शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय प्रखंड की पांची पंचायत में जीविका की ओर से एक दिवसीय पशु स्वास्थ्य जांच और जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें 155 पशुपालकों ने हिस्सा लिया। शिविर में 330 पशुओं की जांच और उपचार किया गया। शिविर का आयोजन जीविका ने रौशन जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति के माध्यम से ग्राम पांची में किया। पशु चिकित्सकों ने पशुओं की जांच कर जरूरी दवाएं दीं और पशुपालकों को उपचार संबंधी सलाह दी। शिविर में लंपी स्किन रोग, कृमि, जख्म, बुखार, बांझपन, खुरपका-मुंहपका, थनैला, सर्दी-जुकाम और सर्रा जैसी समस्याओं पर सलाह और उपचार दिया गया। पशुओं में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी दवाएं दी गईं। 275 गाय-भैंस और 55 बकरियों का उपचार शिविर में कुल 275 गायों और भैंसों के साथ 55 बकरियों की जांच और उपचार किया गया। पशुपालकों को पशुओं की देखभाल, संतुलित पोषण, कृमिनाशक दवाओं के इस्तेमाल, टीकाकरण और बीमारियों से बचाव की जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से पशुओं के इलाज में मदद मिलती है। इससे पशुधन का स्वास्थ्य बेहतर रखने और उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। जीविका और पशुपालन विभाग के अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में पशुपालन पदाधिकारी डॉ. संजीत कुमार सिंह, मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के डॉ. अजीत पटेल, जीविका के शेखोपुरसराय प्रखंड परियोजना प्रबंधक पंकज कुमार धीर, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ नीरज कुमार, सुकेश कुमार और अनामिका कुमारी मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र समन्वयक ओम प्रकाश, सामुदायिक समन्वयक राजेश कुमार और आस्मिता कुमारी सहित जीविका के जिला कार्यालय से प्रबंधक प्रशिक्षण निरंजन कुमार, प्रबंधक मानव संसाधन जितेंद्र कुमार, प्रबंधक सूक्ष्म वित्त अतुल कुमार, प्रबंधक सामुदायिक वित्त धीरेंद्र साहू और प्रबंधक पशुधन कुलदीप राम भी शामिल हुए। पशुपालन विभाग के रंजीत कुमार, अश्लोक कुमार, धनंजय कुमार और नितीश कुमार के साथ सीएम लाडली कुमारी, विभा कुमारी और पशु सखी शोभा कुमारी ने भी शिविर के आयोजन में सहयोग किया। कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण और पशुपालक उपस्थित रहे। शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय प्रखंड की पांची पंचायत में जीविका की ओर से एक दिवसीय पशु स्वास्थ्य जांच और जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें 155 पशुपालकों ने हिस्सा लिया। शिविर में 330 पशुओं की जांच और उपचार किया गया। शिविर का आयोजन जीविका ने रौशन जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति के माध्यम से ग्राम पांची में किया। पशु चिकित्सकों ने पशुओं की जांच कर जरूरी दवाएं दीं और पशुपालकों को उपचार संबंधी सलाह दी। शिविर में लंपी स्किन रोग, कृमि, जख्म, बुखार, बांझपन, खुरपका-मुंहपका, थनैला, सर्दी-जुकाम और सर्रा जैसी समस्याओं पर सलाह और उपचार दिया गया। पशुओं में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी दवाएं दी गईं। 275 गाय-भैंस और 55 बकरियों का उपचार शिविर में कुल 275 गायों और भैंसों के साथ 55 बकरियों की जांच और उपचार किया गया। पशुपालकों को पशुओं की देखभाल, संतुलित पोषण, कृमिनाशक दवाओं के इस्तेमाल, टीकाकरण और बीमारियों से बचाव की जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से पशुओं के इलाज में मदद मिलती है। इससे पशुधन का स्वास्थ्य बेहतर रखने और उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। जीविका और पशुपालन विभाग के अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में पशुपालन पदाधिकारी डॉ. संजीत कुमार सिंह, मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के डॉ. अजीत पटेल, जीविका के शेखोपुरसराय प्रखंड परियोजना प्रबंधक पंकज कुमार धीर, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ नीरज कुमार, सुकेश कुमार और अनामिका कुमारी मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र समन्वयक ओम प्रकाश, सामुदायिक समन्वयक राजेश कुमार और आस्मिता कुमारी सहित जीविका के जिला कार्यालय से प्रबंधक प्रशिक्षण निरंजन कुमार, प्रबंधक मानव संसाधन जितेंद्र कुमार, प्रबंधक सूक्ष्म वित्त अतुल कुमार, प्रबंधक सामुदायिक वित्त धीरेंद्र साहू और प्रबंधक पशुधन कुलदीप राम भी शामिल हुए। पशुपालन विभाग के रंजीत कुमार, अश्लोक कुमार, धनंजय कुमार और नितीश कुमार के साथ सीएम लाडली कुमारी, विभा कुमारी और पशु सखी शोभा कुमारी ने भी शिविर के आयोजन में सहयोग किया। कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण और पशुपालक उपस्थित रहे।

