मंदसौर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर गांधी चौराहे पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। इसका आयोजन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने किया था। प्रतियोगिता में शहर और ग्रामीण इलाकों से 8 टीमों ने हिस्सा लिया। टीमों ने मटकी फोड़ने के कई प्रयास किए, लेकिन देर रात तक हाथ से मटकी नहीं फोड़ पाए। विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री हेमंत बुलचंदानी ने बताया कि मटकी करीब 40 फीट की ऊंचाई पर बांधी गई थी। बाद में इसे घटाकर करीब 30 फीट तक लाया गया। इसके बावजूद रात 12 बजे तक कोई टीम मटकी नहीं फोड़ पाई। खिलचीपुरा की बजरंग व्यायामशाला और कल्याखेड़ी की टीम ने चौथी मंजिल तक मानव पिरामिड बनाया। इससे दर्शकों में काफी रोमांच बढ़ गया। बालागंज की टीम ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। मटकी की ऊंचाई धीरे-धीरे कम की जाती रही, जिससे दर्शकों का उत्साह बना रहा। मटकी हाथ से फोड़ने वाला नियम टूटा
प्रतियोगिता का नियम था कि मटकी को हाथ से फोड़ा जाए। रात करीब 12.30 बजे एक टीम ने कड़े की मदद से मटकी फोड़ दी। नियम के खिलाफ मटकी फोड़ने के कारण आयोजकों ने 33,600 रुपए का पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया। इस कार्यक्रम को देखने के लिए गांधी चौराहे पर हजारों लोग देर रात तक मौजूद रहे। आयोजकों के मुताबिक, करीब 10 हजार लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। पूरा गांधी चौराहा दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। गांधी चौराहे पर होती है धर्मसभा
विहिप जिला मंत्री हेमंत बुलचंदानी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विश्व हिंदू परिषद अपना स्थापना दिवस भी मनाता है। इस दिन कई कार्यक्रम होते हैं। इसके बाद गांधी चौराहे पर धर्मसभा होती है। इसमें अखाड़ों के सदस्यों का स्वागत किया जाता है, फिर मटकी फोड़ प्रतियोगिता होती है। इस बार प्रतियोगिता में 8 टीमों ने भाग लिया और कार्यक्रम खुशी के साथ पूरा हुआ।

