गुरुग्राम में गोतस्करों का पीछा कर रहे मोनू-मानेसर पर फायरिंग:दिन में रेकी कर रात में उठाते थे पशु, एक आरोपी पकड़ा, दो नंदी बरामद

गुरुग्राम में गोतस्करों का पीछा कर रहे मोनू-मानेसर पर फायरिंग:दिन में रेकी कर रात में उठाते थे पशु, एक आरोपी पकड़ा, दो नंदी बरामद

गुरुग्राम में बिलासपुर और पलवल के होडल में दो अलग-अलग ऑपरेशनों के तहत गोवंश से भरी गाड़ियों को पकड़ा गया है। बिलासपुर के पास पिकअप गाड़ी से दो नंदी बरामद कर एक गोतस्कर को हिरासत में लिया गया है। यह पूरी कार्रवाई बजरंग दल के गौरक्षा दल के प्रमुख विवादित गोरक्षक मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर और उनकी टीम ने आज तड़के बिलासपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर फिल्मी अंदाज में पकड़ा है। इस कार्रवाई के दौरान तस्करों की तरफ से पीछा कर रहे मोनू मानेसर और उसकी टीम पर फायरिंग भी की गई। जमानत पर आने के बाद पहला एक्शन डबल मर्डर केस में राजस्थान की जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद मोनू पहली बार इस तरह की कार्रवाई में शामिल हुए हैं। हालांकि उनकी टीम लगातार गोतस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। गौरक्षक मोनू मानेसर ने बताया कि उन्हें पिछले काफी समय से सूचनाएं मिल रही थीं कि बिलासपुर औद्योगिक क्षेत्र और उसके आसपास के गांवों से प्रतिदिन रात और तड़के के समय बेसहारा पशुओं को क्रूरता से गाड़ियों में लादकर गोकशी के लिए ले जाया जाता है। इस इनपुट के आधार पर रात अपनी विशेष टीम के साथ बिलासपुर क्षेत्र में रणनीतिक नाकेबंदी की। पीछा कर पकड़ा गया, फायरिंग की गई अलसुबह एक संदिग्ध महिंद्रा पिकअप गाड़ी तेज रफ्तार में आती दिखाई दी। गोरक्षकों ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो ड्राइवर ने गाड़ी भगाने का प्रयास किया। टीम ने पीछा कर फिल्मी अंदाज में गाड़ी को चारों तरफ से घेरकर रोक लिया। इसी दौरान पिकअप में मौजूद तस्करों की तरफ से फायरिंग कर दी गई। हालांकि बाद में पिकअप को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर पिकअप के अंदर दो नंदी को बेरहमी से हाथ-पैर बांधकर ठूंसा गया था। टीम ने मौके से भाग रहे एक गो-तस्कर को मुस्तैदी दिखाते हुए दबोच लिया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। होडल में ब्रिजा कार को पकड़ा बिलासपुर में कार्रवाई के तुरंत बाद मोनू मानेसर की टीम के अन्य सदस्यों को पलवल जिले के होडल क्षेत्र में भी गो-तस्करी की सूचना मिली। टीम ने तत्काल प्रभाव से होडल बॉर्डर और नेशनल हाईवे के पास जाल बिछाया। वहां भी तस्करी के उद्देश्य से ले जाई जा रही एक ब्रिजा कार को रुकवाया गया। गोरक्षकों को देखकर तस्कर गाड़ी छोड़कर भागने लगे, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर टीम ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला और गोवंश को सुरक्षित मुक्त कराया। यह पूरा एक संगठित सिंडिकेट माेनू मानेसर ने आरोप लगाया कि यह पूरा एक संगठित सिंडिकेट है। पकड़े गए आरोपी और उनके साथी प्रतिदिन बिलासपुर और आसपास के हाइवे पर दिन में रेकी करते थे। आवारा गोवंश को जबरन उठाते थे और इन्हें अवैध रूप से कटान के लिए मेवात या अन्य सीमावर्ती इलाकों में ले जाते थे। घटना की जानकारी मिलते ही हरियाणा पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। गोरक्षकों ने बचाए गए दोनों नंदी को तुरंत गोशाला में उपचार और देखभाल के लिए भिजवाया। इसके साथ ही पकड़े गए आरोपी तस्कर, तस्करी में इस्तेमाल की जा रही पिकअप गाड़ी और अन्य साक्ष्यों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गोरक्षकों की शिकायत के आधार पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और हरियाणा गौवंश संरक्षण एवं गौसंवर्धन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगनाओं का पर्दाफाश किया जा सके।

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