मधेपुरा जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कैदी वार्ड से बुधवार सुबह दो विचाराधीन कैदी फरार हो गए। दोनों ने पांचवीं मंजिल पर स्थित वार्ड की ग्रिल का पाइप तोड़कर बिस्तरों की चादरों को आपस में बांधा और उसके सहारे नीचे उतरकर भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुबह 10 बजे तक दोनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। कैदी वार्ड की सुरक्षा में लापरवाही के मामले में तैनात गार्ड और पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन की तारीख तय, फिर भी फरार हुआ बंदी पुलिस के अनुसार, शंकरपुर थाना क्षेत्र के मधेली बाजार स्थित वार्ड संख्या-12 निवासी मो. कलाम का पुत्र मो. जुगनू उर्फ मो. इस्लाम पिछले 11 दिनों से मेडिकल कॉलेज के कैदी वार्ड में इलाजरत था। चिकित्सकों ने बुधवार को ही उसके ऑपरेशन की तारीख निर्धारित की थी। वहीं, दूसरा बंदी मो. हसन उर्फ अबुहजर हसन उर्फ छोटू सिंहेश्वर थाना क्षेत्र का निवासी है। वह सिंहेश्वर थाना कांड संख्या 425/26 में विचाराधीन अभियुक्त है और सोमवार को इलाज के लिए जेल से मेडिकल कॉलेज लाया गया था। सुबह 7:30 बजे मिली फरारी की सूचना एसपी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस को दोनों बंदियों के कैदी वार्ड से फरार होने की सूचना मिली। मो. जुगनू उर्फ मो. इस्लाम शंकरपुर थाना कांड संख्या 92/26 का विचाराधीन अभियुक्त है। सूचना मिलते ही सिंहेश्वर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और सर्च अभियान शुरू किया। साथ ही संबंधित पुलिसकर्मियों को अलर्ट कर फरार बंदियों की तलाश तेज कर दी गई। बहन के घर और चौरा गांव से हुई गिरफ्तारी पुलिस ने छापेमारी कर दोनों बंदियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। मो. जुगनू उर्फ मो. इस्लाम को कुमारखंड प्रखंड के टेंगराहा स्थित उसकी बहन के घर से पकड़ा गया। वहीं, मो. हसन उर्फ अबुहजर हसन उर्फ छोटू को शंकरपुर प्रखंड के चौरा गांव से गिरफ्तार किया गया। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में सिंहेश्वर थाना लाया गया। सुरक्षा में लापरवाही की जांच, कार्रवाई शुरू एसपी संदीप सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में दोनों अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कैदी वार्ड की सुरक्षा में तैनात गार्ड और पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। घटना ने अस्पताल के कैदी वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मधेपुरा जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कैदी वार्ड से बुधवार सुबह दो विचाराधीन कैदी फरार हो गए। दोनों ने पांचवीं मंजिल पर स्थित वार्ड की ग्रिल का पाइप तोड़कर बिस्तरों की चादरों को आपस में बांधा और उसके सहारे नीचे उतरकर भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुबह 10 बजे तक दोनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। कैदी वार्ड की सुरक्षा में लापरवाही के मामले में तैनात गार्ड और पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन की तारीख तय, फिर भी फरार हुआ बंदी पुलिस के अनुसार, शंकरपुर थाना क्षेत्र के मधेली बाजार स्थित वार्ड संख्या-12 निवासी मो. कलाम का पुत्र मो. जुगनू उर्फ मो. इस्लाम पिछले 11 दिनों से मेडिकल कॉलेज के कैदी वार्ड में इलाजरत था। चिकित्सकों ने बुधवार को ही उसके ऑपरेशन की तारीख निर्धारित की थी। वहीं, दूसरा बंदी मो. हसन उर्फ अबुहजर हसन उर्फ छोटू सिंहेश्वर थाना क्षेत्र का निवासी है। वह सिंहेश्वर थाना कांड संख्या 425/26 में विचाराधीन अभियुक्त है और सोमवार को इलाज के लिए जेल से मेडिकल कॉलेज लाया गया था। सुबह 7:30 बजे मिली फरारी की सूचना एसपी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस को दोनों बंदियों के कैदी वार्ड से फरार होने की सूचना मिली। मो. जुगनू उर्फ मो. इस्लाम शंकरपुर थाना कांड संख्या 92/26 का विचाराधीन अभियुक्त है। सूचना मिलते ही सिंहेश्वर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और सर्च अभियान शुरू किया। साथ ही संबंधित पुलिसकर्मियों को अलर्ट कर फरार बंदियों की तलाश तेज कर दी गई। बहन के घर और चौरा गांव से हुई गिरफ्तारी पुलिस ने छापेमारी कर दोनों बंदियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। मो. जुगनू उर्फ मो. इस्लाम को कुमारखंड प्रखंड के टेंगराहा स्थित उसकी बहन के घर से पकड़ा गया। वहीं, मो. हसन उर्फ अबुहजर हसन उर्फ छोटू को शंकरपुर प्रखंड के चौरा गांव से गिरफ्तार किया गया। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में सिंहेश्वर थाना लाया गया। सुरक्षा में लापरवाही की जांच, कार्रवाई शुरू एसपी संदीप सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में दोनों अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कैदी वार्ड की सुरक्षा में तैनात गार्ड और पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। घटना ने अस्पताल के कैदी वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

