मऊ के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को समाजवादी व्यापार सभा उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष शिवम कुमार सोनी के नेतृत्व में पदाधिकारियों और व्यापारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें नगर पालिका परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर छोटे फुटपाथ और पटरी दुकानदारों के कथित उत्पीड़न और उनकी रोजी-रोटी के संकट का मुद्दा उठाया गया। समाजवादी व्यापार सभा ने ज्ञापन में बताया कि मऊ नगर क्षेत्र में हजारों छोटे फुटपाथ और पटरी दुकानदार फल-सब्जी, चाय-नाश्ता, कपड़े, जूते-चप्पल, घरेलू सामान सहित कई छोटे कारोबार करते हैं। इन्हीं से उनके परिवार का गुजारा चलता है। इन दुकानदारों के पास रोजगार का कोई दूसरा साधन नहीं है। ऐसे में नगर पालिका की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से उनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। व्यापार सभा ने कहा कि वह शहर की साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक रास्तों को ठीक बनाए रखने के लिए प्रशासन की सही कार्रवाई का समर्थन करती है। हालांकि, संगठन का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल छोटे और गरीब दुकानदारों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े और प्रभावशाली अतिक्रमणों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसे संगठन ने सही नहीं बताया। ज्ञापन में मांग की गई कि नगर क्षेत्र के सभी छोटे फुटपाथ और पटरी दुकानदारों का तुरंत सर्वे कर उनका पंजीकरण कराया जाए। साथ ही छोटे दुकानदारों के लिए काफी संख्या में व्यवस्थित वेंडिंग जोन और पटरी बाजार तय किए जाएं, ताकि उनकी रोजी-रोटी भी चलती रहे और यातायात व्यवस्था पर भी असर न पड़े। संगठन ने यह भी मांग की कि किसी दुकानदार को हटाने से पहले उसे नोटिस देकर काफी समय दिया जाए और कोई दूसरा स्थान दिया जाए। जिन जगहों से दुकानदारों को हटाया जा रहा है, वहां कार्रवाई से पहले उनके लिए वैकल्पिक व्यापार स्थल की व्यवस्था की जाए। ज्ञापन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में छोटे-बड़े सभी अतिक्रमणों पर बिना भेदभाव के एक जैसी कार्रवाई करने, सामान जब्त करने के नाम पर अनावश्यक वसूली रोकने और जब्ती की स्थिति में नियम के हिसाब से रसीद उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा, छोटे दुकानदारों से अवैध वसूली या उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।

