आज यूपी के 65 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इनमें 9 जिलों में भारी से भारी और 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। रविवार को 53 शहरों में बारिश हुई। लखनऊ में शाम को 2 घंटे की मूसलाधार बारिश से सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया। मरीन ड्राइव भी डूब गया। कई जगह पानी भरने से गाड़ियां बंद हो गईं। इस दौरान पुलिसकर्मी लोगों की मदद करते नजर आए। गाजियाबाद में बारिश के बाद लोनी की सड़कें तालाब बन गईं। गड्ढे में फंसी ट्रैक्टर-ट्रॉली को JCB की मदद से बाहर निकाला गया। वहीं, सवारियों से भरा एक ऑटो गड्ढे में पलट गया। लोगों ने ऑटो में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे के बाद एक महिला डर के कारण सिर पकड़कर रोने लगी। गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। लगातार हो रही बारिश से प्रदेश की नदियां उफान पर हैं। 19 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 92 गांवों में फसलें जलमग्न हो गई हैं, जबकि 26 गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं। इन गांवों को दूसरे इलाकों से जोड़ने वाली सड़कें भी पानी में डूब गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में नावों और मोटर बोट के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। झांसी में बेतवा नदी पर बना बांध इस सीजन में पहली बार ओवरफ्लो हो गया है। 140 साल पुराने पारीछा बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं। बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। संतकबीर नगर के 20 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां 9 सरकारी स्कूलों में भी पानी भर गया है। बारिश और बाढ़ की तस्वीरें… प्रयागराज में सड़कों पर हो रहा अंतिम संस्कार प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दारागंज घाट की सीढ़ियां जलमग्न होने के कारण सड़कों पर अंतिम संस्कार करने की नौबत आ गई है। कानपुर के निचले इलाकों की बस्तियों में पांडु नदी का पानी घुसने से करीब 2 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। वाराणसी के अस्सी घाट पर होने वाला ‘सुबह-ए-बनारस’ कार्यक्रम का मंच भी पानी में डूब गया है। उन्नाव के गंगाघाट में गंगा स्नान के दौरान दो बच्चियां डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए पिता भी नदी में कूद गए, लेकिन वह भी डूबने लगे। मौके पर मौजूद पंडा ने तीनों को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- मानसूनी सिस्टम के उत्तर की ओर सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी भरी हवाएं आने से यूपी में अगले आज और कल बारिश की गतिविधियों में तेजी बरकरार रहेगी। 25 अगस्त से पश्चिमी हवाएं जोर पकड़ेंगी। इससे पश्चिमी और मध्य यूपी में भारी बारिश की संभावना खत्म हो जाएगी। पूर्वी यूपी में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कल किन जिलों में बारिश होगी, देखिए 19 जिले बाढ़ से प्रभावित, 92 गांवों में फसलें जलमग्न बाढ़ के कारण प्रदेश में जनजीवन प्रभावित है। 19 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। करीब 92 गांवों में फसलें पानी में डूब गई हैं, जबकि 26 गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। इन गांवों को आसपास के इलाकों से जोड़ने वाली सड़कें पानी में डूब चुकी हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। सड़क संपर्क टूटने वाले गांवों तक नावों और मोटर बोट के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। स्थानीय प्रशासन की टीमें जलभराव वाले इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 25 अगस्त से पश्चिमी यूपी में कम होगी बारिश मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, 25 अगस्त से पश्चिमी हवाएं जोर पकड़ेंगी। इसके प्रभाव से पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना कम हो जाएगी। हालांकि, पूर्वी यूपी में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रहेगा। जहां पूर्वी यूपी में बारिश का दौर जारी रह सकता है, वहीं पश्चिमी और मध्य यूपी में 25 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

