बेगूसराय की 2 पुरानी मांगों पर सरकार की मुहर:दिनकर यूनिवर्सिटी मंजूर; शुगर मिल का सर्वे पूरा, गिरिराज ने CM- PM का जताया आभार

बेगूसराय की 2 पुरानी मांगों पर सरकार की मुहर:दिनकर यूनिवर्सिटी मंजूर; शुगर मिल का सर्वे पूरा, गिरिराज ने CM- PM का जताया आभार

बिहार के औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र बेगूसराय के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। लंबे समय से चली आ रही बेगूसराय वासियों की 2 प्रमुख मांगों पर बिहार सरकार ने मुहर लगा दी है। पहली बड़ी सौगात के रूप में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर बेगूसराय में नए विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। दूसरी सौगात जिले में बंद पड़े या नए चीनी मिल (शुगर मिल) की स्थापना को लेकर सरकार की ओर से सर्वे पूरा कर लिया गया है और जिला प्रशासन ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन दोनों बड़ी उपलब्धियों पर केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने पीसी कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया है। दो महीने के भीतर कैबिनेट से पास हुआ दिनकर विश्वविद्यालय केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बेगूसराय में विश्वविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के छात्रों और बुद्धिजीवियों का वर्षों पुराना सपना रहा है। बीते 19 जुलाई को बेगूसराय में सरस्वती विद्या केंद्र (मॉडल स्कूल) के उद्घाटन के दौरान सीएम की ओर से इस विश्वविद्यालय की घोषणा की गई थी। महज दो महीने के भीतर राज्य सरकार ने तत्परता दिखाते हुए कैबिनेट से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया। गिरिराज सिंह ने बताया कि नए दिनकर विश्वविद्यालय के अस्तित्व में आने से बेगूसराय और पड़ोसी खगड़िया जिले के सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालय अब इसी विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे। इससे पहले इस क्षेत्र के महाविद्यालयों को दूसरे सुदूर विश्वविद्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे सत्र में देरी और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस नए विश्वविद्यालय के बनने से हजारों छात्र-छात्राओं को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त होगी।
कई बार प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी उन्होंने बताया कि आज से 20 साल पहले हमारे कई स्थानीय कार्यकर्ताओं, जिलाध्यक्षों और नेताओं ने बेगूसराय में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए कड़ा संघर्ष किया था। इस मांग को लेकर हमारे कार्यकर्ताओं को पूरे-पूरे दिन थाने में बंद रहना पड़ा था। गिरिराज सिंह ने कहा कि इसके लिए कई बार प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी। आज महादेव की कृपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोग और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह घोषणा न केवल पूरी हुई, बल्कि कैबिनेट से स्वीकृत होकर धरातल पर उतरने जा रही है। आने वाले वित्तीय वर्ष से नियम, बायलॉज और प्रक्रिया पूरी कर इसका कार्य और शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय को क्रियाशील बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं। बायलॉज का निर्माण, नियम-कानून तय करना, पदों का सृजन और इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था होगी।
शुगर मिल की स्थापना का रास्ता साफ गिरिराज सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के साथ-साथ बेगूसराय के किसानों और मजदूरों के लिए दूसरी बड़ी खुशखबरी चीनी मिल को लेकर आई है। बेगूसराय जिले में गन्ने की खेती की प्रचुर संभावनाएं रही और खेती होती है, लेकिन चीनी मिल के अभाव में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। बेगूसराय के एनडीए विधायकों, विशेषकर स्थानीय विधायक कुंदन कुमार और राज्य सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के निरंतर प्रयासों के बाद बिहार सरकार ने जिले में चीनी मिल की स्थापना के लिए तकनीकी और व्यावहारिक सर्वे पूरा करा लिया है। इस चीनी मिल के चालू होने से जिले के हजारों किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिलेगा और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मु बिहार के औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र बेगूसराय के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। लंबे समय से चली आ रही बेगूसराय वासियों की 2 प्रमुख मांगों पर बिहार सरकार ने मुहर लगा दी है। पहली बड़ी सौगात के रूप में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर बेगूसराय में नए विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। दूसरी सौगात जिले में बंद पड़े या नए चीनी मिल (शुगर मिल) की स्थापना को लेकर सरकार की ओर से सर्वे पूरा कर लिया गया है और जिला प्रशासन ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन दोनों बड़ी उपलब्धियों पर केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने पीसी कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया है। दो महीने के भीतर कैबिनेट से पास हुआ दिनकर विश्वविद्यालय केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बेगूसराय में विश्वविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के छात्रों और बुद्धिजीवियों का वर्षों पुराना सपना रहा है। बीते 19 जुलाई को बेगूसराय में सरस्वती विद्या केंद्र (मॉडल स्कूल) के उद्घाटन के दौरान सीएम की ओर से इस विश्वविद्यालय की घोषणा की गई थी। महज दो महीने के भीतर राज्य सरकार ने तत्परता दिखाते हुए कैबिनेट से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया। गिरिराज सिंह ने बताया कि नए दिनकर विश्वविद्यालय के अस्तित्व में आने से बेगूसराय और पड़ोसी खगड़िया जिले के सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालय अब इसी विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे। इससे पहले इस क्षेत्र के महाविद्यालयों को दूसरे सुदूर विश्वविद्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे सत्र में देरी और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस नए विश्वविद्यालय के बनने से हजारों छात्र-छात्राओं को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त होगी।
कई बार प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी उन्होंने बताया कि आज से 20 साल पहले हमारे कई स्थानीय कार्यकर्ताओं, जिलाध्यक्षों और नेताओं ने बेगूसराय में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए कड़ा संघर्ष किया था। इस मांग को लेकर हमारे कार्यकर्ताओं को पूरे-पूरे दिन थाने में बंद रहना पड़ा था। गिरिराज सिंह ने कहा कि इसके लिए कई बार प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी। आज महादेव की कृपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोग और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह घोषणा न केवल पूरी हुई, बल्कि कैबिनेट से स्वीकृत होकर धरातल पर उतरने जा रही है। आने वाले वित्तीय वर्ष से नियम, बायलॉज और प्रक्रिया पूरी कर इसका कार्य और शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय को क्रियाशील बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं। बायलॉज का निर्माण, नियम-कानून तय करना, पदों का सृजन और इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था होगी।
शुगर मिल की स्थापना का रास्ता साफ गिरिराज सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के साथ-साथ बेगूसराय के किसानों और मजदूरों के लिए दूसरी बड़ी खुशखबरी चीनी मिल को लेकर आई है। बेगूसराय जिले में गन्ने की खेती की प्रचुर संभावनाएं रही और खेती होती है, लेकिन चीनी मिल के अभाव में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। बेगूसराय के एनडीए विधायकों, विशेषकर स्थानीय विधायक कुंदन कुमार और राज्य सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के निरंतर प्रयासों के बाद बिहार सरकार ने जिले में चीनी मिल की स्थापना के लिए तकनीकी और व्यावहारिक सर्वे पूरा करा लिया है। इस चीनी मिल के चालू होने से जिले के हजारों किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिलेगा और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मु  

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