मुजफ्फरपुर में ‘अगले बरस तू जल्दी आना’ और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जोरदार जयघोष के साथ भगवान गणेश को विदाई दी गई। ढोल-ताशे, अबीर-गुलाल और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में यह विसर्जन हुआ। अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार देर शाम से शुरू हुआ विसर्जन देर रात तक चलता रहा। इस दौरान पूरा शहर भक्ति में डूबा दिखा और जुलूसों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे शहर में निकला जुलूस जिले के दर्जनों सार्वजनिक पंडालों और समितियों ने गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन धूमधाम से किया। भक्त बप्पा की विदाई के दौरान सड़कों पर झूमते, नाचते और गाते नजर आए। भक्तों की आंखें नम थीं, पर उत्साह चरम पर था। सुरक्षा के लिए प्रशासन तैनात रही सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन अलर्ट रहा। शहर के प्रमुख विसर्जन मार्गों और संवेदनशील मोड़ों पर मजिस्ट्रेट के साथ भारी पुलिस बल तैनात था। महाआरती और छप्पन भोग के साथ समापन विसर्जन से पहले पंडालों में श्रद्धालुओं ने महाआरती की और छप्पन भोग लगाया। यात्रा आगे बढ़ते ही भक्तों ने बप्पा पर फूलों की बौछार की, जिसने सभी का मन मोह लिया। स्थानीय नवयुवक समिति गणपति पूजा के प्रमुख आयोजक सागर कुमार ने विसर्जन के मौके पर बताया कि आज अनंत चतुर्दशी का पावन दिन है और आज के दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश को अंतिम विदाई दी जा रही है। दस दिनों तक चला कार्यक्रम उन्होंने कहा कि दस दिनों तक पूरी निष्ठा के साथ चलने वाले इस महापर्व का आज भव्य समापन हो गया है। इस अवसर पर हजारों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है, जो भाव-विभोर होकर अश्रुपूर्ण आंखों से बप्पा से अगले वर्ष फिर से जल्दी आने की गुहार लगा रहे हैं। सागर कुमार ने कहा, “हमने भगवान गणेश से यही मंगल प्रार्थना की है कि वे सभी देशवासियों के जीवन में असीम खुशियों का संचार करें और अपने भक्तों पर हमेशा अपनी विशेष कृपा बरसाते रहें।” इस भव्य आयोजन के संपन्न होने के साथ ही शहर में दस दिवसीय गणेशोत्सव का शांतिपूर्ण समापन हो गया। मुजफ्फरपुर में ‘अगले बरस तू जल्दी आना’ और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जोरदार जयघोष के साथ भगवान गणेश को विदाई दी गई। ढोल-ताशे, अबीर-गुलाल और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में यह विसर्जन हुआ। अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार देर शाम से शुरू हुआ विसर्जन देर रात तक चलता रहा। इस दौरान पूरा शहर भक्ति में डूबा दिखा और जुलूसों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे शहर में निकला जुलूस जिले के दर्जनों सार्वजनिक पंडालों और समितियों ने गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन धूमधाम से किया। भक्त बप्पा की विदाई के दौरान सड़कों पर झूमते, नाचते और गाते नजर आए। भक्तों की आंखें नम थीं, पर उत्साह चरम पर था। सुरक्षा के लिए प्रशासन तैनात रही सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन अलर्ट रहा। शहर के प्रमुख विसर्जन मार्गों और संवेदनशील मोड़ों पर मजिस्ट्रेट के साथ भारी पुलिस बल तैनात था। महाआरती और छप्पन भोग के साथ समापन विसर्जन से पहले पंडालों में श्रद्धालुओं ने महाआरती की और छप्पन भोग लगाया। यात्रा आगे बढ़ते ही भक्तों ने बप्पा पर फूलों की बौछार की, जिसने सभी का मन मोह लिया। स्थानीय नवयुवक समिति गणपति पूजा के प्रमुख आयोजक सागर कुमार ने विसर्जन के मौके पर बताया कि आज अनंत चतुर्दशी का पावन दिन है और आज के दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश को अंतिम विदाई दी जा रही है। दस दिनों तक चला कार्यक्रम उन्होंने कहा कि दस दिनों तक पूरी निष्ठा के साथ चलने वाले इस महापर्व का आज भव्य समापन हो गया है। इस अवसर पर हजारों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है, जो भाव-विभोर होकर अश्रुपूर्ण आंखों से बप्पा से अगले वर्ष फिर से जल्दी आने की गुहार लगा रहे हैं। सागर कुमार ने कहा, “हमने भगवान गणेश से यही मंगल प्रार्थना की है कि वे सभी देशवासियों के जीवन में असीम खुशियों का संचार करें और अपने भक्तों पर हमेशा अपनी विशेष कृपा बरसाते रहें।” इस भव्य आयोजन के संपन्न होने के साथ ही शहर में दस दिवसीय गणेशोत्सव का शांतिपूर्ण समापन हो गया।

