Encounter in Azamgarh: आजमगढ़ जिले में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाया जाए रहे अभियान के दौरान कप्तानगंज पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोमवार की सुबह पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान चोरी की घटना में शामिल दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, मुठभेड़ की घटना में घायल हुए दोनों बदमाशों को पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ही शातिर किस्म के चोर हैं और ऑटो में बैठकर घरों की रेकी किया करते थे और जिस घर में इन्हें लगता था कि ज्यादा सोना और पैसा मिलेगा, उसी घर में चोरी की घटना को अंजाम देते थे।
कई मामलों में थे आरोपी
कप्तानगंज पुलिस ने बताया है कि थाना अध्यक्ष प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम देउरपुर से कोयलासा जाने वाले मार्ग पर जफरामऊ बाग तिराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही एक ऑटो को रूकने के लिए इशारा किया गया। पुलिस द्वारा इशारा किया जाने के बाद ऑटो चालक ने वाहन की गति बढ़ा दी। इस दौरान दोबारा रोकने के दौरान ऑटो चालक ने सड़क पर ऑटो रोक दिया। पुलिस ने बताया है कि ऑटो से दो लोग उतरे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। वहीं, पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों के बाएं पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
थाना अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया है कि पुलिस की गोली से दोनों घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद दोनों के पास से अवैध तमंचा, कारतूस और चोरी का सामान भी बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान दीपक उर्फ देवदत्त गोड़ और दिनेश उर्फ लकी के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया है कि दिनेश उर्फ लकी पहले भी बाइक चोरी की घटनाओं, घरों से आभूषण और नगदी चोरी की घटनाओं में जेल जा चुका है। 2020 में रौनापार थाना क्षेत्र के एक ग्राम में दो घरों से गहने और नगदी चोरी के मामले में दीपक और दिनेश अपने साथियों के साथ आरोपी रहे हैं। इसके साथ ही 2022 में सिधारी थाना पुलिस ने एक मामले में इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार करके चोरी का माल बरामद किया था और पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई हो चुकी है।
चोरी का माल लेने जाने के दौरान मुठभेड़
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में यह पता चला है कि जेल से छूटने के बाद दीपक की मुलाकात उसके पुराने साथी दिनेश से हो गई। इसके बाद दोनों ने फिर से चोरी करना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों ऑटो से घूम कर ऐसे घरों की चोरी किया करते थे, जहां ज्वेलरी और नगदी मिलने की संभावना सबसे अधिक होती थी। इसके बाद दोनों उस घर पर धावा बोलकर चोरी किया करते थे और सामान को आपस में बांट लेते थे। कुछ दिन पहले एकडांगी गांव में एक घर से ज्वेलरी और नकदी की चोरी हुई थी। इन दोनों ने ही इस चोरी की घटना को अंजाम दिया था और चोरी किए गए माल को सुरक्षित स्थान पर रख दिया था। गिरफ्तारी के दौरान दोनों उन्ही आभूषणों को लेने के लिए जा रहे थे। पुलिस ने बताया है कि दीपक उर्फ देवदत्त के खिलाफ आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर के विभिन्न थानों में 13 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि दिनेश ऊर्फ लकी के खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं।


थाना कप्तानगंज पुलिस की मुठभेड़ में 02 अन्तर्जनपदीय शातिर अपराधी घायल/गिरफ्तार, थाना कप्तानगंज, कंधरापुर एवं जीयनपुर की चोरी की 06 घटनाओं का सफल अनावरण।