मऊ में कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ध्रुव खाड़िया ने सैम-मैम श्रेणी के बच्चों की नियमित निगरानी कर उनके पोषण स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। ये निर्देश जिला पोषण समिति और जिला कन्वर्जेंस समिति की मासिक समीक्षा बैठक में दिए गए। सीडीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी करने को कहा। उन्होंने बड़रांव, दोहरीघाट और मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल व्यवस्था तीन दिन में दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए। बड़रांव और दोहरीघाट के अधिकारियों से पेयजल व्यवस्था की जानकारी नहीं मिलने पर चेतावनी पत्र जारी करने को कहा गया। सैम-मैम बच्चों के स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष ध्यान बैठक में गंभीर रूप से कुपोषित (सैम) और मध्यम गंभीर कुपोषित (मैम) बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। सैम बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और उनकी नियमित स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 200 प्रतिशत सैम बच्चों को भर्ती कर उपचार और देखभाल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सामान्य होने के बाद भी तीन महीने तक होगी निगरानी सीडीओ ने निर्देश दिया कि सैम श्रेणी से सामान्य श्रेणी में आने वाले बच्चों की अगले तीन महीने तक नियमित समीक्षा की जाए। यदि बच्चों के पोषण स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं होता है तो संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मातृ वंदना योजना के लंबित भुगतान तीन दिन में करें बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लंबित भुगतानों की भी समीक्षा की गई। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को लंबित भुगतान तीन दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

