मधुबनी मॉडल सदर अस्पताल का DM ने किया औचक निरीक्षण:मरीजों से सुविधाओं की ली जानकारी, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

मधुबनी मॉडल सदर अस्पताल का DM ने किया औचक निरीक्षण:मरीजों से सुविधाओं की ली जानकारी, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

मधुबनी में 2 सितंबर को जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने मॉडल सदर अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। वे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानना चाहते थे। डीएम के अचानक अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्यकर्मी और अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई। इस दौरान सिविल सर्जन, हेल्थ मैनेजर और स्वास्थ्य विभाग के दूसरे बड़े अधिकारी भी वहां मौजूद थे। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों और विभागों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने सर्जिकल वार्ड, महिला वार्ड और जनरल वार्ड में जाकर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे बात की और उनके इलाज, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल से मिल रही दूसरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था की भी जांच की। उन्होंने अलग-अलग विभागों में रखी उपस्थिति पंजी और दूसरे जरूरी कागजातों को भी देखा। अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं ठीक रखने के निर्देश दिए गए। भर्ती मरीजों से बात करते हुए डीएम ने उन्हें मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के बारे में भी पूछा। जिलाधिकारी ने कहा कि मधुबनी जिले के कई इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज अच्छे इलाज की उम्मीद में मॉडल सदर अस्पताल आते हैं। ऐसे में हर मरीज को अच्छी, आसान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इलाज से लेकर अस्पताल की रसोई तक, हर स्तर पर तय नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। मरीजों से संवेदनशील व्यवहार करने की सलाह डीएम आनंद शर्मा ने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों और उनके परिवारवालों के साथ संवेदनशीलता से और अच्छा व्यवहार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले लोगों को कोई फालतू परेशानी नहीं होनी चाहिए। मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका तुरंत हल किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने साफ चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम में कमी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ नियमों के हिसाब से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मधुबनी में 2 सितंबर को जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने मॉडल सदर अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। वे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानना चाहते थे। डीएम के अचानक अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्यकर्मी और अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई। इस दौरान सिविल सर्जन, हेल्थ मैनेजर और स्वास्थ्य विभाग के दूसरे बड़े अधिकारी भी वहां मौजूद थे। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों और विभागों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने सर्जिकल वार्ड, महिला वार्ड और जनरल वार्ड में जाकर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे बात की और उनके इलाज, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल से मिल रही दूसरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था की भी जांच की। उन्होंने अलग-अलग विभागों में रखी उपस्थिति पंजी और दूसरे जरूरी कागजातों को भी देखा। अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं ठीक रखने के निर्देश दिए गए। भर्ती मरीजों से बात करते हुए डीएम ने उन्हें मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के बारे में भी पूछा। जिलाधिकारी ने कहा कि मधुबनी जिले के कई इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज अच्छे इलाज की उम्मीद में मॉडल सदर अस्पताल आते हैं। ऐसे में हर मरीज को अच्छी, आसान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इलाज से लेकर अस्पताल की रसोई तक, हर स्तर पर तय नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। मरीजों से संवेदनशील व्यवहार करने की सलाह डीएम आनंद शर्मा ने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों और उनके परिवारवालों के साथ संवेदनशीलता से और अच्छा व्यवहार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले लोगों को कोई फालतू परेशानी नहीं होनी चाहिए। मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका तुरंत हल किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने साफ चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम में कमी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ नियमों के हिसाब से सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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