BJP MLA Pratap Singh Singvi: जयपुर: राजधानी जयपुर के सिविल लाइंस इलाके में बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी के आवास पर चोरी की वारदात सामने आई है। चोर बंगले से लाखों रुपए का सामान लेकर फरार हो गए। खास बात यह है कि विधायक का आवास राजभवन के पीछे स्थित है। यह इलाका प्रदेश के वीआईपी और हाई-सिक्योरिटी क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में यहां चोरी की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
राजभवन के पास विधायक के बंगले में चोरी
प्रताप सिंह सिंघवी का बंगला जयपुर के सिविल लाइंस इलाके में स्थित है। यह क्षेत्र प्रदेश के कई प्रमुख नेताओं और मंत्रियों के आवास के लिए जाना जाता है। विधायक के बंगले के सामने सचिन पायलट का आवास है, जबकि बगल में मंत्री सुरेश रावत का निवास स्थित है। ऐसे संवेदनशील इलाके में चोरी की वारदात सामने आने से सुरक्षा इंतजामों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
वारदात के समय क्षेत्र के दौरे पर थे विधायक
जानकारी के अनुसार, चोरी की वारदात देर रात हुई। घटना के समय विधायक प्रताप सिंह सिंघवी क्षेत्र के दौरे पर थे। चोरी की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जयपुर पुलिस कमिश्नर को इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल, चोरी की वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही वारदात से जुड़े संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं, ताकि चोरों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विधायक के आवास से कौन-कौन सी वस्तुएं चोरी हुई हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चोरी गए सामान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
बताते चलें कि प्रताप सिंह सिंघवी राजस्थान के वरिष्ठ बीजेपी नेता और बारां जिले की छबड़ा विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे कई बार विधायक चुने जा चुके हैं और राजस्थान सरकार में स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के रूप में भी काम कर चुके हैं।
ऐसा है विधायक प्रताप सिंह सिंघवी का राजनीतिक सफर
- साल 1985 में पहली बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
- साल 1993, 1998 और 2003 में लगातार तीन चुनावों में छबड़ा से विधायक चुने गए।
- साल 2004-2008 में राजस्थान सरकार में स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री रहे। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवासन और स्वायत्त शासन जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
- साल 2013, 2018 और 2023 में फिर से विधायक चुने गए। इस तरह वे सात बार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं।

