तीमारदारों को पीटने वाले डॉक्टरों पर 50 हजार जुर्माना:BRD मेडिकल कॉलेज में जमकर हुई थी मारपीट, वायरल हो रहा था VIDEO

तीमारदारों को पीटने वाले डॉक्टरों पर 50 हजार जुर्माना:BRD मेडिकल कॉलेज में जमकर हुई थी मारपीट, वायरल हो रहा था VIDEO

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज के नेहरू अस्पताल में तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के विवाद में कॉलेज प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। सड़क दुर्घटना में घायल मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर मंगलवार की रात मारपीट की घटना हुई थी। घटना में शामिल छह जूनियर डाक्टरों पर 25 से 50 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया गया है। साथ ही सभी 6 जूनियर डाक्टरों को एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है। कालेज प्रशासन ने घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आरोपित जूनियर क्टरों की एक माह तक हर सप्ताह साइकियाट्रिक काउंसिलिंग कराने का भी निर्णय लिया है और उनसे लिखित रूप में शपथ पत्र लिया है कि दोबारा इस तरह की घटनाएं नहीं होंगी। सीसीटीवी जांच का आधार बना मंगलवार देर रात हुए विवाद की जांच के लिए गठित कमेटी के सामने आरोपित सभी छह जूनियर डाक्टरों को गुरुवार को बुलाया गया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज भी देखा गया। फुटेज के आधार पर घटना में भूमिका को लेकर किसी आरोपी के लिए इन्कार करना संभव नहीं हुआ। तीन मुख्य आरोपी जूनियर डाक्टरों पर 50-50 हजार रुपये और उनका सहयोग करने वाले तीन अन्य जूनियर डाक्टरों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। सभी ने लिखित रूप से भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने का आश्वासन दिया है। आरोपी डॉक्टरों की कराई जाएगी काउंसिलिंग कालेज प्रशासन ने केवल दंडात्मक कार्रवाई तक ही मामला सीमित नहीं रखा है। आरोपी जूनियर डाक्टरों की नियमित काउंसिलिंग कराने के साथ ही नए छात्रों को भी साफ्ट स्किल और काउंसिलिंग सेशन में भेजने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य मरीजों और तीमारदारों से संवाद तथा तनावपूर्ण परिस्थितियों को बेहतर तरीके से संभालने के लिए डाक्टरों को तैयार करना है। जूनियर डाक्टरों की ओर से भी तीमारदारों के खिलाफ शिकायत की गई थी। उनका आरोप था कि बड़ी संख्या में तीमारदार मेडिसिन वार्ड की गैलरी में पहुंच गए थे और एक तीमारदार ने महिला जूनियर डाक्टर का हाथ पकड़कर खींचने का प्रयास किया। इसी को लेकर स्थिति बिगड़ने की बात कही गई। कालेज प्रशासन ने इस पहलू को भी गंभीरता से लिया है। घटना के समय तैनात सुरक्षा गार्ड की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। प्रशासन ने मौके पर तैनात गार्ड को हटाने के लिए सैनिक कल्याण निगम को पत्र भेजा है। प्रशासन का कहना है कि वहां 15 गार्ड तैनात थे, मेडिसिन वार्ड के गेट पर तैनात गार्ड की जिम्मेदारी थी कि वह तीमारदारों को गैलरी में प्रवेश करने से रोकता और मदद के लिए अन्य गार्ड को बुलाता। पीड़ित ने डॉक्टरों के खिलाफ दी तहरीर बीआरडी मेडिकल कालेज में तीमारदार से मारपीट के मामले की जांच अब वायरल वीडियो और पीड़ित की तहरीर के आधार पर आगे बढ़ रही है। घायल अजय सिंह ने जूनियर डाक्टरों और अन्य कर्मचारियों पर मारपीट समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए गुलरिहा पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने घटना से संबंधित वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराया है। पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की जांच कर रही है। गुलरिहा क्षेत्र के सेमरा निवासी, घायल अजय सिंह के अनुसार, उनके रिश्तेदार उमाकांत चौधरी की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान डाक्टरों और कर्मचारियों ने वार्ड नंबर 11 की गैलरी का चैनल गेट बंद कर दिया और उनके साथ मारपीट की। अब जानिए पूरा मामला संतकबीरनगर के कोतवाली थाना क्षेत्र के तेनुहारी सोयम गांव के रहने वाले उमाकांत चौधरी 3 अक्टूबर को सड़क हादसे में घायल हुए थे। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। मेडिकल कॉलेज में सिर में चोट के कारण उन्हें मेडिसिन इमरजेंसी के वार्ड नंबर 11 में भर्ती किया गया था। मंगलवार रात करीब 12 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। तीमारदारों के मुताबिक, ड्यूटी पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने डेथ सर्टिफिकेट जारी कर शव घर ले जाने को कहा। तीमारदारों ने सड़क हादसे में मौत होने के कारण पोस्टमार्टम कराने की मांग की। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। तीमारदारों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर वार्ड नंबर 11 की गैलरी का चैनल गेट बंद कर उनके साथ मारपीट की गई। इसी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने शांत कराया मामला मंगलवार देर रात करीब 2 बजे तक विवाद की स्थिति बनी रही। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए मेमो तैयार कर गुलरिहा पुलिस को भेजा गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। जिसकी रिपोर्ट आने पर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस संबंध में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जांच कमेटी के सामने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना की समीक्षा की गई। छह जूनियर डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई है।

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