मिर्जापुर में भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर सरकार की कथित तानाशाही और उत्पीड़न के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भाकपा (माले) नेत्री जीरा भारती के नेतृत्व में किया गया। कार्यकर्ताओं ने वासलीगंज से एक जुलूस निकाला, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। यहां प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और अपना विरोध दर्ज कराया। कलेक्ट्रेट परिसर में जुलूस एक सभा में बदल गया। इस दौरान वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले लोगों पर दमनकारी कार्रवाई की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। देखें, 4 तस्वीरें… भाकपा (माले) नेत्री जीरा भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से सरकार की कथित तानाशाही, उत्पीड़न और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन जैसे मुद्दों को उठाया गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार से जनता की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों, मजदूरों, किसानों और कमजोर वर्गों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक नारेबाजी जारी रही, जिसमें भाकपा (माले) के कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।

