भिंड में त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अपर कलेक्टर राजन नाडिया ने कहा कि मिलावटी और नकली खाद्य सामग्री बेचने वालों पर कार्रवाई सिर्फ सैंपल लेने और जुर्माना लगाने तक सीमित न रहे। नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को सील करने, लाइसेंस निरस्त करने और जरूरत पड़ने पर संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाए। तीन महीने में 201 निरीक्षण, 6593 किलो सामग्री जब्त खाद्य सुरक्षा की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना बंसल ने जुलाई से सितंबर 2026 तक की कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान 201 निरीक्षण कर 196 लीगल सैंपल लिए गए। कार्रवाई में 6593 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई। इस अवधि में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने 13.10 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया, जबकि 30 हजार रुपए की वसूली की गई। दो खाद्य लाइसेंस भी निरस्त किए गए। 14 सैंपल की रिपोर्ट फेल, 16 शटडाउन प्रकरण तीन महीने में खाद्य सामग्री की 14 फेल रिपोर्ट मिलीं। इसके अलावा 16 शटडाउन प्रकरण बनाए गए और नौ प्रकरण अपर कलेक्टर न्यायालय में दायर किए गए। एडीएम ने अधिकारियों को फेल सैंपलों पर तय समय सीमा में कार्रवाई करने और प्रकरणों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। बड़े कारोबारियों के लिए लाइसेंस अनिवार्य अपर कलेक्टर ने कहा कि त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही, अधिक टर्नओवर वाले सभी पात्र खाद्य प्रतिष्ठानों को अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेने और उसे प्रतिष्ठान में प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा। बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सीएमएचओ, अन्य विभागीय अधिकारी, उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि और दुग्ध एवं खाद्य व्यवसायी मौजूद रहे।

