मुजफ्फरपुर में ब्यूटी और मसाज पार्लर की आड़ में कथित देह व्यापार के नेटवर्क पर पुलिस कार्रवाई के बाद शुक्रवार को जांच आगे बढ़ी। पुलिस के अनुसार, नाबालिगों को काम दिलाने के नाम पर फंसाकर कथित रूप से देह व्यापार में धकेलने वाले नेटवर्क की कड़ियां शहर के अलग-अलग पार्लरों से जुड़ी मिली हैं। मामले में विशेष पॉक्सो एक्ट के तहत माया कुमारी और जलपाईगुड़ी निवासी पूनम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। गुरुवार को अलग-अलग पार्लरों में छापेमारी के दौरान एक पुरुष समेत 12 महिलाओं को पकड़ा गया था। फोटो पसंद आते ही वॉट्सएप पर भेजते थे रेट और लोकेशन पुलिस की जांच में सामने आया है कि ग्राहकों तक लड़कियों को पहुंचाने के लिए पहले उनकी तस्वीरें भेजी जाती थी। ग्राहक के फोटो पसंद करने के बाद वॉट्सएप पर रेट और लोकेशन साझा की जाती थी। पुलिस को कुछ मामलों में 500 से लेकर 5000 रुपए तक रेट तय किए जाने की जानकारी मिली है। अब पुलिस मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में कितने ग्राहक और बिचौलिए जुड़े थे। स्टेशन से बस स्टैंड तक टारगेट करता था संजय पुलिस जांच के अनुसार, संजय साह उर्फ सूरज साह का काम लड़कियों को टारगेट करने से जुड़ा था। वह रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में काम की तलाश में भटक रही लड़कियों को कथित तौर पर निशाना बनाता था। काम दिलाने और बेहतर जिंदगी का झांसा देकर उन्हें अपने संपर्क में लाने के बाद पार्लर तक पहुंचाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इसके बाद लड़कियों को कथित देह व्यापार के धंधे में धकेला जाता था। पूनम और माया पर ग्राहक सेट करने का आरोप पुलिस के अनुसार, पार्लर नेटवर्क में पूनम और माया की भूमिका ग्राहकों को सेट करने से जुड़ी सामने आई है। आरोप है कि ग्राहकों से संपर्क कर लड़कियों की तस्वीरें भेजना, उनकी पसंद के बाद रेट और लोकेशन तय करना और फिर मुलाकात की व्यवस्था करना इसी नेटवर्क का हिस्सा था। पुलिस अब दोनों से पूछताछ और बरामद मोबाइल व अन्य साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही है। नाबालिग की तलाश से खुला पूरा नेटवर्क मामले की शुरुआत पानापुर करियात थाना क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग की तलाश से हुई। पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग की पहचान बेंगलुरु के एक युवक से हुई थी। 12 जुलाई को उससे मिलने मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने के दौरान उसकी मुलाकात संजय साह उर्फ सूरज साह से हुई। आरोप है कि संजय ने उसे काम दिलाने और बेहतर जिंदगी का झांसा देकर ब्यूटी पार्लर तक पहुंचा दिया। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने संजय को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र से नाबालिग को बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बच्ची से मिली जानकारी के बाद शहर में सक्रिय अलग-अलग पार्लरों और उनसे जुड़े लोगों की कड़ियां सामने आईं। दो नाबालिगों को कराया गया रेस्क्यू नाबालिग से मिली जानकारी के आधार पर विशेष टीम ने शहर के विभिन्न ब्यूटी और मसाज पार्लरों में छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दो नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को कथित नेटवर्क के संचालन और लड़कियों को अलग-अलग ठिकानों तक पहुंचाने की जानकारी मिली। इसी मामले में माया कुमारी और जलपाईगुड़ी निवासी पूनम को पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भेजा गया है। कटही पुल रोड में छापेमारी, कई हिरासत में धर्मशाला चौक के कटही पुल रोड इलाके में दोपहर करीब पौने चार बजे पुलिस टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखते ही कुछ लोग रेलवे लाइन की ओर भागने लगे। डीएसपी पश्चिमी-वन सुचित्रा कुमारी के नेतृत्व में टीम ने कई लोगों को पकड़ा और नगर थाना ले गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि छापेमारी की सूचना पहले से कुछ लोगों तक कैसे पहुंची। आसपास के कुछ दुकानदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एफएसएल ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य छापेमारी के बाद एफएसएल टीम ने पार्लरों की तलाशी लेकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, आसपास के लोगों से स्वतंत्र गवाह बनने का अनुरोध किया गया, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद पम्मी कुमारी और शबनम कुमारी की मौजूदगी में नियमानुसार तलाशी ली गई। पुलिस के अनुसार, रूदल ठाकुर के पार्लर से 8 बिना इस्तेमाल निरोध, 5 इस्तेमाल निरोध और कंबल बरामद हुआ। काजल देवी के पार्लर से 7 इस्तेमाल और 16 बिना इस्तेमाल निरोध मिले। चिंता देवी उर्फ रीना देवी के पार्लर से संदिग्ध दाग वाली पैंटी और कपड़े का टुकड़ा जब्त किया गया। एक अन्य पार्लर से दो इस्तेमाल निरोध और बेडशीट, जबकि पूजा देवी के पार्लर से संदिग्ध दाग वाला कपड़ा और दो इस्तेमाल निरोध बरामद किए गए। मोबाइल से खंगाली जा रही ग्राहकों और बिचौलियों की कड़ी तलाशी के दौरान मरजिना खातून, सुलेखा कुमारी, चिंता देवी उर्फ रीना देवी, सुमांती देवी, सोनी देवी और रीना वर्मण समेत कुछ महिलाओं के मोबाइल जब्त किए गए। पुलिस इन मोबाइलों की तकनीकी जांच कर रही है। इसके जरिए ग्राहकों, बिचौलियों, पार्लर संचालकों और लड़कियों को पार्लर तक पहुंचाने वालों के बीच संपर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। मामले में रूदल ठाकुर समेत 11 लोगों को आरोपी किया गया है। पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। अब जांच का फोकस लड़कियों की तस्वीरें भेजने वाले, रेट और लोकेशन तय करने वाले, भुगतान लेने वाले और स्टेशन-बस स्टैंड से लड़कियों को पार्लर तक पहुंचाने वालों की पहचान पर है। पुलिस दार्जिलिंग-सिलीगुड़ी कनेक्शन की भी जांच कर रही है। मुजफ्फरपुर में ब्यूटी और मसाज पार्लर की आड़ में कथित देह व्यापार के नेटवर्क पर पुलिस कार्रवाई के बाद शुक्रवार को जांच आगे बढ़ी। पुलिस के अनुसार, नाबालिगों को काम दिलाने के नाम पर फंसाकर कथित रूप से देह व्यापार में धकेलने वाले नेटवर्क की कड़ियां शहर के अलग-अलग पार्लरों से जुड़ी मिली हैं। मामले में विशेष पॉक्सो एक्ट के तहत माया कुमारी और जलपाईगुड़ी निवासी पूनम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। गुरुवार को अलग-अलग पार्लरों में छापेमारी के दौरान एक पुरुष समेत 12 महिलाओं को पकड़ा गया था। फोटो पसंद आते ही वॉट्सएप पर भेजते थे रेट और लोकेशन पुलिस की जांच में सामने आया है कि ग्राहकों तक लड़कियों को पहुंचाने के लिए पहले उनकी तस्वीरें भेजी जाती थी। ग्राहक के फोटो पसंद करने के बाद वॉट्सएप पर रेट और लोकेशन साझा की जाती थी। पुलिस को कुछ मामलों में 500 से लेकर 5000 रुपए तक रेट तय किए जाने की जानकारी मिली है। अब पुलिस मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में कितने ग्राहक और बिचौलिए जुड़े थे। स्टेशन से बस स्टैंड तक टारगेट करता था संजय पुलिस जांच के अनुसार, संजय साह उर्फ सूरज साह का काम लड़कियों को टारगेट करने से जुड़ा था। वह रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में काम की तलाश में भटक रही लड़कियों को कथित तौर पर निशाना बनाता था। काम दिलाने और बेहतर जिंदगी का झांसा देकर उन्हें अपने संपर्क में लाने के बाद पार्लर तक पहुंचाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इसके बाद लड़कियों को कथित देह व्यापार के धंधे में धकेला जाता था। पूनम और माया पर ग्राहक सेट करने का आरोप पुलिस के अनुसार, पार्लर नेटवर्क में पूनम और माया की भूमिका ग्राहकों को सेट करने से जुड़ी सामने आई है। आरोप है कि ग्राहकों से संपर्क कर लड़कियों की तस्वीरें भेजना, उनकी पसंद के बाद रेट और लोकेशन तय करना और फिर मुलाकात की व्यवस्था करना इसी नेटवर्क का हिस्सा था। पुलिस अब दोनों से पूछताछ और बरामद मोबाइल व अन्य साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही है। नाबालिग की तलाश से खुला पूरा नेटवर्क मामले की शुरुआत पानापुर करियात थाना क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग की तलाश से हुई। पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग की पहचान बेंगलुरु के एक युवक से हुई थी। 12 जुलाई को उससे मिलने मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने के दौरान उसकी मुलाकात संजय साह उर्फ सूरज साह से हुई। आरोप है कि संजय ने उसे काम दिलाने और बेहतर जिंदगी का झांसा देकर ब्यूटी पार्लर तक पहुंचा दिया। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने संजय को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र से नाबालिग को बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बच्ची से मिली जानकारी के बाद शहर में सक्रिय अलग-अलग पार्लरों और उनसे जुड़े लोगों की कड़ियां सामने आईं। दो नाबालिगों को कराया गया रेस्क्यू नाबालिग से मिली जानकारी के आधार पर विशेष टीम ने शहर के विभिन्न ब्यूटी और मसाज पार्लरों में छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दो नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को कथित नेटवर्क के संचालन और लड़कियों को अलग-अलग ठिकानों तक पहुंचाने की जानकारी मिली। इसी मामले में माया कुमारी और जलपाईगुड़ी निवासी पूनम को पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भेजा गया है। कटही पुल रोड में छापेमारी, कई हिरासत में धर्मशाला चौक के कटही पुल रोड इलाके में दोपहर करीब पौने चार बजे पुलिस टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखते ही कुछ लोग रेलवे लाइन की ओर भागने लगे। डीएसपी पश्चिमी-वन सुचित्रा कुमारी के नेतृत्व में टीम ने कई लोगों को पकड़ा और नगर थाना ले गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि छापेमारी की सूचना पहले से कुछ लोगों तक कैसे पहुंची। आसपास के कुछ दुकानदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एफएसएल ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य छापेमारी के बाद एफएसएल टीम ने पार्लरों की तलाशी लेकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, आसपास के लोगों से स्वतंत्र गवाह बनने का अनुरोध किया गया, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद पम्मी कुमारी और शबनम कुमारी की मौजूदगी में नियमानुसार तलाशी ली गई। पुलिस के अनुसार, रूदल ठाकुर के पार्लर से 8 बिना इस्तेमाल निरोध, 5 इस्तेमाल निरोध और कंबल बरामद हुआ। काजल देवी के पार्लर से 7 इस्तेमाल और 16 बिना इस्तेमाल निरोध मिले। चिंता देवी उर्फ रीना देवी के पार्लर से संदिग्ध दाग वाली पैंटी और कपड़े का टुकड़ा जब्त किया गया। एक अन्य पार्लर से दो इस्तेमाल निरोध और बेडशीट, जबकि पूजा देवी के पार्लर से संदिग्ध दाग वाला कपड़ा और दो इस्तेमाल निरोध बरामद किए गए। मोबाइल से खंगाली जा रही ग्राहकों और बिचौलियों की कड़ी तलाशी के दौरान मरजिना खातून, सुलेखा कुमारी, चिंता देवी उर्फ रीना देवी, सुमांती देवी, सोनी देवी और रीना वर्मण समेत कुछ महिलाओं के मोबाइल जब्त किए गए। पुलिस इन मोबाइलों की तकनीकी जांच कर रही है। इसके जरिए ग्राहकों, बिचौलियों, पार्लर संचालकों और लड़कियों को पार्लर तक पहुंचाने वालों के बीच संपर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। मामले में रूदल ठाकुर समेत 11 लोगों को आरोपी किया गया है। पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। अब जांच का फोकस लड़कियों की तस्वीरें भेजने वाले, रेट और लोकेशन तय करने वाले, भुगतान लेने वाले और स्टेशन-बस स्टैंड से लड़कियों को पार्लर तक पहुंचाने वालों की पहचान पर है। पुलिस दार्जिलिंग-सिलीगुड़ी कनेक्शन की भी जांच कर रही है।


