यमुनानगर के सढौरा क्षेत्र में मां के पास सोते समय लापता हुए डेढ़ साल के बच्चे छोटू का छह दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। बिहार से धान के सीजन में मजदूरी करने आए परमाल सिंह का बेटा छोटू 20 अक्तूबर की रात संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। रात करीब तीन बजे मां की आंख खुली तो बच्चा बिस्तर पर नहीं मिला। परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन बच्चे का पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने अपहरण की आशंका के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छोटू अपने परिवार में चार बहनों का इकलौता भाई है। उसके लापता होने के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता परमाल सिंह धान के सीजन में मजदूरी करने के लिए परिवार सहित सढौरा आया हुआ है। परिवार कालाआंब रोड के पास रहता है। घटना के बाद से परिजन लगातार बच्चे की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। दो-तीन दिन पहले रात को आया था संदिग्ध व्यक्ति परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनकी किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं है। हालांकि, बच्चे के लापता होने से दो-तीन दिन पहले रात करीब एक बजे एक व्यक्ति उनके पास आया था। परिजनों के अनुसार, वह व्यक्ति सख्त लहजे में बात कर रहा था। इसके बाद उन्होंने अपने एक जानकार को बुलाया। आरोप है कि जानकार ने उस व्यक्ति को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद वह गन्ने के खेत की तरफ भाग गया। बच्चे के लापता होने के बाद परिजनों ने उस व्यक्ति पर भी शक जताया है। हालांकि, अभी तक उसकी भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। बच्चे की तलाश में जुटी पुलिस सढौरा थाना प्रभारी लखविंद्र के अनुसार, बच्चे के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई थी। बच्चे की मां ने बताया कि वह उसे दूध पिला रही थी। इसी दौरान उसकी आंख लग गई और जब आंख खुली तो बच्चा गायब था। पुलिस आसपास के क्षेत्र में बच्चे की तलाश कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चा किन परिस्थितियों में लापता हुआ। छह दिन बीतने के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार परेशान है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

