‘अधिक चारा लादने के कारण घुसा पानी, डूबी नाव’:बागमती में हादसा, 14 तैरकर बाहर आए; लापता बच्ची का 9 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग

‘अधिक चारा लादने के कारण घुसा पानी, डूबी नाव’:बागमती में हादसा, 14 तैरकर बाहर आए; लापता बच्ची का 9 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग

मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र के महेशवारा पंचायत स्थित देवरा धर्मपुर गांव के पास शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे बागमती नदी की दक्षिणी उपधारा में बड़ा हादसा हो गया था। मवेशियों के लिए चारा लेकर लौट रही करीब 15 लोगों से भरी नाव नदी में डूब गई थी। नाव सवार 14 लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, जबकि 15 वर्षीय रानी कुमारी लापता हो गई। रानी कुमारी महेशवारा पंचायत के होरिल पासवान की बेटी है। हादसे के बाद स्थानीय गोताखोरों, पुलिस और SDRF की टीम ने करीब 9 घंटे तक नदी में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने के कारण शाम करीब 6 बजे रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया। अब शनिवार सुबह फिर से तलाश शुरू की जाएगी। बताया जा रहा कि चारा अधिक लदे होने के कारण नाव डूबी। नाव में पानी भरने के बाद डूबने की बात हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के मुताबिक नाव पर अधिक वजन होने के कारण उसमें पानी आने लगा था। देखते ही देखते नाव में पानी भर गया और वह नदी में डूब गई। नाव सवार अखिलेश राय ने बताया कि नाव में करीब 15 लोग थे। पानी भरने के बाद नाव डूब गई और लोग किसी तरह बाहर निकलने लगे। ग्रामीण राजीव कुमार के मुताबिक लोग मवेशियों के लिए चारा लेकर नदी पार से लौट रहे थे। उनके साथ चारा और जाल भी था। ग्रामीणों का कहना है कि नाव पर ज्यादा वजन होने के कारण उसमें पानी भरने लगा, जिसके बाद हादसा हुआ। कुछ लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी से बाहर निकलकर जान बचाई।
रानी कुमारी को तैरना नहीं आता था घटना के बाद नदी में अफरा-तफरी मच गई। नाव पर सवार लोगों में से 14 लोग किसी तरह बाहर निकल आए। ग्रामीणों के मुताबिक रानी कुमारी को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वह नदी के तेज बहाव में बह गई। घटना की सूचना मिलते ही औराई थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से भी नदी में किशोरी की तलाश कराई गई। इसके बाद SDRF की टीम ने रेस्क्यू अभियान संभाला। शाम तक नदी में तलाश, अंधेरा होने पर अभियान रोका अंचलाधिकारी धीरज कुमार ने बताया कि लापता किशोरी की तलाश के लिए बचाव दल को लगाया गया है। करीब 9 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन किशोरी का पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण शाम करीब 6 बजे अभियान रोकना पड़ा। अब शनिवार सुबह रोशनी होने के बाद फिर से नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा। प्रशासन और बचाव दल की टीम किशोरी की तलाश में जुटी है।
पशुपालक नाव के सहारे लाते हैं चारा बताया जाता है कि बागमती बांध के अंदर रहने वाले पशुपालक किसान मवेशियों के लिए चारा लाने-ले जाने के लिए नाव का इस्तेमाल करते हैं। हादसे के समय भी नाव पर सवार लोग नदी के दूसरी तरफ से चारा लेकर लौट रहे थे। घटना के बाद देवरा धर्मपुर और आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। परिजन और ग्रामीण रानी कुमारी के मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की टीम शनिवार सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान शुरू करेगी। मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र के महेशवारा पंचायत स्थित देवरा धर्मपुर गांव के पास शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे बागमती नदी की दक्षिणी उपधारा में बड़ा हादसा हो गया था। मवेशियों के लिए चारा लेकर लौट रही करीब 15 लोगों से भरी नाव नदी में डूब गई थी। नाव सवार 14 लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, जबकि 15 वर्षीय रानी कुमारी लापता हो गई। रानी कुमारी महेशवारा पंचायत के होरिल पासवान की बेटी है। हादसे के बाद स्थानीय गोताखोरों, पुलिस और SDRF की टीम ने करीब 9 घंटे तक नदी में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने के कारण शाम करीब 6 बजे रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया। अब शनिवार सुबह फिर से तलाश शुरू की जाएगी। बताया जा रहा कि चारा अधिक लदे होने के कारण नाव डूबी। नाव में पानी भरने के बाद डूबने की बात हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के मुताबिक नाव पर अधिक वजन होने के कारण उसमें पानी आने लगा था। देखते ही देखते नाव में पानी भर गया और वह नदी में डूब गई। नाव सवार अखिलेश राय ने बताया कि नाव में करीब 15 लोग थे। पानी भरने के बाद नाव डूब गई और लोग किसी तरह बाहर निकलने लगे। ग्रामीण राजीव कुमार के मुताबिक लोग मवेशियों के लिए चारा लेकर नदी पार से लौट रहे थे। उनके साथ चारा और जाल भी था। ग्रामीणों का कहना है कि नाव पर ज्यादा वजन होने के कारण उसमें पानी भरने लगा, जिसके बाद हादसा हुआ। कुछ लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी से बाहर निकलकर जान बचाई।
रानी कुमारी को तैरना नहीं आता था घटना के बाद नदी में अफरा-तफरी मच गई। नाव पर सवार लोगों में से 14 लोग किसी तरह बाहर निकल आए। ग्रामीणों के मुताबिक रानी कुमारी को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वह नदी के तेज बहाव में बह गई। घटना की सूचना मिलते ही औराई थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से भी नदी में किशोरी की तलाश कराई गई। इसके बाद SDRF की टीम ने रेस्क्यू अभियान संभाला। शाम तक नदी में तलाश, अंधेरा होने पर अभियान रोका अंचलाधिकारी धीरज कुमार ने बताया कि लापता किशोरी की तलाश के लिए बचाव दल को लगाया गया है। करीब 9 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन किशोरी का पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण शाम करीब 6 बजे अभियान रोकना पड़ा। अब शनिवार सुबह रोशनी होने के बाद फिर से नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा। प्रशासन और बचाव दल की टीम किशोरी की तलाश में जुटी है।
पशुपालक नाव के सहारे लाते हैं चारा बताया जाता है कि बागमती बांध के अंदर रहने वाले पशुपालक किसान मवेशियों के लिए चारा लाने-ले जाने के लिए नाव का इस्तेमाल करते हैं। हादसे के समय भी नाव पर सवार लोग नदी के दूसरी तरफ से चारा लेकर लौट रहे थे। घटना के बाद देवरा धर्मपुर और आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। परिजन और ग्रामीण रानी कुमारी के मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की टीम शनिवार सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान शुरू करेगी।  

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