डूंगरपुर में सावन के पावन माह में शिवभक्ति का उत्साह शहर में देखने को मिला। शनिवार को बांसवाड़ा से आए 45 कांवड़ यात्रियों का जत्था हर-हर महादेव के जयकारों के साथ डूंगरपुर पहुंचा। कांवड़ियों के शहर में प्रवेश करते ही माहौल भक्तिमय हो गया। रास्तेभर भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु सबसे पहले बेणेश्वर धाम पहुंचे। यहां त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने बेणेश्वर महादेव मंदिर सहित राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद कांवड़ियों ने आबूदर्रा घाट से पवित्र जल भरा। जल को कांवड़ में धारण कर सभी श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए डूंगरपुर के लिए रवाना हुए। पुलिस लाइन के सामने किया स्वागत
कांवड़ियों की अलग-अलग टुकड़ियां रास्ते में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ीं। जैसे-जैसे जत्था शहर की ओर पहुंचा, श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल और गहरा होता गया। शहर में पहुंचने पर पुलिस लाइन के सामने स्थित ओटे पर कांवड़ियों का स्वागत किया गया। यहां पवित्र जल से भरी कांवड़ों को सुरक्षित रखा गया। शोभायात्रा कल, गूंजेंगे भोलेनाथ के जयकारे
वागड़ में श्रावण मास के पहले सोमवार पर 17 अगस्त को कांवड़ यात्रियों की ओर से शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। कांवड़िए कंधों पर पवित्र जल से भरी कांवड़ लेकर हर-हर महादेव के जयकारों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेंगे। शोभायात्रा के दौरान शहरवासियों की ओर से कांवड़ियों का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु शहर के प्रमुख धनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का पवित्र जल से जलाभिषेक करेंगे। कांवड़िए भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना करेंगे। सावन के अवसर पर होने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।


