोस्ट पर रीच कम 2. सपा : कम फॉलोअर्स के बावजूद रीच मजबूत 3. बसपा : X पर मायावती की सीधी पकड़ अखिलेश का एंगेजमेंट मजबूत, मायावती की X पर पकड़ 1. योगी आदित्यनाथ- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहुंच तीनों नेताओं में सबसे ज्यादा दिखती है। उनके राजनीतिक बयानों, विकास परियोजनाओं और सांस्कृतिक मुद्दों से जुड़े पोस्ट पर लाखों-करोड़ों व्यूज मिलते हैं। 7 सितंबर की इंस्टाग्राम पोस्ट को 1.2 करोड़ से ज्यादा व्यूज और 10 लाख से ज्यादा लाइक्स मिले। 2. अखिलेश यादव- सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ज्यादातर पोस्ट 1 लाख से ज्यादा व्यूज हासिल कर रही हैं। हालांकि, फोटो और छोटी अपडेट वाली पोस्ट पर सिर्फ 3 हजार से 18 हजार व्यूज आते हैं। वहीं, इंस्टाग्राम पर उनकी रील्स और वीडियो लाखों-करोड़ों व्यूज तक पहुंच रहे हैं। 3. मायावती- बसपा सुप्रीमो मायावती की सबसे मजबूत पकड़ X पर दिखाई देती है। 1 से 10 सितंबर के बीच उनके बयान वाली ज्यादातर पोस्ट पर 1 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। वहीं, 6 सितंबर की एक इंस्टाग्राम पोस्ट ने 10 लाख से ज्यादा व्यूज हासिल किए। भाजपा-सपा अपनी रीच कैसे बढ़ा रहे, क्या है स्ट्रैटजी भाजपा का 30 सेकेंड की रील्स पर फोकस 10 सितंबर को लखनऊ में भाजपा आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक दीपक म्हस्के ने प्रदेश टीम के साथ बड़ी बैठक की। भाजपा की भावी रणनीति इस प्रकार है- सपा रियल टाइम रिस्पॉन्स में जुटी सपा की सोशल मीडिया टीम पार्टी मुख्यालय (लखनऊ) से संचालित होती है और हर जिले में इसके पदाधिकारी तैनात हैं। सोशल मीडिया केवल प्रचार नहीं, दावों की परीक्षा भी सोशल मीडिया एक्सपर्ट अनूप मिश्रा कहते हैं- “2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में डिजिटल कंटेंट की भूमिका सबसे निर्णायक होगी। जेन-जी हर वादे और दावे की हकीकत सोशल मीडिया पर परख रहा है। अगर किसी मुद्दे को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समर्थन मिलता है, तो वह टीवी और अखबारों का एजेंडा बन जाता है।” —————- ये भी पढ़ें- क्या बसपा में जेन-जी का नया चेहरा बने युकेश:मायावती ने उमाशंकर के बेटे को फ्रंटलाइन में बैठाया; आकाश आनंद के साथ बनेगी जोड़ी बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी विधायक रहे उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस यूकेश सिंह को राजनीतिक रूप से स्थापित करने का संकेत दिया है। यूपी पदाधिकारियों की बैठक में पहली बार शामिल हुए युकेश को फ्रंटलाइन में जगह देकर यह भी साबित कर दिया कि पार्टी में उन्हें विशेष तवज्जो मिलेगी। वो सिर्फ उमाशंकर सिंह के उत्तराधिकारी नहीं, पार्टी का युवा चेहरा बनाए जा सकते हैं। पढ़िए पूरी खबर…

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