यमुनानगर हरभजन हत्याकांड: 10 गिरफ्तार, मुख्य शूटर अब भी फरार:विदेश में बैठे गिल्ली राणा की मां से शुरू हुई पूछताछ, तीन बार खारिज हुई जमानत याचिका

यमुनानगर हरभजन हत्याकांड: 10 गिरफ्तार, मुख्य शूटर अब भी फरार:विदेश में बैठे गिल्ली राणा की मां से शुरू हुई पूछताछ, तीन बार खारिज हुई जमानत याचिका

यमुनानगर के मॉडल टाउन स्थित जिम के बाहर 3 सितंबर की सुबह फाइनेंसर एवं ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह उर्फ जैदी की गोलियों से भूनकर हत्या करने के मामले में पुलिस अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ताजा गिरफ्तारी में सीआईए-2 की टीम ने विदेश में बैठे बदमाश अरविंद उर्फ गिल्ली राणा की मां मीना (50), निवासी गांव औगंद, जिला करनाल, को प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। मीना पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित क्लब में फायरिंग के मामले में अंबाला जेल में बंद थी। अब उससे रिमांड के दौरान पूछताछ शुरू की जा चुकी है। विदेश में बैठा गिल्ली राणा जांच के दायरे में पुलिस के अनुसार, अरविंद उर्फ गिल्ली राणा विदेश में बैठकर काला राणा गिरोह के लिए काम करता है। आरोप है कि वह यमुनानगर में शूटरों और वारदात में शामिल अन्य आरोपियों को सहयोग उपलब्ध करवाने वाले नेटवर्क से जुड़ा था। उसकी मां मीना पर बदमाशों को पनाह देने और आर्थिक मदद पहुंचाने के आरोप हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि शूटरों तक रकम कैसे पहुंचाई गई, इसमें किन लोगों ने मदद की और मीना की भूमिका क्या रही। पूछताछ में बैंक खातों, संपर्कों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच अहम रहेगी। पंचकूला के क्लब में फायरिंग और पांच करोड़ की रंगदारी का मामला गिल्ली की मां मीना का नाम पंचकूला में क्लब मालिक रतन चंद लुबाना से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और उन पर फायरिंग करने के मामले में भी सामने आया था। रतन चंद लुबाना भाजपा युवा मोर्चा के पंचकूला जिलाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद नरिंदर पाल सिंह लुबाना के छोटे भाई हैं। आरोप है कि गैंगस्टर अरविंद उर्फ गिल्ली राणा ने रंगदारी की रकम अपनी मां मीना देवी को देने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया था कि मीना अपने बेटे के संपर्क में थी। इस मामले में पंचकूला की अदालत ने मीना की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने आरोपों की गंभीरता और मुख्य गवाहों की जांच बाकी होने को जमानत न देने का आधार बताया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसकी जमानत याचिका तीन बार खारिज हो चुकी है। हालांकि, यह मामला पंचकूला में रंगदारी और क्लब पर फायरिंग से संबंधित है, जबकि यमुनानगर पुलिस मीना की भूमिका की जांच जैदी हत्याकांड के संबंध में कर रही है। शूटरों की मदद करने के आरोप में कई गिरफ्तारियां पुलिस जांच में सामने आया कि हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों को हथियार, कारतूस, मोटरसाइकिल और अन्य सहायता उपलब्ध करवाने में कई लोगों की भूमिका रही। कुरुक्षेत्र के हरियापुर निवासी आर्यन उर्फ नानी और कंग कॉलोनी निवासी राकेश को 10 सितंबर को गांव छोटी पाबनी के पास पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, दोनों ने शूटरों को हथियार और कारतूस उपलब्ध करवाए थे। मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैरों में गोली लगी थी। इस संबंध में थाना छप्पर में भी केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा कुरुक्षेत्र निवासी विशाल और किशन को भी गिरफ्तार किया गया। विशाल पर वारदात में शामिल आरोपियों को मोटरसाइकिल उपलब्ध करवाने का आरोप है, जबकि किशन ने अन्य प्रकार की मदद की थी। एक मां-बेटे की जोड़ी पहले हो चुकी गिरफ्तार पुलिस ने करनाल जिले के गांव पड़हाना निवासी मनीष और एक नाबालिग आरोपी को भी पकड़ा। इसके बाद विदेश में बैठे बदमाशों के नेटवर्क से जुड़े जगाधरी निवासी गर्विश नंदा के परिवार की भूमिका की जांच की गई। पुलिस ने गर्विश के भाई रुशील नंदा और उसकी मां सुनीता को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इनके संयुक्त बैंक खाते में विदेश से रुपये मंगवाए गए और फिर यह रकम शूटरों व अन्य सहयोगियों तक पहुंचाई गई। न्यू मधु कॉलोनी निवासी सन्नी को भी गिरफ्तार किया गया। अब मीना की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस नेटवर्क की आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मुख्य शूटरों की गिरफ्तारी अब भी चुनौती 3 सितंबर की सुबह हरभजन सिंह उर्फ जैदी की जिम से बाहर निकलते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात की जिम्मेदारी काला राणा गिरोह से जुड़े शुभम पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल कर ली थी। पोस्ट में हत्या के पीछे पूर्व विधायक दिलबाग सिंह से करीबी का दावा किया गया था। पुलिस ने इसके बाद जांच तेज करते हुए उन लोगों को गिरफ्तार किया, जिन पर शूटरों को हथियार, वाहन और आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का आरोप है। अब मीना की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का ध्यान विदेश में बैठे बदमाशों और स्थानीय सहयोगियों के बीच संपर्कों की जांच पर है। रिमांड के दौरान यह पता लगाने का प्रयास होगा कि हत्याकांड की साजिश में कौन-कौन शामिल था और शूटरों को मदद किस माध्यम से पहुंचाई गई। फिलहाल इस मामले में 10 गिरफ्तारियों की जानकारी सामने आई है, जबकि मुख्य शूटरों की गिरफ्तारी बाकी है।

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