एडवोकेट रवि गौतम का धरना मेरठ के कमिश्नरी पार्क में रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। यह धरना पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय को सेवा से बर्खास्त करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर चल रहा है। चौथे दिन धरनास्थल पर बड़ी संख्या में समर्थक, महिलाएं और बच्चे भी मौजूद रहे। रवि गौतम ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। गौतम ने जोर देकर कहा, “हम तय कर चुके हैं कि मांगें पूरी होने के बाद ही धरना समाप्त करेंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।” यह विवाद ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में शुरू हुआ था। उस समय रवि गौतम ने डीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। रवि गौतम का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की और थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद रवि गौतम ने अपनी कथित बर्बरता के लिए तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने एसपी देहात अभिजीत कुमार, एसओजी प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ और सिविल लाइन थाने के दरोगा उदय प्रताप सिंह सहित कई पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रवि गौतम का कहना है कि अविनाश पांडेय का तबादला हो चुका है, लेकिन इससे उनकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन एसएसपी ने गैरकानूनी कदम उठाया था, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। रवि गौतम ने दोहराया कि वे अपनी सभी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना जारी रखेंगे और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।

