भागलपुर के मायागंज में सड़क हादसे में घायल युवक की मौत हो गई। मृतक गोरेलाल(30) बांका जिले का रहने वाला था। शनिवार शाम को इलाज के लिए एडमिट कराया था। परिवार के लोगों ने साजिश की आशंका जताई है।
जानकारी के अनुसार, गोरेलाल चरबा से घर आ रहे थे। रास्ते में अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। सिर में चोट लगने से हालत गंभीर हो गई। खून बंद ही नहीं हो रहा था। परिवार के लोग आनन-फानन में सदर अस्पताल लेकर गए। जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए मायागंज रेफर कर दिया। जहां काफी कोशिश के बाद भी उसकी जान नहीं बची।
आपसी दुश्मनी का शक गोरेलाल की मौत के बाद परिजनों ने आशंका जताई है कि घटना के पीछे आपसी दुश्मनी हो सकती है। आरोप है कि चारपहिया वाहन का चक्का उनके सिर पर चढ़ाया गया। यह महज हादसा नहीं, बल्कि दुश्मनी से जुड़ी घटना हो सकती है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के कारणों और परिस्थितियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पत्नी और चार बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल गोरेलाल अपने पीछे पत्नी, चार बच्चों, मां-पिता और भाई को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग इस बात से परेशान हैं कि अब घर की जिम्मेदारियां कैसे पूरी होंगी और बच्चों की परवरिश कैसे होगी। अचानक हुई इस घटना से परिवार की खुशियां मातम में बदल गई हैं। परिजन गहरे सदमे में हैं और उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा है। भागलपुर के मायागंज में सड़क हादसे में घायल युवक की मौत हो गई। मृतक गोरेलाल(30) बांका जिले का रहने वाला था। शनिवार शाम को इलाज के लिए एडमिट कराया था। परिवार के लोगों ने साजिश की आशंका जताई है।
जानकारी के अनुसार, गोरेलाल चरबा से घर आ रहे थे। रास्ते में अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। सिर में चोट लगने से हालत गंभीर हो गई। खून बंद ही नहीं हो रहा था। परिवार के लोग आनन-फानन में सदर अस्पताल लेकर गए। जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए मायागंज रेफर कर दिया। जहां काफी कोशिश के बाद भी उसकी जान नहीं बची।
आपसी दुश्मनी का शक गोरेलाल की मौत के बाद परिजनों ने आशंका जताई है कि घटना के पीछे आपसी दुश्मनी हो सकती है। आरोप है कि चारपहिया वाहन का चक्का उनके सिर पर चढ़ाया गया। यह महज हादसा नहीं, बल्कि दुश्मनी से जुड़ी घटना हो सकती है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के कारणों और परिस्थितियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पत्नी और चार बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल गोरेलाल अपने पीछे पत्नी, चार बच्चों, मां-पिता और भाई को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग इस बात से परेशान हैं कि अब घर की जिम्मेदारियां कैसे पूरी होंगी और बच्चों की परवरिश कैसे होगी। अचानक हुई इस घटना से परिवार की खुशियां मातम में बदल गई हैं। परिजन गहरे सदमे में हैं और उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा है।

