सतना के धवारी चौराहे पर राज्य शिक्षा सेवा में संविलियन की मांग को लेकर अध्यापकों का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षकों ने स्पष्ट कहा कि जब तक संविलियन का आदेश जारी नहीं होता, तब तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे। गुरुवार को धरने की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। 2018 से संविलियन की मांग धरने में शामिल शिक्षकों ने कहा कि वे वर्ष 2018 से संविलियन सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इसी वजह से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। बोले- आश्वासन नहीं, अब आदेश चाहिए आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि धरने के दूसरे दिन भी जिला प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं पहुंचा। शिक्षकों के मुताबिक, प्रशासन की ओर से न तो मांगों को लेकर बातचीत हुई और न ही कोई ठोस आश्वासन दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि संविलियन का आदेश चाहिए। मांग पूरी होने तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। कई विकासखंडों के शिक्षक शामिल आंदोलन में रामपुर बघेलान, अमरपाटन और सोहावल सहित कई विकासखंडों के सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए। समाजसेवियों ने भी शिक्षकों की मांगों का समर्थन किया और जिला प्रशासन से मामले का जल्द समाधान कराने की अपील की।

