बेगूसराय- सड़क हादसे में बाइक सवार चाचा-भतीजे की मौत:तीन घंटे तक परिजन ने किया हंगामा, लोग बोले- सड़क पर बने गड्ढे बन रहे हादसों की वजह

बेगूसराय- सड़क हादसे में बाइक सवार चाचा-भतीजे की मौत:तीन घंटे तक परिजन ने किया हंगामा, लोग बोले- सड़क पर बने गड्ढे बन रहे हादसों की वजह

बेगूसराय के बछवाड़ा में अज्ञात तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार दो युवकों को रविवार को कुचल दिया। हादसे में बाइक सवार दोनों लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतक रिश्ते में चाचा और भतीजा थे। घटना रानी पंचायत-दो स्थित झमटिया कोल्ड स्टोरेज और मोहिनीया ढ़ाला के बीच ओल्ड एनएच-28 पर हुई। हादसे के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने एनएच को तीन घंटे तक पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क पर उतरे आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे ऑथरेटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ हंगामा किया। अंतिम संस्कार से लौटने के दौरान हादसा मृतकों की पहचान समस्तीपुर जिले के बैनी थाना क्षेत्र के दिगम्बरा पुसा रोड निवासी कुंदन कुमार सिंह के बेटे अंशु कुमार (23) और गोपाल सिंह के बेटे गुलशन कुमार (26) के रूप में की गई है। दोनों युवक अंशु के नाना के दाह-संस्कार में शामिल होने के लिए पटना के बाढ़ थाना क्षेत्र के करजान गांव गए थे। शुक्रवार को उनके नाना का देहांत हो गया था और शनिवार को उनका अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया था। इसके बाद रविवार की दोपहर दोनों चाचा-भतीजा बाइक पर सवार होकर समस्तीपुर स्थित अपने घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वे हादसे के शिकार हो गए। परिजन ने बताया कि अंशु कुमार मोतिहारी में एक बर्गर-पिज्जा की दुकान पर काम करता था, जबकि उसका भतीजा गुलशन कुमार बीए फाइनल ईयर का छात्र था। दोनों ही अपने माता-पिता के बड़े बेटे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि NH-122 (पुराना NH-28) की बदहाल और जर्जर स्थिति इस दुर्घटना की मुख्य वजह बनी है। सड़क पर जगह-जगह इतने गहरे और खतरनाक गड्ढे बन चुके हैं कि ड्राइवरों का गाड़ियों पर कंट्रोल मुश्किल होता है। गड्ढे से बचकर निकलने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान बस ने कुचला बताया जा रहा है कि बाइक सवार अंशु और गुलशन तेघड़ा की ओर से समस्तीपुर जा रहे थे। मोहनिया ढाला और झमटिया कोल्ड स्टोरेज के समीप सड़क पर बने गड्ढे से बचकर निकलने की कोशिश के बाद उनकी बाइक एक बस से टकराकर सड़क पर गिर गई। इसी दौरान पीछे से आ रही दूसरी तेज रफ्तार बस ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर भारी संख्या में सड़क पर इकट्ठा हो गए और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन को शव ले जाने से रोक दिया और मांग की कि जब तक उच्च अधिकारी और परिजन मौके पर नहीं आते, तब तक शव नहीं उठाए जाएंगे। आक्रोशित लोगों ने कहा कि इसी प्रखंड में टोल प्लाजा है और एनएच पर चलने के लिए हर वाहन को टैक्स चुकाना पड़ता है। इसके बावजूद सड़कों की कोई देखरेख नहीं होती है और जगह-जगह बने गड्ढे बन चुके हैं। लोगों ने कहा कि एनएचएआई, स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। क्षेत्र के विधायक-सांसद भी इन मौतों पर चुप्पी साधे रहते हैं, जिससे साफ है कि सड़कों पर ‘टोल दीजिए और मौत लीजिए’ का सिलसिला लगातार चल रहा है। 24 घंटे में बछवाड़ा में तीन सड़क हादसों में चार की मौत ग्रामीणों ने कहा कि पिछले महज 24 घंटे के भीतर बछवाड़ा थाना क्षेत्र के अरवा, चिरंजीवीपुर और मोहनिया ढाला में तीन सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें चार लोगों की जान गई। इधर, हंगामा की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम और थानाध्यक्ष विकास कुमार राय पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को काफी समझाया-बुझाया और शांत करने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया कि एनएच की जर्जर हालत को सुधारने के लिए पहले भी लिखित में पत्राचार किया जा चुका है और अब इस ताजा हादसे से वरीय अधिकारियों तथा एनएचएआई को अवगत कराया जाएगा। पुलिस ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि अज्ञात बस का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। करीब तीन घंटे तक चले बवाल और जाम के बाद पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया। थानाध्यक्ष विकास कुमार राय ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है और फरार बस की तलाश जारी है। बेगूसराय के बछवाड़ा में अज्ञात तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार दो युवकों को रविवार को कुचल दिया। हादसे में बाइक सवार दोनों लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतक रिश्ते में चाचा और भतीजा थे। घटना रानी पंचायत-दो स्थित झमटिया कोल्ड स्टोरेज और मोहिनीया ढ़ाला के बीच ओल्ड एनएच-28 पर हुई। हादसे के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने एनएच को तीन घंटे तक पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क पर उतरे आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे ऑथरेटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ हंगामा किया। अंतिम संस्कार से लौटने के दौरान हादसा मृतकों की पहचान समस्तीपुर जिले के बैनी थाना क्षेत्र के दिगम्बरा पुसा रोड निवासी कुंदन कुमार सिंह के बेटे अंशु कुमार (23) और गोपाल सिंह के बेटे गुलशन कुमार (26) के रूप में की गई है। दोनों युवक अंशु के नाना के दाह-संस्कार में शामिल होने के लिए पटना के बाढ़ थाना क्षेत्र के करजान गांव गए थे। शुक्रवार को उनके नाना का देहांत हो गया था और शनिवार को उनका अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया था। इसके बाद रविवार की दोपहर दोनों चाचा-भतीजा बाइक पर सवार होकर समस्तीपुर स्थित अपने घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वे हादसे के शिकार हो गए। परिजन ने बताया कि अंशु कुमार मोतिहारी में एक बर्गर-पिज्जा की दुकान पर काम करता था, जबकि उसका भतीजा गुलशन कुमार बीए फाइनल ईयर का छात्र था। दोनों ही अपने माता-पिता के बड़े बेटे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि NH-122 (पुराना NH-28) की बदहाल और जर्जर स्थिति इस दुर्घटना की मुख्य वजह बनी है। सड़क पर जगह-जगह इतने गहरे और खतरनाक गड्ढे बन चुके हैं कि ड्राइवरों का गाड़ियों पर कंट्रोल मुश्किल होता है। गड्ढे से बचकर निकलने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान बस ने कुचला बताया जा रहा है कि बाइक सवार अंशु और गुलशन तेघड़ा की ओर से समस्तीपुर जा रहे थे। मोहनिया ढाला और झमटिया कोल्ड स्टोरेज के समीप सड़क पर बने गड्ढे से बचकर निकलने की कोशिश के बाद उनकी बाइक एक बस से टकराकर सड़क पर गिर गई। इसी दौरान पीछे से आ रही दूसरी तेज रफ्तार बस ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर भारी संख्या में सड़क पर इकट्ठा हो गए और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन को शव ले जाने से रोक दिया और मांग की कि जब तक उच्च अधिकारी और परिजन मौके पर नहीं आते, तब तक शव नहीं उठाए जाएंगे। आक्रोशित लोगों ने कहा कि इसी प्रखंड में टोल प्लाजा है और एनएच पर चलने के लिए हर वाहन को टैक्स चुकाना पड़ता है। इसके बावजूद सड़कों की कोई देखरेख नहीं होती है और जगह-जगह बने गड्ढे बन चुके हैं। लोगों ने कहा कि एनएचएआई, स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। क्षेत्र के विधायक-सांसद भी इन मौतों पर चुप्पी साधे रहते हैं, जिससे साफ है कि सड़कों पर ‘टोल दीजिए और मौत लीजिए’ का सिलसिला लगातार चल रहा है। 24 घंटे में बछवाड़ा में तीन सड़क हादसों में चार की मौत ग्रामीणों ने कहा कि पिछले महज 24 घंटे के भीतर बछवाड़ा थाना क्षेत्र के अरवा, चिरंजीवीपुर और मोहनिया ढाला में तीन सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें चार लोगों की जान गई। इधर, हंगामा की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम और थानाध्यक्ष विकास कुमार राय पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को काफी समझाया-बुझाया और शांत करने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया कि एनएच की जर्जर हालत को सुधारने के लिए पहले भी लिखित में पत्राचार किया जा चुका है और अब इस ताजा हादसे से वरीय अधिकारियों तथा एनएचएआई को अवगत कराया जाएगा। पुलिस ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि अज्ञात बस का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। करीब तीन घंटे तक चले बवाल और जाम के बाद पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया। थानाध्यक्ष विकास कुमार राय ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है और फरार बस की तलाश जारी है।  

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