बिहार पुलिस ड्राइवर अभ्यर्थियों को गर्दनीबाग धरना स्थल पर धरना देते हुए 45 दिन से ज्यादा हो गए हैं। आज गर्दनीबाग धरना स्थल पर उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। सभी अभ्यर्थियों ने थाली और चम्मच बजाकर अपना विरोध जताया। इसके साथ ही तिरंगा झंडा भी लेकर विरोध जताया। इससे पहले भी अभ्यर्थी गर्दनीबाग में छठ पूजा किया और विरोध जता चुके हैं। पीली धोती में अभ्यर्थी ने छठ पूजा की परंपरा के अनुरूप हाथों में सूप और कलश लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। बिहार सरकार के कान नहीं खुले, इसलिए थाली-चम्मच पीट रहे- अभ्यर्थी अभ्यर्थियों का कहना है कि हमारे प्रदर्शन को 45 दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी तक बिहार सरकार के कान नहीं खुले हैं। जिस तरह मोदी जी ने कोरोना काल में थाली और चम्मच बजवाया था। उसी तरह आज हम लोग भी कर रहे हैं, ताकि सरकार हमारी मांगों को सुन ले। सरकार स्टूडेंट्स के बातों को नहीं सुन रही है। इसलिए आज फिर से भर्ती प्रक्रिया में खाली रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों को उसी श्रेणी के पुरुष अभ्यर्थियों से भरने की मांग को लेकर बिहार पुलिस ड्राइवर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। रिक्त सीटों को भरने की मांग अभ्यर्थियों की मुख्य मांग भर्ती में रिक्त रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों को लेकर है। उनका कहना है कि यदि नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो इन सीटों को संबंधित श्रेणी के योग्य पुरुष अभ्यर्थियों से भरने पर विचार किया जाना चाहिए। इससे सीटें रिक्त रहने से बचेंगी और भर्ती में शामिल योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सकेगा। बची सीटों पर पुरुषों के लिए वैकेंसी निकालने की मांग बिहार पुलिस से ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थी रंजीत ने कहा, हम लोग कई दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। घर से भी अब कहा जा रहा है कि हम लोग पढ़ाई-लिखाई नहीं कर रहे हैं, बस धरना दे रहे हैं। मगर अपने हक के लिए हम नहीं लड़ेंगे तो कौन लड़ेगा। हमारी यही मांग है कि बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती में जो खाली सीट है। वह महिलाओं को देने के बाद जो बचता है, उस पर हम पुरुषों के लिए वैकेंसी निकाली जाए। इसी नियम के तहत सरकार दरोगा भर्ती में सीट दे रही है, तो फिर ड्राइवर भर्ती में क्यों नहीं। पहले पुलिस ने अभ्यर्थियों को किया था डिटेन एक हफ्ते पहले ड्राइवर अभ्यर्थी सीएम हाउस का घेराव करने वाले थे, मगर प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने अभ्यर्थियों को डिटेल कर लिया था। गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास जुटे अभ्यर्थियों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पकड़ा था। पुलिस प्रदर्शनकारियों को गांधी मैदान से भगा रही थी। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गांधी मैदान गेट नंबर 10 पर ही पुलिस ने बैरिकेडिंग तक कर दी थी। गांधी मैदान के अंदर बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी। बिहार पुलिस ड्राइवर अभ्यर्थियों को गर्दनीबाग धरना स्थल पर धरना देते हुए 45 दिन से ज्यादा हो गए हैं। आज गर्दनीबाग धरना स्थल पर उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। सभी अभ्यर्थियों ने थाली और चम्मच बजाकर अपना विरोध जताया। इसके साथ ही तिरंगा झंडा भी लेकर विरोध जताया। इससे पहले भी अभ्यर्थी गर्दनीबाग में छठ पूजा किया और विरोध जता चुके हैं। पीली धोती में अभ्यर्थी ने छठ पूजा की परंपरा के अनुरूप हाथों में सूप और कलश लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। बिहार सरकार के कान नहीं खुले, इसलिए थाली-चम्मच पीट रहे- अभ्यर्थी अभ्यर्थियों का कहना है कि हमारे प्रदर्शन को 45 दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी तक बिहार सरकार के कान नहीं खुले हैं। जिस तरह मोदी जी ने कोरोना काल में थाली और चम्मच बजवाया था। उसी तरह आज हम लोग भी कर रहे हैं, ताकि सरकार हमारी मांगों को सुन ले। सरकार स्टूडेंट्स के बातों को नहीं सुन रही है। इसलिए आज फिर से भर्ती प्रक्रिया में खाली रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों को उसी श्रेणी के पुरुष अभ्यर्थियों से भरने की मांग को लेकर बिहार पुलिस ड्राइवर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। रिक्त सीटों को भरने की मांग अभ्यर्थियों की मुख्य मांग भर्ती में रिक्त रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों को लेकर है। उनका कहना है कि यदि नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो इन सीटों को संबंधित श्रेणी के योग्य पुरुष अभ्यर्थियों से भरने पर विचार किया जाना चाहिए। इससे सीटें रिक्त रहने से बचेंगी और भर्ती में शामिल योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सकेगा। बची सीटों पर पुरुषों के लिए वैकेंसी निकालने की मांग बिहार पुलिस से ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थी रंजीत ने कहा, हम लोग कई दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। घर से भी अब कहा जा रहा है कि हम लोग पढ़ाई-लिखाई नहीं कर रहे हैं, बस धरना दे रहे हैं। मगर अपने हक के लिए हम नहीं लड़ेंगे तो कौन लड़ेगा। हमारी यही मांग है कि बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती में जो खाली सीट है। वह महिलाओं को देने के बाद जो बचता है, उस पर हम पुरुषों के लिए वैकेंसी निकाली जाए। इसी नियम के तहत सरकार दरोगा भर्ती में सीट दे रही है, तो फिर ड्राइवर भर्ती में क्यों नहीं। पहले पुलिस ने अभ्यर्थियों को किया था डिटेन एक हफ्ते पहले ड्राइवर अभ्यर्थी सीएम हाउस का घेराव करने वाले थे, मगर प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने अभ्यर्थियों को डिटेल कर लिया था। गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास जुटे अभ्यर्थियों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पकड़ा था। पुलिस प्रदर्शनकारियों को गांधी मैदान से भगा रही थी। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गांधी मैदान गेट नंबर 10 पर ही पुलिस ने बैरिकेडिंग तक कर दी थी। गांधी मैदान के अंदर बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी।

